मणिपुर में 2 नगा नागरिकों की हत्या, कुकी पर आरोप:CM बोले- कायराना हरकत; सितंबर में 13 की मौत, 7 महीने में 50 जान गई | ACTPnews

मणिपुर में 2 नगा नागरिकों की हत्या, कुकी पर आरोप:CM बोले- कायराना हरकत; सितंबर में 13 की मौत, 7 महीने में 50 जान गई

मणिपुर के सेनापति जिले के कलेंजांग गांव में मुखिया के घर में मौजूद लोगों पर हथियारबंद हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस घटना में दो नगा लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। घटना शनिवार दोपहर को हुई। मृतकों की पहचान रॉकी माओ और कुमार पुमई के रूप में हुई है। घायलों की पहचान अदानी मैनियो और आशिहो सानी के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय सूत्रों ने हमले के पीछे कुकी समुदाय के सदस्यों का हाथ होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। हमलावरों की पहचान को लेकर भी पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सीएम खेमचंद सिंह ने इस हत्या को निर्दोष लोगों के खिलाफ कायरतापूर्ण हिंसा बताया। सितंबर में चार जिलों में हुई अलग-अलग गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। स्थानीय संगठनों के मुताबिक, फरवरी से अब तक कम से कम 50 आम नागरिक मारे जा चुके हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। पूर्व सीएम बोले- नागरिक को बिना डर के जीने का अधिकार था पूर्व सीएम बीरेन सिंह ने भी हत्याओं की निंदा की और कहा कि इस साल अब तक 60 से ज्यादा लोगों की हत्या हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ये आम नागरिक थे, जिन्हें बिना डर के जीने का अधिकार था। उन्होंने सवाल किया कि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के बजाय आखिर कब तक शव गिनते रहेंगे। ये हत्याएं यूनाइटेड नगा काउंसिल (UNC) की ओर से राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों पर चार महीने से जारी आर्थिक नाकेबंदी को अस्थायी रूप से रोकने के फैसले की घोषणा से करीब एक घंटे पहले हुईं। उग्रवादियों ने 4 नगा लोगों की हत्या की, आरोपी म्यांमार से आए थे इससे पहले 24 सितंबर को कामजोंग जिले में चार नगा लोगों की हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) के उग्रवादियों पर लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक, हथियारों से लैस उग्रवादियों ने पिलोंग नगा गांव में ग्रामीणों पर गोलीबारी की थी। पिलोंग नगा गांव कामजोंग जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर है। मृतकों की पहचान फामी जाजो, निंगथेम कसाक, बेटरसन जाजो और वरेइशिम जाजो के रूप में हुई है। इनमें वरेइशिम जाजो और फामी जाजो पिता-पुत्र थे। 17 सितंबर- मणिपुर में चीनी ₹450kg तक बिक रही मणिपुर में कुकी और नगा समुदाय में तनाव के बीच पहाड़ी इलाकों में जनजीवन प्रभावित है। 7 दिन से कई जगह स्कूल और बाजार बंद थी। 7 पहाड़ी जिलों से संपर्क प्रभावित है। सड़कों और हाईवे पर नाकेबंदी के कारण सामान्य आवाजाही मुश्किल हो गई है। हिंसा के चलते जरूरी सामान की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। कांगपोकपी के कुछ गांवों में चीनी ₹400-450 किलो तक बिक रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, लोग डर के कारण घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। खेतों में जाना और मेडिकल इमरजेंसी में अस्पताल या एयरपोर्ट पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। 15 सितंबर- लीसांगफाई में दो कुकी महिलाओं की हत्या तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई गांव में दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कई फार्महाउसों में भी आग लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। एक कुकी विधायक ने दोनों महिलाओं की हत्या की निंदा की। उन्होंने वारदात में NSCN-IM और ZUF-K कैडर के शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मणिपुर में 2023 से हिंसा, इस साल फरवरी से तनाव बढ़ा मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच 3 मई 2023 को हिंसा शुरू हुई थी। उसके बाद से अब तक राज्य में तनाव की स्थिति रही है। हिंसा में सैकड़ों लोगों की मौत हुई और हजारों लोग विस्थापित हुए। बीच-बीच में फायरिंग, आगजनी और झड़पों की घटनाएं सामने आती रही हैं। इस साल फरवरी में उखरुल के लिटन गांव से कुकी और नगा समुदायों के बीच नया तनाव शुरू हुआ। इसके बाद पहाड़ी इलाकों में हिंसा बढ़ती गई। सितंबर में तामेंगलोंग और कांगपोकपी में हत्या, फायरिंग और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। ——————- ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर के रिलीफ कैंप में 25 मौतें कैसे:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आदेश देने को मजबूर न करें; 3 साल में राहत कैंपों में 640 मौतें सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के 8 राहत शिविरों में संदिग्ध मौतों और यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर राज्य सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने मुख्य सचिव से 25 मौतों की रिपोर्ट मांगी। पूरी खबर पढ़ें…



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