मलयालम एक्टर सलीम कुमार का कार्डियक अरेस्ट से निधन:राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था; तमिल-ओडिया समेत 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया | ACTPnews

मलयालम एक्टर सलीम कुमार का कार्डियक अरेस्ट से निधन:राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था; तमिल-ओडिया समेत 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मलयालम एक्टर सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण शनिवार रात निधन हो गया। वह अस्वस्थ होने के बाद कोच्चि (केरल) के अमृता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार को पारावुर टाउन हॉल में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। दोपहर 3 बजे एर्नाकुलम के नॉर्थ पारावुर स्थित उनके आवास पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। केरल सरकार ने उनके निधन पर दुख जताया। सरकार ने अंतिम संस्कार और उससे जुड़े सभी खर्च वहन करने का फैसला किया है। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया सलीम कुमार मलयालम सिनेमा के सबसे बहुमुखी कलाकारों में गिने जाते थे। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में अभिनय किया। साथ ही कुछ तमिल और ओडिया फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉमिक रोल से की और अपनी कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने गए। बाद में उन्होंने खुद को कैरेक्टर एक्टर के तौर पर स्थापित किया। केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित हुए सलीम कुमार 2010 में ‘आदामिन्टे मकन अबू’ में अबू की भूमिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरल राज्य फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा ‘अचनुरंगथा वीडु’ (2005) के लिए द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, ‘अयालुम न्जानुम थम्मिल’ (2013) के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता और ‘करुथा जूथन’ (2017) के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी का केरल राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला। सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता, दो बेटे चंदू सलीम कुमार और आरोमल सलीम कुमार हैं। चंदू सलीम कुमार भी एक्टर हैं। चंदू सुपरहिट फिल्म मंजुम्मेल बॉयज (2024) में दिखाई दिए थे। डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था सलीम कुमार ने डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था। उन्होंने फिल्म ‘ओम शांति ओशाना’ में बतौर नैरेटर अपनी आवाज दी थी। वहीं, ‘यूटोपियायिले राजावु’ में उन्होंने एक कौवे के किरदार को आवाज दी। फिल्म ‘अलमारा’ में उन्होंने लकड़ी की अलमारी के किरदार के लिए डबिंग की थी। इसके अलावा ‘केशु ई वीडिंटे नाधन’ में उन्होंने नैरेटर की भूमिका निभाई। वहीं, ‘मुकुंदन उन्नी एसोसिएट्स’ में उन्होंने मुख्य किरदार मुकुंदन के दादा की आवाज दी थी।



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