'राम मंदिर के बेईमानों को 7 वंश तक श्राप लगेगा':नृपेंद्र मिश्रा बोले- चर्चा है लोग जेबों में गड्डियां लेकर गए, बैंक भी बच नहीं सकता | ACTPnews

'राम मंदिर के बेईमानों को 7 वंश तक श्राप लगेगा':नृपेंद्र मिश्रा बोले- चर्चा है लोग जेबों में गड्डियां लेकर गए, बैंक भी बच नहीं सकता

‘चंपत राय श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के कर्ता-धर्ता हैं। चंपत राय की निष्ठा पर सवाल नहीं उठाऊंगा। वह पिछले 35 सालों से मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए हैं। लेकिन निगरानी में कमी की है। चढ़ावे में बेईमानी करने वालों को 7 वंश तक श्राप लगेगा।’ ये बातें अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पूर्व आईएएस नृपेंद्र मिश्रा ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में कही। 71 एकड़ में फैले राम मंदिर का निर्माण नृपेंद्र मिश्रा की देखरेख में हुआ है। वे श्रीराम जन्मभूमि निर्माण समिति के चेयरमैन हैं। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा- चढ़ावा चोरी का मामला पहले सामने आए जमीन खरीद विवाद से अधिक गंभीर और चुनौतीपूर्ण है। जमीन खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी। वह घटना एक चेतावनी थी कि अगर व्यवस्थाओं में पारदर्शिता नहीं होगी तो कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… नृपेंद्र मिश्रा की 4 बड़ी बातें 1- चढ़ावे में गड़बड़ियों में मुझे दुख है: श्रद्धालुओं के विश्वास में आई कमी को ठीक करना है। मैनेजमेंट के दो हिस्से होते हैं- निष्ठा और निगरानी। पहला हिस्सा- कर्मचारियों की निष्ठा के प्रति विश्वास रखना। दूसरा हिस्सा- कर्मचारियों की निगरानी रखना। निष्ठा और निगरानी एक सिक्के के दो पहलू हैं। चंपत राय से निष्ठा नहीं, निगरानी में कमी हुई है। मुझे मंदिर के चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित गड़बड़ियों पर दुख है। 2- कभी 4 तो कभी 10 करोड़ से ज्यादा दान आया: चढ़ावे में चोरी कब से हो रही इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। SIT जांच कर रही है, मैं अनुमान नहीं लगाऊंगा। मेरी कोशिश रहती है कि ट्रस्ट के काम में दखल न दूं। चढ़ावे में चोरी की ख़बरों के बाद अलग से जानकारी जुटाई। पिछले 3 साल में हर महीने कितना पैसा आया इसकी जानकारी जुटाई। कभी 4 करोड़ तो कभी 10 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा आया। 3- SBI के रोल को भी देखना होगा: दान या चढ़ावे को लेकर बहुत पारदर्शिता रखी जानी चाहिए। रोजाना हिसाब का लेखा-जोखा वेबसाइट पर आना चाहिए। गाइडलाइन में लिखा है कि बिना जेब वाले कपड़े पहनने चाहिए। प्रवेश के समय और बाहर जाते समय पूरी जांच हो। चर्चा है कि लोग पॉकेट में गड्डियां लेकर बाहर गए। दिशा निर्देश अच्छे हैं, क्रियान्यवन में कमी रह गई। पूरी प्रक्रिया में SBI के रोल को भी देखना होगा। SBI इससे बच नहीं सकता, काउंटिंग की जिम्मेदारी उनकी है। समझौते में लिखा है कि SBI काउंटिंग कराएगा। बहुमूल्य धातु को लेकर भी SIT जांच करेगी। श्रद्धालुओं ने दान पात्र में अंगूठियां भी डालीं। कान के गहने और सोने की चूड़ियां भी दान पात्र में डाले गए। दान पात्र में डाले गए आभूषण की रसीद नहीं है। 4- CEO बनाया जाए, अयोध्या के साथ इमोशनल कनेक्ट होना जरूरी: SIT हर चीज की बारीकी से जांच कर रही है। सबसे अलग-अलग पूछताछ भी की जा रही है। ट्रस्ट की तरफ से मामले की लीपापोती असंभव है। ट्रस्ट की तरफ से SIT जांच का अनुरोध किया गया था। SIT की जांच किसी भी लेवल पर प्रभावित नहीं होगी। सुधार के लिए हर लेवल पर कदम उठाने होंगे। सीनियर अफसर को मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाना चाहिए। ट्रस्ट के साथ मिलकर मुख्य कार्यकारी अधिकारी काम करे। CEO का अयोध्या के साथ इमोशनल कनेक्ट होना जरूरी है। PM के सहयोगियों की तरफ से मुझसे जानकारी मांगी गई। पीएम मोदी के लौटने पर सहयोगी उनसे चर्चा कर सकते हैं। चढ़ावे में बेईमानी करने वालों को 7 वंश तक श्राप लगेगा। ———————– यह खबर भी पढ़ें:- राममंदिर चढ़ावा चोरी जांच के बीच योगी कल अयोध्या में, प्रशासन ने चंपत राय से कहा- आप न आएं, अपना प्रतिनिधि भेजें राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच सीएम योगी शुक्रवार को अयोध्या जाएंगे। वह राम मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे, लेकिन मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को कार्यक्रम में आने से मना किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन ने सीएम का जो प्रोटोकॉल लेटर जारी किया है, उसमें इस बात का जिक्र है। लेटर में पॉइंट नंबर 29 में चंपत राय से अनुरोध किया गया है कि योगी के राम मंदिर कार्यक्रम के लिए वह किसी अन्य व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि नामित करें। इसकी सूचना ड्यूटी मजिस्ट्रेट को दें। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports