डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। वह 30 दिन की पैरोल पर मंगलवार (26 मई) सुबह 6.30 बजे रोहतक की सुनारिया जेल से निकला और करीब सवा 9 बजे सिरसा डेरे पहुंच गया। उसके काफिले में टोयोटा लैंड क्रूजर, फॉर्च्यूनर लिजेंडर जैसी 8 महंगी गाड़ियां शामिल थीं। साध्वियों के यौन उत्पीड़न में उम्रकैद की सजा काट रहे राम रहीम की ये 16वीं पैरोल या फरलो है। इस साल के पहले 5 महीनों में ही वह दूसरी बार जेल से बाहर आया है। जनवरी-2026 में उसे 40 दिन की पैरोल मिली थी और वह फरवरी में ही वापस जेल लौटा था। वर्ष 2017 में सजा होने के बाद डेरा प्रमुख को इससे पहले 16 बार पैरोल और फरलो मिल चुकी। रोहतक जेल प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए राम रहीम को सुबह जल्दी जेल से बाहर भेजा, ताकि भीड़ एकत्रित न हो पाए। सिरसा डेरे में राम रहीम के काफिले की एंट्री पिछले गेट से हुई। डेरामुखी के सिरसा पहुंचने के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। 5 जनवरी को मिली थी 40 दिन की पैरोल साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई गई थी। वह सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। बीती 5 जनवरी को 40 दिन की पैराल पर जेल से बाहर आया था। उस वक्त शाह सतनाम दिवस था। वह सिरसा में डेरा के हेडक्वार्टर में रहा था। पहले भी, जब वह जेल से बाहर था, तो वह उत्तर प्रदेश के बागपत में डेरा के आश्रम में रहा था। इससे पहले सिरसा पहुंचने के तुरंत बाद, उन्होंने अपने फॉलोअर्स को एक वीडियो मैसेज जारी किया जिसमें उनसे डेरा अधिकारियों द्वारा जारी किए जाने वाले निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया। साल 2017 से जेल में बंद दरअसल, दोषी राम रहीम 25 अगस्त, 2017 से जेल में हैं, जब उन्हें साध्वियों के यौन उत्पीड़न से संबंधित दो मामलों में 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। 17 जनवरी 2019 को उन्हें पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में डेरा सच्चा सौदा के राम रहीम को बरी कर दिया था। मगर, कोर्ट ने 3 आरोपियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल की सजा को बरकरार रखा है। इसके अलावा अक्टूबर 2021 में, सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके तीन साल बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में भी डेरा प्रमुख को बरी कर दिया था। क्या होती हैं पैरोल-फरलो, जिन पर राम रहीम बाहर आता है… पैरोल: अगर कैदी ने अपनी सजा का एक हिस्सा पूरा कर लिया है, तो उसे पैरोल मिल सकती है। स्पेशल कंडीशंस में ही कैदियों को पैरोल मिलती है, जैसे- परिवार में किसी की मृत्यु हो जाए या बीमारी हो, किसी करीबी की शादी हो, या अन्य जरूरी वजह हों। पैरोल 2 तरह की होती है- रेगुलर और कस्टडी। रेगुलर पैरोल में कैदी आजाद रह सकता है, लेकिन कस्टडी पैरोल में कैदी के साथ पुलिस होती है। फरलो के बारे में भी जानिए: फरलो के लिए कैदी को किसी तरह की स्पेशल कंडीशन की जरूरत नहीं होती है। यह उसका कानूनी अधिकार है। हर राज्य ने फरलो के लिए अपने रूल्स और गाइडलाइंस बनाई हैं। कई राज्यों के रूल्स और गाइडलाइंस कमोबेश एक जैसे ही हैं, केवल फरलो पाने की प्रोसेस अलग-अलग है।
Source link
राम रहीम फिर जेल से बाहर आया:9 साल में 16वीं बार पैरोल; रोहतक जेल से 8 लग्जरी गाड़ियां लेकर निकलीं, सिरसा डेरे पहुंचा | ACTPnews

Previous Post
Next Post
Leave a Reply
Latest News
Search the Archives
Access over the years of investigative journalism and breaking reports











