Iran US War Bomb Drone Attack LIVE Update; IRGC CENTCOM | Donald Trump Hormuz Strait | ACTPnews

Iran US War Bomb Drone Attack LIVE Update; IRGC CENTCOM | Donald Trump Hormuz Strait


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वॉशिंगटन डीसी16 घंटे पहले

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बार फिर ईरान को बमबारी की धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में एक भी जहाज पर हमला हुआ तो ईरान में पुल और बिजली घरों को उड़ा देंगे। इसमें तेहरान की राजधानी के अंदर या उसके पास मौजूद पुल और बिजलीघर भी शामिल होंगे।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा,

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अब से अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला करता है, तो अमेरिका जवाब में ईरान के एक पुल या बिजलीघर को बम से उड़ा देगा।

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वहीं, अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान के पांच शहरों में एक साथ एयर और मिसाइल स्ट्राइक की। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक चाबहार, कोनारक, तबरीज, बेहबहान और ओमीदियेह को निशाना बनाया गया। सीजफायर टूटने के बाद अमेरिका ने लगातार 11वीं रात यह हमला किया।

अमेरिकी स्ट्राइक का वीडियो…

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…

1. भारत-चीन के टैंकरों ने रास्ता बदला: सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर भारत और चीन जा रहे दो टैंकर हूती विद्रोहियों की धमकी के बाद रेड सी में यू-टर्न लेकर स्वेज नहर की ओर लौट गए।

2. अमेरिका ने माना- ईरानी हमलों में 100 सैनिक घायल: पेंटागन ने स्वीकार किया कि 7 जुलाई के बाद ईरानी हमलों में करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए। इनमें से 96% सैनिक इलाज के बाद ड्यूटी पर लौट चुके हैं।

3. कतर ने ईरान से मुआवजा मांगा: कतर ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को पत्र भेजकर ईरान को हालिया हमलों और उनसे हुए सभी नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया और पूरा मुआवजा देने की मांग की।

4. ट्रम्प ने माना- जॉर्डन में एक ईरानी हमला सफल रहा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने माना कि जॉर्डन में ईरान का एक हमला सफल रहा। हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हुई थी।

5. ईरानी गृह मंत्री पाकिस्तान पहुंचे: ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी पाकिस्तान पहुंचे और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की। बाद में उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी बातचीत की।

ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

अपडेट्स

04:55 PM22 जुलाई 2026

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इजराइली मंत्री बोले- इजराइल के लिए सबसे अच्छा यही कि अमेरिका अकेले लड़े

इजराइल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का अकेले लड़ना इजराइल के लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

RT के मुताबिक, उन्होंने कहा, “इजराइल की इस जंग में सीधे शामिल होने की कोई दिलचस्पी नहीं है।”

04:45 PM22 जुलाई 2026

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जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर हमला

ईरान की न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती वाले एयरबेस पर ईरान ने हमला किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले के बाद एयरबेस से धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया, जिसे सैटेलाइट तस्वीरों में भी देखा गया।

04:03 PM22 जुलाई 2026

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ईरान का दावा- देश ने अपनी मिसाइल क्षमता बढ़ाना जारी रखा

ईरान की सेना ने दावा किया है कि अमेरिका के लगातार हमलों के बावजूद उसने अपनी मिसाइल क्षमता बढ़ाना जारी रखा है।

सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, ईरानी सेना के प्रवक्ता अबोलफजल शेकारची ने कहा कि अमेरिका-इजराइल संघर्ष के दौरान और समझौता (MoU) लागू रहने के समय भी सेना लगातार मिसाइल और हमलावर ड्रोन बनाती रही।

उन्होंने कहा, “नई मिसाइलें सीधे फैक्ट्री से सेना के इस्तेमाल के लिए भेजी जा रही हैं। साथ ही हमारे हथियारों का भंडार भी लगातार भरा जा रहा है।”

मई में CIA ने अनुमान लगाया था कि ईरान के पास जंग से पहले मौजूद मिसाइल भंडार का करीब 70 फीसदी हिस्सा अब भी बचा हुआ है।

03:28 PM22 जुलाई 2026

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ईरान में 53 नागरिकों की मौत, 590 से ज्यादा घायल

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि 27 जून से तेज हुए संघर्ष के बाद से अमेरिकी हमलों में अब तक कम से कम 53 नागरिकों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में तीन बच्चे भी शामिल हैं।

मंत्रालय के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में 590 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, फरवरी के आखिर में जंग शुरू होने के बाद से अब तक 18 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं।

02:56 PM22 जुलाई 2026

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ईरान बोला- अमेरिकी ठिकानों को बनाएंगे निशाना

अमेरिका की धमकी के बाद ईरान ने भी कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका उसके पुलों या बिजली संयंत्रों पर हमला करता है, तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिका से जुड़े पुल और ऊर्जा ठिकानों, को निशाना बनाएगा।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि अगर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड होर्मुज स्ट्रेट में किसी व्यावसायिक जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला करती है, तो अमेरिका जवाब में ईरान के एक पुल या बिजली संयंत्र पर हमला करेगा।

02:35 PM22 जुलाई 2026

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ट्रम्प बोले- अमेरिकी जनता युद्ध के खिलाफ नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जब पूछा गया कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल के युद्ध में लगातार अमेरिकी सैनिकों की मौत हो रही है और इसकी लोकप्रियता घट रही है, तो उन्होंने जवाब दिया, “अमेरिकी जनता इस युद्ध के खिलाफ नहीं हैं।”

ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी लोग पेट्रोल की बढ़ती कीमतें नहीं चाहते, लेकिन वे युद्ध का विरोध भी नहीं कर रहे हैं।”

02:07 PM22 जुलाई 2026

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ट्रम्प बोले- ईरान को अमेरिकी सैनिकों की मौत की भारी कीमत चुकानी होगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजिल देने जाते समय कहा कि ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।

पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा,

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हम आज अपने उन सैनिकों को सम्मान देने जा रहे हैं जिन्होंने अपनी जान गंवाई। राष्ट्रपति के तौर पर मेरे लिए यह सबसे मुश्किल कामों में से एक है।

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01:40 PM22 जुलाई 2026

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जॉर्डन ने ईरान के 4 ड्रोन मार गिराने का दावा किया

जॉर्डन और अमेरिका के संयुक्त प्रशिक्षण केंद्र के ऊपर एक F-16 विमान उड़ान भर रहा है।

जॉर्डन और अमेरिका के संयुक्त प्रशिक्षण केंद्र के ऊपर एक F-16 विमान उड़ान भर रहा है।

जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की 4 हमलावर ड्रोन को मार गिराया। अल जजीरा के मुताबिक, एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि जॉर्डन के लड़ाकू विमानों ने इन ड्रोन को देश की ओर बढ़ते समय हवा में ही नष्ट कर दिया।

इस घटना में किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है। ड्रोन का मलबा जहां-जहां गिरा, वहां इंजीनियरिंग कोर की टीमों ने पहुंचकर इलाके को सुरक्षित कर दिया।

जॉर्डन की सेना ने कहा कि वह देश के हवाई क्षेत्र पर लगातार नजर रखे हुए है और किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

01:11 PM22 जुलाई 2026

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ट्रम्प ने फिर ईरान को बमबारी की धमकी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बार फिर ईरान को बमबारी की धमकी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अब से अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला करता है, तो अमेरिका जवाब में ईरान के एक पुल या बिजलीघर को बम से उड़ा देगा। ट्रम्प ने कहा कि इसमें तेहरान की राजधानी के अंदर या उसके पास मौजूद पुल और बिजलीघर भी शामिल होंगे।

12:51 PM22 जुलाई 2026

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दावा- अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के लार्क द्वीप पर मिसाइल हमला किया

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में लार्क द्वीप पर मिसाइल हमला किया है।

तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:48 बजे हमले के दौरान द्वीप पर तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मिसाइल कहां गिरी, हमले से कितना नुकसान हुआ और उसका असर कितना गंभीर है।

12:11 PM22 जुलाई 2026

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ईरान बोला- अमेरिकी ठिकानों पर हमले में 2 हेलीकॉप्टर क्षतिग्रस्त

ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया जिसमें अमेरिकी सेना के 2 हेलीकॉप्टर क्षतिग्रस्त हुए। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, हमले में प्रिंस हसन और किंग फैसल एयरबेस को निशाना बनाया गया।

सेना का दावा है कि यहां मौजूद एफ-15 लड़ाकू विमानों का इंफ्रास्ट्रक्चर, ड्रोन तैयार करने की सुविधाएं और हेलीकॉप्टर स्टोरेज एरिया पर हमला किया गया। इस हमले में 8 MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट हो गए, जबकि 2 अन्य ड्रोन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए।

11:53 AM22 जुलाई 2026

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पाकिस्तान बोला- हूती सऊदी अरब को युद्ध में घसीटने की कोशिश कर रहे

पाकिस्तान ने कहा है कि वह यमन के हूती विद्रोहियों की सऊदी अरब के खिलाफ धमकियों और उसे युद्ध में घसीटने की कोशिशों को लेकर गहरी चिंता में है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वह हूतियों की ओर से सऊदी अरब और लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को दी गई धमकियों की कड़ी निंदा करता है। ऐसे कदम क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार के लिए खतरा हैं।

पाकिस्तान ने दोहराया कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और समृद्धि का पूरा समर्थन करता है।

11:24 AM22 जुलाई 2026

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हूती विद्रोही कौन हैं?

हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी का ऐलान किया। इसके बाद सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर भारत और चीन जा रहे दो तेल टैंकरों ने मंगलवार को रेड सी (लाल सागर) में यू-टर्न लेकर अपना रास्ता बदल लिया।

हूती विद्रोही यमन के उत्तरी हिस्से में रहने वाले जायदी शिया समुदाय का एक सशस्त्र संगठन है। इसकी शुरुआत 1990 के दशक में एक धार्मिक-सामाजिक आंदोलन के रूप में हुई थी। हूती सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाते थे।

2011 में ट्यूनीशिया से शुरू हुई अरब क्रांति की लहर यमन भी पहुंची। उस समय राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह करीब 33 साल से सत्ता में थे। युवाओं के प्रदर्शन की वजह से उनकी गद्दी छीन गई। फरवरी 2012 में अब्दरब्बू मंसूर हादी राष्ट्रपति बने। लेकिन उनकी सरकार कमजोर थी।

हूती विद्रोहियों ने इसका फायदा उठाया और सितंबर 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया। हालात इतने बिगड़ गए कि 2015 में राष्ट्रपति हादी को देश छोड़कर सऊदी अरब में शरण लेनी पड़ी। हादी के पद छोड़ने के बाद से यमन पर किसी एक सरकार का कंट्रोल नहीं है।

अभी यमन कई हिस्सों में बंटा हुआ है। हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन मिलता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों का समर्थन मिलता है।

10:53 AM22 जुलाई 2026

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तेहरान पर ड्रोन को मार गिराने का दावा

ईरानी मीडिया के मुताबिक, राजधानी तेहरान के ऊपर एक ड्रोन को मार गिराया गया। फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि रात में हुए हमलों के दौरान IRGC की एयर डिफेंस यूनिट ने ड्रोन को निशाना बनाया। हालांकि, यह नहीं बताया गया कि ड्रोन तेहरान के किस इलाके में गिराया गया या उसका निशाना क्या था।

10:26 AM22 जुलाई 2026

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हूतियों की चेतावनी- सऊदी बंदरगाहों से दूर रहें जहाज, नहीं तो होगी कार्रवाई

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दुनिया भर की शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे सऊदी अरब के बंदरगाहों पर माल लादने या उतारने से बचें। हूतियों ने कहा कि ऐसा करने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि समूह ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी है। हालांकि हूतियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन-कौन से बंदरगाह निशाने पर होंगे।

09:56 AM22 जुलाई 2026

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अमेरिका बोला- होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण मंजूर नहीं

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका अब भी ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान वैश्विक समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को निशाना बना रहा है और यह तय करना चाहता है कि कौन-सा जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजर सकता है और कौन नहीं।

09:14 AM22 जुलाई 2026

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जॉर्डन बोला- ईरान ने 6 मिसाइलें दागीं, 4 हवा में मार गिराईं

जॉर्डन ने दावा किया है कि ईरान ने उसके खिलाफ छह मिसाइलें दागीं। सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा के मुताबिक, जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से चार मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जबकि दो मिसाइलें दूरदराज के निर्जन इलाकों में गिरीं।

पेट्रा ने सेना के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि सभी मिसाइलें ईरान की तरफ से दागी गई थीं। जैसे ही वे जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं, एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया और चार मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।

जॉर्डन की सेना का कहना है कि इस हमले में किसी के हताहत होने या किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

08:46 AM22 जुलाई 2026

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होर्मुज और बाब अल-मंदेब दोनों बंद हुए तो दुनिया पर क्या होगा असर?

दुनिया के दो सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्ग होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब अलग-अलग जगहों पर हैं, लेकिन दोनों वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम हैं।

होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। इसी रास्ते से सऊदी अरब, इराक, यूएई, कुवैत और ईरान जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों का तेल दुनिया तक पहुंचता है। वहीं, बाब-अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। यह हिंद महासागर, मध्य पूर्व और स्वेज नहर के बीच जहाजों की आवाजाही का प्रमुख रास्ता है।

अगर होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब दोनों समुद्री रास्तों पर एक साथ संकट गहराता है, तो दुनिया को एक नए ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, वैश्विक व्यापार में रुकावट और महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो जाएगा। हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब से जुड़े जहाजों की नाकेबंदी की घोषणा के बाद यह आशंका और बढ़ गई है।

दोनों रास्ते एक साथ बंद हुए तो क्या होगा?

  • कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आएगा।
  • पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन महंगे होंगे।
  • टैंकर और मालवाहक जहाजों का बीमा महंगा होगा।
  • जहाजों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा।
  • वैकल्पिक तेल स्रोतों के लिए देशों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
  • महंगाई पर दबाव बढ़ेगा।
  • उद्योगों और परिवहन कंपनियों की लागत बढ़ेगी।
  • वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होगी।

08:11 AM22 जुलाई 2026

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ईरान ने अमेरिका-इजराइल के लिए काम करने के आरोपी को फांसी दी

ईरान ने मेहदी खांकी नाम के एक व्यक्ति को फांसी दे दी है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक, उस पर एक प्रतिबंधित संगठन से जुड़े होने और अमेरिका और इजराइल के लिए काम करने का आरोप था।

रिपोर्ट के मुताबिक, मेहदी खांकी को करज शहर से गिरफ्तार किया गया था। ईरानी सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि उसके घर की तलाशी में पिस्तौल, गोलियां, विस्फोटकों के रिमोट, देसी ग्रेनेड, रॉकेट लॉन्चर जैसे कंधे से दागे जाने वाले विस्फोटक ट्यूब और हाई-एक्सप्लोसिव बम मिले थे।

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उसे दोषी ठहराया और फांसी की सजा सुनाई, जिस पर अब अमल कर दिया गया है।

07:38 AM22 जुलाई 2026

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रूबियो बोले- अमेरिका बातचीत को तैयार, लेकिन ईरान गंभीर नहीं

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि अमेरिका अब भी ईरान के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वे इसे लेकर गंभीर नहीं है।

रुबियो ने यह बयान बुधवार को फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित आसियान (ASEAN) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान दिया।

उन्होंने कहा,

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अभी हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे बातचीत को लेकर गंभीर नहीं हैं। अगर वे गंभीर होंगे, तो हम भी गंभीर होंगे। अगर नहीं, तो हम अपने हितों और अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए जो जरूरी होगा, वह करेंगे।

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07:17 AM22 जुलाई 2026

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ईरान का दावा- जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमला

ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमला किया है। ईरानी सेना के बयान के मुताबिक, जॉर्डन के अज़रक स्थित मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस और बहरीन के शेख ईसा एयर बेस को निशाना बनाया गया।

मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी सेना ने कहा कि सुबह ड्रोन के जरिए जॉर्डन के अज़रक एयर बेस पर अमेरिकी सेना के रहने और कल्याण संबंधी भवनों तथा सैन्य उपकरणों के गोदामों को निशाना बनाया गया।

सेना के बयान में यह भी कहा गया कि बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर अमेरिकी सेना के बड़े सैन्य उपकरणों के गोदाम, शेड और भारी सैन्य विमानों की मरम्मत एवं रखरखाव केंद्रों पर भी ड्रोन से हमला किया गया।

07:13 AM22 जुलाई 2026

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ब्रिक्स बैठक में शामिल होने भारत आएंगे ईरान के गृह मंत्री

ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ब्रिक्स (BRICS) सदस्य देशों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे। ईरान की सरकारी मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, एस्कंदर मोमेनी पहले पाकिस्तान के दौरे पर जाएंगे। वहां की यात्रा पूरी करने के बाद वह अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुंचेंगे और ब्रिक्स देशों की बैठक में शामिल होंगे।

हालांकि, सरकारी मीडिया ने उनकी भारत यात्रा और ब्रिक्स बैठक की तारीख या एजेंडे के बारे में फिलहाल कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी।

06:35 AM22 जुलाई 2026

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अमेरिका ने लापता सैनिक के मौत की पुष्टि की, मृतकों की संख्या 18 हुई

अमेरिका ने जॉर्डन में हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में लापता बताए गए अमेरिकी सैनिक सार्जेंट एंजेल एस. रैम्परसैड को अब मृत मान लिया है। इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने उन्हें लापता बताया था। बाद में घटनास्थल से मिले अवशेषों की जांच के बाद उनकी पहचान की गई।

28 साल के एंजेल एस. रैम्परसैड न्यूयॉर्क के ओजोन पार्क के रहने वाले थे। रैम्परसैड के साथ इसी हमले में फर्स्ट लेफ्टिनेंट टायलर जेम्स फीहान (25) और प्राइवेट इसाबेला गोंजालेस (19) की भी मौत हुई थी। तीनों सैनिक जॉर्डन में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ अमेरिकी मिशन के समर्थन में तैनात थे।

रैम्परसैड की पहचान की पुष्टि के बाद मौजूदा संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैन्यकर्मियों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है।

06:29 AM22 जुलाई 2026

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रूबियो बोले- होर्मुज पर ईरान का कंट्रोल हुआ तो खतरनाक मिसाल होगी

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने चेतावनी दी कि अगर ईरान को होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण करने दिया गया तो यह बेहद खतरनाक मिसाल होगी। रूबियो ने यह टिप्पणी फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान (ASEAN) विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान की।

उन्होंने कहा कि अगर ईरान को होर्मुज पर कंट्रोल करने या वहां से गुजरने वाले जहाजों पर अपनी शर्तें लागू करने दिया गया, तो यह केवल मिडिल ईस्ट का नहीं बल्कि पूरी दुनिया का मुद्दा बन जाएगा। इससे दुनिया के दूसरे समुद्री मार्गों पर भी ऐसे दावे करने की मिसाल बन सकती है।

रूबियो ने कहा,

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जंग से पहले होर्मुज स्ट्रेट दुनियाभर के जहाजों के लिए खुला था। अब ईरान इसे दबाव बनाने के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहता है। लेकिन होर्मुज किसी एक देश की संपत्ति नहीं है। कानून के तहत यह एक वैश्विक समुद्री मार्ग है।

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06:12 AM22 जुलाई 2026

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रिपोर्ट: अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने फिर खड़ी की मिसाइल ताकत

अमेरिका और इजराइल के हमलों के बावजूद ईरान ने अपनी मिसाइल क्षमता का एक हिस्सा फिर से बहाल कर लिया है। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) ने मंगलवार को सैन्य विशेषज्ञों और सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से यह दावा किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कुछ भूमिगत मिसाइल ठिकानों पर दोबारा काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही वह अमेरिकी सेना और अमेरिका के क्षेत्रीय सहयोगियों पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी जारी रखे हुए है।

यह दावा ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि युद्ध के दौरान किए गए हमलों से ईरान की मिसाइल क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। हालांकि, WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अपेक्षा से कहीं तेजी से अपनी मिसाइल क्षमता को फिर से एक्टिव कर लिया है।

06:10 AM22 जुलाई 2026

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ईरानी अखबार की अमेरिका को धमकी- हम भी परमाणु ठिकानों को निशान बनाएंगे

ईरान के रुढ़िवादी अखबार कयहान ने बुधवार को अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान के पिकऐक्स माउंटेन परमाणु केंद्र या किसी अन्य परमाणु ठिकाने पर हमला किया, तो जवाब में अमेरिका के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।

अखबार ने लिखा,

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अगर ईरान के परमाणु ठिकानों पर फिर हमला हुआ, तो इस्लामिक रिपब्लिक अपनी प्रतिरोधक नीति और ‘जैसे को तैसा’ के सिद्धांत के तहत गुप्त ठिकानों से अमेरिका के परमाणु केंद्रों पर विनाशकारी हमले करेगी।

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06:05 AM22 जुलाई 2026

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ईरान जंग को अमेरिकियों का समर्थन नहीं

CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ईरान के खिलाफ शुरू किया गया सैन्य अभियान अब अमेरिका के सबसे अलोकप्रिय युद्धों में गिना जाने लगा है। कई सर्वे बताते हैं कि इस युद्ध को लेकर लोगों का समर्थन इराक, अफगानिस्तान और वियतनाम युद्ध की तुलना में ज्यादा तेजी से घटा है।

वॉशिंगटन पोस्ट-इप्सोस के सर्वे में 68% अमेरिकियों ने कहा कि ईरान के खिलाफ यह युद्ध लड़ना जरूरी नहीं था। सिर्फ 28% लोगों ने इसका समर्थन किया। वहीं, एक दूसरे सर्वे में 61% लोगों ने इसे अमेरिका की गलती बताया।

क्विनिपियाक यूनिवर्सिटी के सर्वे में 45% मतदाताओं का कहना था कि इस युद्ध से अमेरिका पहले से कमजोर हुआ है। वहीं, 33% लोगों का मानना है कि इससे देश मजबूत हुआ।

हालांकि, सर्वे यह भी बताते हैं कि अमेरिकी लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता अब भी अर्थव्यवस्था, महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रम्प को सिर्फ युद्ध नहीं, बल्कि उससे बढ़ने वाला आर्थिक दबाव ज्यादा राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकता है।

04:59 AM22 जुलाई 2026

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अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 92 डॉलर के पार

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 1 डॉलर (करीब 1.1%) की बढ़त के साथ 92.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 82 सेंट (करीब 1%) चढ़कर 85.16 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।

एक दिन पहले मंगलवार को भी दोनों बेंचमार्क करीब 5 सप्ताह के उच्च स्तर पर बंद हुए थे। ब्रेंट 91.01 डॉलर और WTI 84.91 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था।

04:37 AM22 जुलाई 2026

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रिपोर्ट- ईरान युद्ध में मध्यस्थता के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका से 10 अरब डॉलर की मदद मांगी

ईरान युद्ध में मध्यस्थता की भूमिका निभाने के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका से 10 अरब डॉलर (करीब ₹95 हजार करोड़) की एक्सचेंज स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट फैसिलिटी मांगी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को भेजे प्रस्ताव में पांच साल तक की इस वित्तीय सुविधा का अनुरोध किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान का मानना है कि ईरान युद्ध को लेकर बातचीत कराने में उसकी भूमिका से अमेरिका के साथ उसके संबंध मजबूत हुए हैं। इसी आधार पर इस्लामाबाद अब वॉशिंगटन से आर्थिक सहयोग बढ़ाने की उम्मीद कर रहा है।

अगर अमेरिका इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो इससे पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी, पाकिस्तानी रुपये पर दबाव कम होगा और IMF से मिलने वाली किस्तों पर उसकी निर्भरता घट सकती है।

04:19 AM22 जुलाई 2026

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ईरानी हमलों के बाद कुवैत में बिजली बचाने की अपील

ईरान के हमलों में बिजली ढांचे को निशाना बनाए जाने के बाद कुवैत में बिजली संकट की आशंका बढ़ गई है। संभावित बिजली कटौती से बचने के लिए सरकार ने लोगों से बिजली की खपत सीमित रखने और जरूरत पड़ने पर ही बिजली इस्तेमाल करने की अपील की है।

कुवैती अधिकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग पहले से ही रिकॉर्ड स्तर पर है। ऐसे में पावर ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, आम लोगों द्वारा बिजली बचाने की अपील का पालन करने से फिलहाल ग्रिड पर दबाव कुछ हद तक कम हुआ है।

04:08 AM22 जुलाई 2026

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ईरान बोला- कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ड्रोन हमला किया

ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने पश्चिमी कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे कैंप दोहा पर ड्रोन हमला किया है। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, ईरानी सेना ने कहा कि हमले में सैन्य अड्डे के गोला-बारूद डिपो और ग्राउंड फोर्सेज कमांड के लॉजिस्टिक्स उपकरणों को निशाना बनाया गया।

ईरानी सेना ने अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की बार-बार की आक्रामक कार्रवाई के जवाब में की गई है। बयान में यह भी कहा गया कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं दुश्मन की किसी भी नई साजिश या सैन्य कार्रवाई का निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार हैं।

03:34 AM22 जुलाई 2026

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रुबियो बोले- ईरान बातचीत को तैयार है तो अमेरिका भी तैयार

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत, समझौते और मतभेद सुलझाने के लिए तैयार है।

फिलीपींस की राजधानी मनीला में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक के दौरान रुबियो ने कहा, “अगर वे गंभीर हैं तो हम भी गंभीर हैं। अगर नहीं हैं तो अपने और अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए जो जरूरी होगा, वह करेंगे।”

03:10 AM22 जुलाई 2026

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रिपोर्ट- अमेरिका ने सऊदी के साथ न्यूक्लियर डील को मंजूरी दी

अमेरिका ने सऊदी अरब के साथ परमाणु ऊर्जा सहयोग समझौते को मंजूरी दे दी है। रॉयटर्स और एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, 30 साल के इस समझौते के तहत अमेरिका सऊदी अरब के साथ परमाणु तकनीक साझा करेगा। अमेरिकी कंपनियां सऊदी के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के विकास में भी भाग लेंगी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह समझौता भविष्य में सऊदी अरब में यूरेनियम संवर्धन सुविधा स्थापित करने का रास्ता खोल सकता है। इसके लिए दोनों देशों की संयुक्त स्टडी के आधार पर आगे की प्रक्रिया बढ़ेगी।

रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रम्प प्रशासन आने वाले दिनों में इस समझौते को अमेरिकी कांग्रेस में ‘123 एग्रीमेंट’ के रूप में पेश करेगा। इस पर अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट और सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने हस्ताक्षर किए हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि समझौते में वे सुरक्षा शर्तें शामिल नहीं हैं, जिन्हें अमेरिका पहले परमाणु सामग्री को हथियार कार्यक्रम में इस्तेमाल होने से रोकने के लिए जरूरी बताता रहा था।

02:42 AM22 जुलाई 2026

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अमेरिका ने जंग में ₹3.6 लाख करोड़ खर्चे, ₹7.5 लाख करोड़ और मांगे

ईरान के साथ जारी जंग में अमेरिका का खर्च लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मंगलवार को सीनेट की विनियोग समिति में बताया कि अब तक युद्ध पर 37.5 अरब डॉलर (करीब ₹3.6 लाख करोड़) खर्च हो चुके हैं।

हेगसेथ ने साथ ही पेंटागन के लिए 87 अरब डॉलर (करीब ₹8.3 लाख करोड़) की अतिरिक्त फंडिंग मांगी है। इसमें से 67 अरब डॉलर (₹6.4 लाख करोड़) मिडिल-ईस्ट में चल रहे सैन्य अभियानों पर खर्च किए जाएंगे।

रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर अतिरिक्त बजट नहीं मिला तो सैनिकों के वेतन, प्रशिक्षण, हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति के साथ सैन्य अभियान प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि यह फंड अमेरिकी सेना की संचालन क्षमता बनाए रखने के लिए जरूरी है।

02:11 AM22 जुलाई 2026

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ट्रम्प ने ईरान के संदिग्ध परमाणु ठिकाने को उड़ाने की धमकी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के संदिग्ध अंडरग्राउंड परमाणु ठिकाने ‘पिकऐक्स माउंटेन’ पर जल्द भारी हमला करने की चेतावनी दी है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सेना बहुत जल्द उस इलाके पर जोरदार हमला करेगी।

तस्वीर ईरान के संदिग्ध अंडरग्राउंड परमाणु ठिकाने पिकएक्स माउंटेन की है।

तस्वीर ईरान के संदिग्ध अंडरग्राउंड परमाणु ठिकाने पिकएक्स माउंटेन की है।

क्या है पिकऐक्स माउंटेन?

  • यह ठिकाना तेहरान से करीब 220 किमी दक्षिण और नतांज परमाणु केंद्र से 2 किमी दूर स्थित है।
  • यह पहाड़ के भीतर करीब 100 मीटर गहराई में बनाया जा रहा भूमिगत परिसर है।
  • इसकी शुरुआत 2020 में नतांज केंद्र में हुए विस्फोट के बाद हुई थी।
  • ईरान ने तब पहाड़ के भीतर आधुनिक सेंट्रीफ्यूज निर्माण सुविधा बनाने का ऐलान किया था।

अब तक चालू नहीं हुआ

अमेरिका स्थित थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंडर इंटरनेशनल सिक्योरिटी (ISIS) के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिलता है कि परिसर का निर्माण अभी जारी है और यह फिलहाल पूरी तरह चालू नहीं हुआ है। हालांकि भविष्य में इसका इस्तेमाल परमाणु कार्यक्रम से जुड़े सेंट्रीफ्यूज निर्माण के लिए किया जा सकता है।

हमला करना आसान नहीं

एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह ठिकाना इतनी गहराई में है कि अमेरिका के सबसे शक्तिशाली बंकर बस्टर बम भी इसे पूरी तरह नष्ट करने में सक्षम नहीं हो सकते। ऐसे में जमीनी कार्रवाई या विशेष सैन्य अभियान अधिक प्रभावी विकल्प माना जा रहा है।

01:50 AM22 जुलाई 2026

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ईरान की राजधानी तेहरान में एयर डिफेंस एक्टिव

ईरान की राजधानी तेहरान में बुधवार को एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए गए। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, राजधानी के पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्वी इलाकों में एयर डिफेंस एक्टिव रहा।

सरकारी टीवी ने अपने टेलीग्राम चैनल पर दावा किया कि देश के उत्तर-पश्चिम और दक्षिणी हिस्सों में भी हमले हुए हैं। वहीं बुशहर शहर में धमाकों की खबर है। बुशहर में ईरान का परमाणु बिजलीघर स्थित है।

01:41 AM22 जुलाई 2026

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अमेरिका ने लगातार 11वीं रात ईरान पर हमले किए

अमेरिका ने लगातार 11वीं रात ईरान पर एयर और मिसाइल स्ट्राइक कीं। इस बार चाबहार, कोनारक, तबरीज, बेहबहान और ओमीदियेह समेत 5 शहरों के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

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