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काठमांडू14 मिनट पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ नेपाल से आशीष राय और रमेश पोख्रेल
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नेपाल में बाढ़ के तीन दिन बाद भी रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन जारी रहा। लोग तबाह हुए अपने घरों को देखने भी गए।
नेपाल में बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। करीब 898 कर्मचारी अब भी फंसे हैं, जबकि 361 कर्मचारियों को अब तक बचाया जा चुका है।
त्रिशूली-3 ‘ए’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में कुछ कामयाबी मिली है। बचावकर्मी मशीनों की मदद से मिट्टी और गाद हटा रहे हैं। सुरंग में 6 इंच का छेद कर पाइप के जरिए हवा पहुंचाई जा रही है।
अब इसे बड़ा कर मैनहोल बनाने की तैयारी है, ताकि बचाव दल सुरंग के अंदर जाकर लोगों की तलाश कर सके।
26 अगस्त को नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशुली नदी में अचानक बाढ़ आ गई थी। इस आपदा में नेपाल में अब तक 734 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, तिब्बत में मरने वालों का आंकड़ा 16 पहुंच गया है।

बाढ़ के बाद तबाही का मंजर, 4 तस्वीरें…

नेपाल के देवीघाट में त्रिशूली नदी के किनारे बाढ़ में तबाह हुए घरों का एरियल व्यू।

नुवाकोट में घरों की छतों के ऊपर से बाढ़ का पानी और मलबा गुजरने के निशान दिखाई दे रहे हैं।

रसुवा से रेस्क्यू लोगों को एयरलिफ्ट करने वाले बैरक के बाहर लापता परिजन का इंतजार करती महिला रो पड़ी।

नुवाकोट के देविघाट में बाढ़ से तबाह घर में सामान तलाशने के बाद बच्ची का पैर कीचड़ से सना नजर आया।

खबर से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
16 मिनट पहले
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तिब्बत में क्या हो रहा है, इसकी जानकारी मिलना इतना मुश्किल क्यों है?
चीन ने 1950 के दशक में तिब्बत को अपने नियंत्रण में ले लिया था। तब से तिब्बत चीन के सबसे ज्यादा निगरानी वाले और कड़े नियंत्रण वाले इलाकों में शामिल है।
बाढ़ की इस आपदा को चीन सरकार कितनी गंभीरता से ले रही है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने खुद राहत और बचाव के लिए निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री ली छियांग भी गुरुवार को घटनास्थल पर पहुंचे। किसी बड़ी आपदा के तुरंत बाद उनका इस तरह मौके पर पहुंचना काफी दुर्लभ माना जाता है।
तिब्बत में पहुंचना विदेशी लोगों के लिए आसान नहीं है। वहां जाने के लिए विशेष वीजा की जरूरत होती है और विदेशी मीडिया के लिए वहां प्रवेश करना बेहद मुश्किल है। वहां मौजूद लोगों से सीधे संपर्क करना भी आसान नहीं है।
नेपाल से तिब्बत होते हुए पवित्र कैलाश पर्वत की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए भी कई तरह की मंजूरियां जरूरी होती हैं। उन्हें कुल चार अलग-अलग परमिट लेने पड़ते हैं। यही वजह है कि तिब्बत में इस समय वास्तव में क्या हो रहा है, इसकी स्वतंत्र जानकारी जुटाना मुश्किल है।
33 मिनट पहले
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से लोगों को सुरक्षित निकालती नेपाली सेना



06:15 AM30 अगस्त 2026
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भारत ने नेपाल के लिए 68.5 टन राहत सामग्री भेजी

नेपाल ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों को दोबारा जोड़ने के लिए भारत और चीन से कुल 42 बेली ब्रिज बनाने में मदद मांगी है।
भारत ने अब तक 68.5 टन राहत सामग्री भेजी है। इसके साथ ही सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए टनल विशेषज्ञों, फोरेंसिक एक्सपर्ट्स और तकनीकी टीमों को भी नेपाल भेजा गया है।
भारत ने कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, हाइजीन किट समेत राहत सामग्री उपलब्ध कराई है। इसके अलावा 230 फीट लंबे बेली ब्रिज बनाने के लिए सामान भी नेपाल पहुंचाए गए हैं। भारत जल्द ही 7 और बेली ब्रिज के लिए सामान और टेक्निकल टीम भेजेगा।
05:58 AM30 अगस्त 2026
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‘चाय के लिए नहीं रुकते तो जान जा सकती थी’
तीर्थयात्री गडा एलावेनी ने ANI को बताया कि वे तीन बसों में काठमांडू से सफर कर रहे थे। रास्ते में सभी लोग चाय पीने के लिए कुछ देर के लिए रुक गए। यह रुकना बाद में उनकी जिंदगी का सबसे अहम फैसला साबित हुआ। उन्हें बाद में पता चला कि उनसे करीब आधे घंटे पहले निकली दो बसें बाढ़ की तेज धारा में बह गईं और उनका कोई पता नहीं चला।
एलावेनी ने कहा कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि रास्ते में इतनी बड़ी आपदा आने वाली है। उन्होंने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे साथ ऐसा होगा। खैर, हमें दर्शन नहीं मिले, लेकिन भगवान हमें सुरक्षित घर ले आए।” उन्होंने बताया कि उन्होंने काठमांडू से करीब 80 किलोमीटर का सफर तय किया था और तीनों बसों में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं।

05:40 AM30 अगस्त 2026
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नेपाल में बाढ़ के बाद मलबे में दबा सोलर पावर प्लांट



05:25 AM30 अगस्त 2026
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राहत सामग्री लेकर चीनी विमान काठमांडू के लिए रवाना
नेपाल में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए चीन ने रविवार सुबह दो विमानों से राहत सामग्री और विशेषज्ञों की एक टीम काठमांडू भेजी।
चीन की ओर से भेजी गई मदद में टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाने के पैकेट और आपातकालीन राहत किट शामिल हैं। काठमांडू पहुंचने के बाद यह सामान नेपाल सरकार को सौंप दिया जाएगा।
05:02 AM30 अगस्त 2026
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ग्यिरोंग पोर्ट पर 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता, इनमें 49 भारतीय
चीन के तिब्बत क्षेत्र में चीन-नेपाल सीमा पर स्थित ग्यिरोंग पोर्ट पर हुए बाढ़-भूस्खलन के बाद 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता बताए गए हैं। इनमें 104 नेपाली, 49 भारतीय, 33 लातवियाई, 18 अमेरिकी और 15 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं।
चीन ने संबंधित देशों के दूतावासों को सूचना दे दी है और लापता लोगों के परिजनों की मदद के लिए 24 घंटे चलने वाली दो अंग्रेजी भाषा की हेल्पलाइन भी शुरू की हैं।

04:45 AM30 अगस्त 2026
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शवों को सुरक्षित रखने के लिए नेपाल ने मदद मांगी
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बाढ़ में मारे गए लोगों के शवों को सुरक्षित रखने के लिए दूसरे देशों से मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि नदियों के निचले इलाकों से सैकड़ों शव मिले हैं और लंबे समय तक पानी में रहने के कारण उनके जल्दी खराब होने का खतरा है।
खनाल ने बताया कि नेपाल में शवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर और कोल्ड स्टोरेज की सुविधा सीमित है। इसलिए सरकार विदेशी देशों से फ्रीजर उपलब्ध कराने में सहयोग मांग रही है।
04:29 AM30 अगस्त 2026
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चितवन में सबसे ज्यादा 259 शव मिले

04:19 AM30 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ में अब तक 734 लोगों की मौत
नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 734 हो गई है। 2,498 लोग अब भी लापता हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रविवार सुबह 9 बजे जारी अपने खोज, बचाव और राहत अभियान के अपडेट में दी।
04:07 AM30 अगस्त 2026
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नेपाल की मदद के लिए कई देश आगे आए
नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा है कि भीषण बाढ़ से हुए नुकसान का आंकड़ा अरबों डॉलर तक पहुंच सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस स्तर पर नुकसान का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। इस बीच कई देशों ने नेपाल के लिए आर्थिक और मानवीय मदद का ऐलान किया है।
भारत: विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुताबिक, भारत से राहत सामग्री लेकर तीसरी उड़ान शुक्रवार को काठमांडू पहुंची। इसमें 10 टन मानवीय सहायता के साथ 11 सदस्यीय मेडिकल और सुरंग बचाव टीम भी शामिल थी।
ब्रिटेन: प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने 50 लाख पाउंड की मदद का ऐलान किया है। उन्होंने नेपाल की स्थिति को बेहद चिंताजनक और भयावह बताया।
यूरोपीय संघ: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 20 लाख यूरो की तत्काल मानवीय सहायता देने की घोषणा की है। इस मदद का इस्तेमाल लोगों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में किया जाएगा।
कनाडा: विदेश मंत्री अनिता आनंद ने 50 लाख कनाडाई डॉलर की मदद का ऐलान किया है। यह राशि संयुक्त राष्ट्र, रेड क्रॉस और अन्य गैर-सरकारी संगठनों के जरिए राहत कार्यों में खर्च की जाएगी।
अमेरिका: अमेरिकी विदेश विभाग ने 5 लाख डॉलर की मदद देने की घोषणा की है। इससे आपातकालीन आश्रय, पानी, स्वच्छता और दूसरी जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
चीन: नेपाल में चीन के राजदूत के मुताबिक, चीन ने भी आपातकालीन राहत सामग्री और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
03:52 AM30 अगस्त 2026
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अमेरिका नेपाल को 36 लाख डॉलर की मदद और देगा
अमेरिकी सरकार ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए 36 लाख डॉलर से ज्यादा की अतिरिक्त मानवीय सहायता देने का ऐलान किया है। यह रकम भारतीय मुद्रा में करीब 34.4 करोड़ रुपए से ज्यादा है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि इस मदद के तहत 10,000 बाढ़ पीड़ितों को तीन महीने तक खाद्य सामग्री मुहैया कराई जाएगी। इससे पहले अमेरिका 5 लाख डॉलर (करीब 4.8 करोड़ रुपये) की मदद देने का ऐलान कर चुका है।
03:35 AM30 अगस्त 2026
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नेपाली सेना के रेस्क्यू का 3-लेयर प्लान…
एयरलिफ्ट: हेलिकॉप्टरों के जरिए ऊंचे पहाड़ों और टनल में फंसे लोगों को निकालना।
इवैक्यूएशन: तटीय और निचले गांवों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित कैंपों में शिफ्ट करना।
फॉरेंसिक सर्च: खोजी कुत्तों और मलबे को हटाने वाली भारी मशीनों से शवों और मलबे को साफ करना।
मेडिकल सुविधा: घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जा रहा

नेपाल रेस्क्यू और राहत अभियान अपडेट
• बचाव कार्य के लिए तैनात सुरक्षाकर्मी: 18,708
• अब तक मिले शवों की संख्या: 675
• घायल और बचाए गए अन्य लोग: 7,514
• अस्पतालों में इलाज करा चुके और छुट्टी पाए घायल लोग: 219
• संपर्क न होने वाले लोग: 2,498
• संपर्क रहित पुलिसकर्मी: 27
03:19 AM30 अगस्त 2026
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लोगों को 7:30 बजे खतरे का पता चला, 9:15 पर सरकारी SMS आया

नेपाल में 26 अगस्त की सुबह आई बाढ़ के बाद अलर्ट जारी करने की टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, चीन की ओर से रसुवा जिला प्रशासन को बाढ़ की सूचना सुबह 9 बजे मिली थी। इसके बाद सुबह 9.15 बजे नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले छह लाख लोगों को SMS अलर्ट भेजा गया। पूरी खबर पढ़ें…
03:05 AM30 अगस्त 2026
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चीन में बाढ़ की तस्वीरें और वीडियो क्यों नहीं दिख रहे?
नेपाल और तिब्बत की सीमा पर आई बाढ़ की तस्वीरें और वीडियो पूरी दुनिया में तेजी से फैल गए। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा ग्यिरोंग पोर्ट के वीडियो की हुई। यह नेपाल और तिब्बत के बीच एक अहम सीमा चौकी है। वीडियो में दिख रहा है कि बाढ़ का तेज पानी सब कुछ बहाता हुआ आगे बढ़ रहा है और लोग जान बचाने के लिए भाग रहे हैं।

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के सोशल मीडिया पर यह वीडियो नहीं दिख रहा है।
ये वीडियो CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुए थे। सोशल मीडिया के जरिए ये दुनिया के कई देशों में पहुंच गए। लेकिन चीन में लोगों को ये वीडियो आसानी से देखने को नहीं मिले। चीन के सरकारी टीवी समाचार में भी अब तक इस घटना की सिर्फ एक तस्वीर दिखाई गई है।
चीन के इंटरनेट पर बाढ़ के वीडियो ढूंढना मुश्किल है। यहां तक कि इस बाढ़ में हुई मौतों और लापता लोगों के बारे में सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट भी आसानी से नहीं मिल रही हैं।
ऐसा इसलिए है क्योंकि चीन में इंटरनेट पर सरकार का कड़ा नियंत्रण और सेंसरशिप है। कौन-सी जानकारी लोगों तक पहुंचेगी और कौन-सी नहीं, इस पर सरकार का काफी नियंत्रण रहता है।
02:46 AM30 अगस्त 2026
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तीन सवालों में जानिए नेपाल के हालात
सवाल 1: कितने इलाके मुख्य सड़कों और हाईवे से कट गए हैं?
जवाब: बाढ़ और लैंडस्लाइड से नेपाल-चीन सीमा को जोड़ने वाले पासांग ल्हामु हाईवे का 40 किलोमीटर से ज्यादा हिस्सा मलबे में दब गया है। इससे उत्तरी रसुवा जिला देश के बाकी हिस्सों से कट गया है। वहीं, ग्यिरोंग पोर्ट जाने वाला अहम इंटरेनशनल ट्रेड रूट भी बंद है।
सवाल 2: किन गांवों तक अब सिर्फ पैदल या हेलिकॉप्टर से पहुंचा जा सकता है?
जवाब: रसुवा और नुवाकोट के 18 से ज्यादा पहाड़ी गांवों में सड़क संपर्क टूट गया है। तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और थुमन जैसे इलाकों तक पहुंचने के लिए फिलहाल हेलिकॉप्टर या पैदल रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है। सेना हेलिकॉप्टर से लोगों को निकालने और जरूरी सामान पहुंचाने में जुटी है।
सवाल 3: कौन से पुल दोबारा बनाए जा रहे हैं?
जवाब: बाढ़ में कई पुल बह गए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इनमें रसुवागढ़ी फ्रेंडशिप ब्रिज सबसे अहम है, जो नेपाल-चीन सीमा को जोड़ता है। इसे फिर से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों पर बने छोटे सस्पेंशन ब्रिजों को भी अस्थायी तौर पर चालू करने की कोशिश हो रही है, ताकि स्थानीय लोगों की आवाजाही शुरू हो सके।
02:30 AM30 अगस्त 2026
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हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले 898 कर्मचारी लापता
नेपाल में अलग-अलग हाइड्रोपावर प्रोजोक्ट्स में काम करने वाले करीब 898 कर्मचारी अब भी लापता हैं। इनमें से करीब 361 कर्मचारियों को अब तक बचाया जा चुका है।
नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ ने शनिवार देर रात बताया कि त्रिशूली-3 ‘ए’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में चल रहे बचाव अभियान में कुछ सफलता मिली है। बाढ़ के बाद यह सुरंग मिट्टी और गाद से पूरी तरह भर गई थी।
उन्होंने बताया कि बचावकर्मी खुदाई करने वाली मशीनों से मिट्टी और गाद हटा रहे हैं। टीम ने सुरंग के ऊपरी हिस्से में 6 इंच का छेद भी किया है। शुरुआती जांच में सुरंग के अंदर कोई मलबा नहीं मिला। इसके बाद बचावकर्मियों ने सुरंग में हवा पहुंचाई और अंदर रोशनी और आवाज भी भेजी, लेकिन अभी तक अंदर मौजूद किसी व्यक्ति से संपर्क नहीं हो पाया है।
अब बचाव दल इसी छेद को बड़ा कर मैनहोल बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके जरिए बचावकर्मी सुरंग के अंदर पहुंचने की कोशिश करेंगे।

रसुवा जिले के एक हाइड्रोपावर प्लांट की सुरंग से शुक्रवार को कई लोगों को बचाया गया था।

लोग मोटी कीचड़ के बीच से रेंगकर बाहर निकलते और बचावकर्मियों की मदद से सुरंग से बाहर आते दिखाई दिए।
02:14 AM30 अगस्त 2026
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मलबे के नीचे तीन दिन बाद जिंदा मिली 6 साल की बच्ची
नेपाल में बाढ़ की तबाही के बीच बचावकर्मियों ने तीन दिन बाद मलबे के नीचे से 6 साल की बच्ची को जिंदा निकाल लिया। यह घटना रसुवा जिले के तिमुरे इलाके में हुई।
बच्ची की तलाश में जुटी सशस्त्र पुलिस बल की एक टीम को मलबे के नीचे से रोने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद बचावकर्मियों ने मलबा हटाकर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। बच्ची को आगे के इलाज के लिए काठमांडू ले जाया गया है।
01:48 AM30 अगस्त 2026
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सकुशल लौटे तो छलकी खुशी, चेहरे पर दिखी राहत
मुंबई एयरपोर्ट पर शनिवार को नेपाल से सुरक्षित लौटे यात्रियों का उनके परिजनों ने स्वागत किया।




01:34 AM30 अगस्त 2026
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तिब्बत में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 16 हुई

तिब्बत के शिगात्से में शनिवार को भूस्खलन के बाद क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करते बचावकर्मी। यह सड़क ग्यिरोंग पोर्ट की ओर जाती है।
चीन में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि लापता लोगों की संख्या घटकर कम से कम 546 रह गई है। सरकारी प्रसारक सीसीटीवी ने रविवार सुबह स्थानीय समय के मुताबिक यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लापता लोगों में कम से कम 261 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें 18 अमेरिकी नागरिक भी हैं। इससे पहले चीन में 7 लोगों की मौत और 554 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी।
01:16 AM30 अगस्त 2026
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नेपाल पहुंची भारत की चौथी राहत खेप
भारत ने नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए 11 टन राहत सामग्री भेजी है। राहत सामग्री लेकर भारत से रवाना हुई चौथी उड़ान नेपाल पहुंच गई है और सामान नेपाली अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
इस खेप में सुरंग बचाव के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम और खोज एवं बचाव अभियान में इस्तेमाल होने वाले जरूरी उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी नेपाल भेजी गई है।




01:04 AM30 अगस्त 2026
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जग्गी वासुदेव काठमांडू पहुंचे, बाढ़ प्रभावित इलाके में जाएंगे
ईशा सेक्रेड वॉक्स की कोऑर्डिनेटर मां गंभीरि ने बताया कि जग्गी वासुदेव तिब्बत से नेपाल लौटकर काठमांडू पहुंच गए हैं। भारत सरकार की ओर से सद्गुरु पर हवाई यात्रा करने का काफी दबाव था, लेकिन वे सड़क मार्ग से जाने की योजना बना रहे हैं।
मां गंभीरि के मुताबिक, सद्गुरु बाढ़ प्रभावित उस जगह (ग्राउंड जीरो) पर जाना चाहते हैं, जहां हादसा हुआ था, ताकि वहां हर संभव मदद की जा सके। उन्होंने खुद सड़क के रास्ते वहां जाने की इच्छा जताई है।
12:10 AM30 अगस्त 2026
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नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, भोटेकोशी नदी में बढ़ा बहाव
नेपाल के रसुवा जिला प्रशासन को भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव बढ़ने की आवाज सुनाई देने की जानकारी मिली है। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने नदी के आसपास के इलाकों में सतर्कता बरतने की अपील की है।
प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में नदी के आसपास रहने वाले लोगों से सावधान रहने को कहा है। अथॉरिटी ने बताया कि आगे कोई नई जानकारी मिलने पर लोगों को तुरंत अपडेट किया जाएगा।
12:05 AM30 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ से रेस्क्यू किए गए भारतीयों का एक ग्रुप नागपुर पहुंचा
12:03 AM30 अगस्त 2026
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नेपाल PM बोले- हर प्रभावित नागरिक तक पहुंचेंगे
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि सरकार पूरी क्षमता से राहत, बचाव और पुनर्वास अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि हर प्रभावित नागरिक की जान बचाना और उसका पुनर्वास सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
शाह के मुताबिक, अब तक 7,500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे 279 कर्मचारी भी शामिल हैं। अभियान में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 18,708 जवान और 16 हेलिकॉप्टर जुटे हैं। भारत और चीन के विशेषज्ञ भी मौके पर मदद कर रहे हैं।
12:01 AM30 अगस्त 2026
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800 मीटर लंबा ग्लेशियर टूटने से तबाही आई थी, वीडियो सामने आया
नेपाल में तबाही के तीन दिन बाद शनिवार को ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। तिब्बत में एक टूर गाइड ग्रुप ने ऊंचाई से इसे रिकॉर्ड किया था। वीडियो में बर्फ और चट्टानों से बना करीब 800 मीटर लंबा ग्लेशियर का हिस्सा टूटकर घाटी में गिरता दिखाई दे रहा है।
ग्लेशियर टूटने के बाद बड़े पैमाने पर मलबा और पानी नीचे की ओर बहा। इसके साथ लैंडस्लाइड हुआ और अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में भारी तबाही मचाई।
ग्लेशियर टूटने का वीडियो




11:35 PM29 अगस्त 2026
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भारतीय दूतावास ने शवों की पहचान को लेकर जारी की एडवाइजरी
भारत के काठमांडू स्थित दूतावास ने नेपाल में मारे गए लोगों के शवों की पहचान को लेकर प्रेस रिलीज जारी की है। नेपाल सरकार अज्ञात मृतकों की तस्वीरें और उनके बारे में जानकारी जारी कर रही है, जिसे एक आधिकारिक लिंक पर देखा जा सकता है।
दूतावास ने कहा कि वह नेपाल पुलिस समेत स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि पहचान के बाद भारतीय नागरिकों के शव उनके परिजनों को सौंपे जा सकें। दूतावास ने इस संबंध में आगे की जानकारी नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय कर साझा करने की बात कही है।















