रोहित शेट्टी के स्टंट बेस्ड टीवी शो से बाहर होने के बाद एक्ट्रेस अविका गौर ने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ से जुड़े अपने अनुभव के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि इस शो ने उन्हें जिंदगी और चुनौतियों को एक नए नजरिए से देखने में मदद की। शो से बाहर होने के बाद जब अविका इसके नए एपिसोड देख रही थीं तो उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट लिखकर रील और रियलिटी के फर्क के बारे में बताया। एलिमिनेशन राउंड में ओरी का सामना करने के बाद अविका गौर शो से बाहर हो गई थीं। ओरी ने लगभग 10 मिनट में चैलेंज पूरा किया, जबकि ‘बालिका वधू’ स्टार को टास्क पूरा करने में 13 मिनट से ज्यादा का समय लगा।
खतरों के खिलाड़ी 15 से अविका गौर हुई बाहर
अविका गोर ने लिखा, ‘शो से बाहर होने के बाद खतरों के खिलाड़ी देखते हुए मुझे अपने बारे में एक बात समझ आई। मैं अक्सर सोचती हूं अगर मैं वहां होती तो हार नहीं मानती। मैं और ज्यादा कोशिश करती। मैं बेहतर करती। असल में सोफे पर आराम से बैठकर मैं अचानक खतरों की एक्सपर्ट कंटेस्टेंट बन जाती हूं और फिर मैं खुद को याद दिलाती हूं। मैं अपनी आरामदायक जिंदगी में बैठकर यह सब देख रही हूं। मुझे नतीजा पता है। मुझे पता है कि आगे क्या होगा। मैं असल में उस पल में नहीं हूं, जहां दबाव, डर, एड्रेनालाईन और सामने एक मुश्किल स्टंट हो। बाहर से किसी स्थिति का हीरो बनना बहुत आसान होता है।’
शो ने बदला अविका गौर का नजरिया
अविका गौर ने आगे कहा, ‘जब कोई चीज हमारे लिए बहुत मायने रखती है तो हम उसे बार-बार सोचते हैं। अलग-अलग विकल्पों के बारे में कल्पना करते हैं और कहानी का एक ऐसा वर्शन बनाते हैं, जो असल में कभी हुआ ही नहीं और कभी-कभी हमारी कल्पना हमें असलियत से कहीं बेहतर परफॉर्मेंस दिखाती है। शायद इसीलिए इतनी जल्दी बाहर हो जाने की बात को पूरी तरह से भुला पाना मेरे लिए मुश्किल रहा है। मेरे अंदर कहीं न कहीं वह लड़की अभी भी है, जिसे लगता है कि मैं और भी बहुत कुछ कर सकती थी।’
खतरों के खिलाड़ी 15 का दो बार हिस्सा रहीं अविका
यह पहली बार नहीं था, जब ‘बालिका वधू’ की एक्ट्रेस ने इस शो में हिस्सा लिया हो। उन्होंने स्टंट-बेस्ड रियलिटी सीरीज के नौवें सीजन में भी हिस्सा लिया था। इस बारे में उन्होंने कहा, ‘जब मैंने पहली बार यह शो किया था तब मैं 21 साल की थी। इसने मुझे यह सोचने का नया नजरिया दिया कि मैं कौन हूं और क्या बनना चाहती हूं। मैं यह सोचकर गई थी कि वहां डर का सामना करना है और स्टंट करने हैं, लेकिन जब मैं बाहर निकली तो खुद को कुछ अलग तरह से समझ रही थी। इस बार वापस आना मेरे लिए बहुत मायने रखता था, क्योंकि शायद मेरे मन का एक हिस्सा खुद के उस पुराने रूप से फिर से मिलना चाहता था और शायद कुछ ऐसा पूरा करना चाहता था जो हमेशा अधूरा सा लगता था, लेकिन इस बार खतरों मुझे कुछ बहुत अलग सिखा रहा है।’
शो से अविका गौर ने सीखी कई नई बातें
एक्ट्रेस ने अपनी बात खत्म करते हुए लिखा, ‘पहली बार खतरों ने मेरी सोच बदल दी कि मैं कौन थी और क्या बनना चाहती थी। इस बार यह मुझे सिखा रहा है कि जो चीजें मेरे कंट्रोल में नहीं हैं, उनके साथ कैसे जिया जाए। कहानी का अंत बार-बार न बदलूं। यह मानूं कि शायद मैं और भी कुछ दे सकती थी, लेकिन इस सोच को उस चीज पर हावी न होने दूं जो मैंने असल में दिया। मैं अभी भी इस बात को स्वीकार करना सीख रही हूं और मैं उन सभी लोगों, मौकों और अनुभवों के लिए बहुत शुक्रगुजार हूं जो मुझे यहां तक लाए हैं और उन चीजों के लिए भी जो आगे होने वाली हैं। मुझे उम्मीद है कि समय के साथ यह खालीपन ऐसी चीज बन जाएगा, जिससे मैं उबर सकूंगी, न कि ऐसी जगह जहां मैं फंसी रहूं। शायद मुझे इसे मिटाने की जरूरत नहीं है। शायद मुझे बस इसे शुक्रगुजारी के साथ-साथ लेकर चलना है, जब मेरा दिमाग मुझे काल्पनिक दूसरा मौका देने लगे तो खुद पर थोड़ा हंसना है और आगे बढ़ते रहना है।’
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