500 प्रजाति पौधों के बीच फ्रेंच ओपन का अनोखा कोर्ट:पेरिस के रोलां गैरो स्टेडियम में बना कोर्ट सिमोन-मैथ्यू; ग्रैंड स्लैम का सबसे नया कोर्ट | ACTPnews

500 प्रजाति पौधों के बीच फ्रेंच ओपन का अनोखा कोर्ट:पेरिस के रोलां गैरो स्टेडियम में बना कोर्ट सिमोन-मैथ्यू; ग्रैंड स्लैम का सबसे नया कोर्ट

फ्रेंच ओपन के शोर, भीड़ और टेनिस के रोमांच से कुछ कदम दूर एक ऐसी जगह है, जहां पहुंचते ही माहौल बदल जाता है। फ्रेंच ओपन की मेजबानी करने वाले रोलां गैरो स्टेडियम के बीचों-बीच बना ऑटेय बॉटनिकल गार्डन मानो किसी दूसरी दुनिया का हिस्सा लगता है। यहां 500 से ज्यादा पौधों की प्रजातियां हैं, ऊंचे-ऊंचे पेड़ हैं, रंग-बिरंगे फूल हैं और उनके बीच छिपा है एक अनोखा टेनिस कोर्ट- कोर्ट सिमोन-मैथ्यू। इस कोर्ट का नाम दो बार की पूर्व महिला सिंगल्स चैम्पियन सिमोन मैथ्यू के नाम पर रखा गया है। यहां पहुंचने वाले खिलाड़ी और दर्शक पहले हरियाली के बीच से गुजरते हैं। कुछ देर के लिए ऐसा लगता है कि वे किसी बॉटनिकल पार्क में घूम रहे हैं, लेकिन जैसे ही मैच शुरू होता है, वही शांत जगह शोर और जुनून से भर उठती है। खासकर जब कोई फ्रेंच खिलाड़ी कोर्ट पर हो, तब यहां का माहौल किसी फुटबॉल स्टेडियम जैसा हो जाता है। रविवार को फ्रांस के टिटुआं द्रोगे के मुकाबले में यही देखने को मिला। दर्शक लगातार ‘द्रो-गे, अले!’ के नारे लगा रहे थे। हर पॉइंट पर तालियां और शोर गूंज रहा था। लेकिन यह समर्थन द्रोगे के लिए दबाव भी बन गया। दुनिया के 110वें नंबर के खिलाड़ी द्रोगे मैच में अपनी लय नहीं पकड़ सके और सीधे सेटों में हार गए। शाम ढलने के साथ कोर्ट सिमोन-मैथ्यू की खूबसूरती और भी अलग नजर आने लगती है। दर्शक जब सीढ़ियों से नीचे उतरकर अपनी सीटों तक पहुंचते हैं, तो उन्हें ऐसा अहसास होता है मानो वे किसी गुप्त स्टेडियम में प्रवेश कर रहे हों। ऊपर हरियाली और फूलों की खुशबू, नीचे लाल मिट्टी का कोर्ट और बीच में हजारों दर्शकों की आवाजें, यही इस कोर्ट को बाकी से अलग बनाता है। कोर्ट सिमोन-मैथ्यू सिर्फ एक टेनिस कोर्ट नहीं, बल्कि रोलां गैरो की नई पहचान बन चुका है। यहां हरियाली की शांति भी है और खेल का उन्माद भी। दिन में यह जगह किसी बगीचे जैसी लगती है, लेकिन रात होते-होते यही कोर्ट खिलाड़ियों के लिए सबसे कठिन परीक्षा बन जाता है। जमीन से साढ़े चार मीटर नीचे बना है कोर्ट साल 2019 में शुरू हुआ यह कोर्ट फ्रेंच ओपन का तीसरा सबसे बड़ा कोर्ट है। इसकी खासियत सिर्फ इसकी क्षमता या आधुनिक डिजाइन नहीं, बल्कि उसका माहौल है। चार विशाल कांच के ग्रीनहाउस के बीच बना यह कोर्ट ऐसा लगता है जैसे प्रकृति ने खुद टेनिस को अपनी गोद में जगह दी हो। कोर्ट जमीन से करीब साढ़े चार मीटर नीचे बनाया गया है, ताकि वह आसपास के बगीचों के साथ घुल-मिल जाए।



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