अमेरिका की धरती से शी जिनपिंग का बड़ा संदेश, “चीन और US को प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार बनना चाहिए” | ACTPnews

शी जिनपिंग पत्नी पेंग लियुआन के साथ अमेरिका पहुंचे


चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार को वॉशिंगटन पहुंचने के बाद चीन और अमेरिका के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को “प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार” बनना चाहिए। शी ने भरोसा जताया कि बदलते दौर में चीन और अमेरिका आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने का सही रास्ता निकाल सकते हैं।

ट्रंप ने एयरपोर्ट पर किया शी जिनपिंग का स्वागत

शी जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ अमेरिका पहुंचे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर अमेरिकी वायुसेना के बैंड ने प्रस्तुति दी और दोनों देशों के झंडे भी लगाए गए।

बताया गया कि वर्ष 1962 के बाद यह पहली बार है, जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने सैन्य अड्डे पर व्यक्तिगत रूप से किसी विदेशी नेता का स्वागत किया है। 1962 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री हेरोल्ड मैकमिलन का स्वागत किया था।

शी बोले- दोनों देशों के हित गहराई से जुड़े

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, शी जिनपिंग ने अपने लिखित संबोधन में अमेरिकी जनता को चीनी लोगों की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों महान देश हैं और दोनों देशों के लोग भी महान हैं। शी ने कहा कि चीन और अमेरिका के लोगों के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संपर्क रहे हैं और दोनों देशों के हित आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं।

शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका को एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करने के बजाय साझेदारी के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्र का महान पुनरुत्थान और अमेरिका को फिर महान बनाने का लक्ष्य साथ-साथ आगे बढ़ सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश एक-दूसरे की सफलता में मदद कर सकते हैं और पूरी दुनिया के कल्याण को आगे बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं।

व्यापार से लेकर AI और ताइवान तक कई मुद्दों पर होगी चर्चा

शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत में कई अहम मुद्दों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें व्यापार शुल्क, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सैन्य संबंध, पश्चिम एशिया के संघर्ष, रूस-यूक्रेन युद्ध, अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ और ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री प्रमुख हैं।

Image Source : PTIशी जिनपिंग पत्नी पेंग लियुआन के साथ अमेरिका पहुंचे, जहां डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप ने ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उनका स्वागत किया।

“सहयोग मुख्य आधार, मतभेदों को संभाला जाए”

शी ने कहा कि चीन और अमेरिका को एक ही दिशा में काम करना चाहिए और ऐसा स्थिर संबंध बनाना चाहिए जिसमें सहयोग मुख्य आधार हो। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा को सीमित रखा जाए, मतभेदों को संभाला जाए और शांति के लिए किए गए वादों को निभाया जाए। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका जैसे दो बड़े देशों को नए दौर में एक-दूसरे के साथ रहने का सही तरीका तलाशना चाहिए।

शी बोले- दोनों देशों के संबंधों में कुछ बातें नहीं बदलीं

चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया बदल रही है और समय भी बदल रहा है, लेकिन चीन और अमेरिका के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की ऐतिहासिक दिशा नहीं बदली है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच मैत्रीपूर्ण संपर्क की भावना और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की दोनों देशों से स्थिर संबंधों की अपेक्षा भी कायम है।

ट्रंप के साथ गहन बातचीत की जताई उम्मीद

शी जिनपिंग ने कहा कि वह डोनाल्ड ट्रंप के साथ चीन-अमेरिका संबंधों और वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर गहन बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच रणनीतिक स्थिरता वाले रचनात्मक संबंधों को और मजबूत करने एवं विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क और सहयोग बढ़ाने की बात कही। शी ने अमेरिका के विभिन्न वर्गों के लोगों से भी व्यापक स्तर पर बातचीत कर दोस्ती को मजबूत करने की इच्छा जताई।

शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों पक्षों के संयुक्त प्रयासों से यह यात्रा फलदायी साबित होगी। उनके मुताबिक, इससे दोनों देशों के लोगों के कल्याण में बढ़ोतरी होगी और विश्व शांति के लिए नई उम्मीद पैदा होगी।

चीन के प्रतिनिधिमंडल में ये नेता शामिल

शी जिनपिंग के साथ चीनी प्रतिनिधिमंडल में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की सेंट्रल कमेटी के पॉलिटिकल ब्यूरो की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य और सेंट्रल कमेटी के जनरल ऑफ़िस के डायरेक्टर काई ची, और सेंट्रल कमेटी के पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य व विदेश मंत्री वांग यी शामिल हैं।

शी जिनपिंग की यह 2015 के बाद पहली वॉशिंगटन यात्रा बताई गई है।

(इनपुट- PTI)

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