ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA295 आयरलैंड के ऊपर उड़ान भरते समय कुछ ही मिनटों में करीब 28 हजार फीट नीचे आ गई। इस दौरान विमान ने 7700 इमरजेंसी कोड एक्टिव किया। इसके बाद फ्लाइट को शिकागो जाने के बजाय वापस लंदन की ओर मोड़ दिया गया। इमरजेंसी सिग्नल की वजह अभी सामने नहीं आई है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान आयरलैंड के ऊपर करीब 9 हजार फीट की ऊंचाई तक आया था। 7700 कोड एयर ट्रैफिक कंट्रोल को विमान में सामान्य इमरजेंसी का संकेत देता है। इससे यह पता नहीं चलता कि समस्या किस तरह की है। फ्लाईदुबई की हाईजैक की कोशिश के 5 दिन बाद घटना यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई घटना के 5 दिन बाद सामने आई है। इसमें ओमानी को-पायलट ने कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। हमले के दौरान विमान करीब 34 हजार फीट से 17 हजार फीट नीचे आ गया और इमरजेंसी सिग्नल भेजा गया। बाद में क्रू और यात्रियों ने आरोपी को काबू किया और फ्लाइट की सऊदी अरब के ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। 7700 कोड क्या और कैसे एक्टिवेट होता है 7700 विमान में गंभीर इमरजेंसी की स्थिति में इस्तेमाल होने वाला अंतरराष्ट्रीय स्क्वॉक कोड है। इंजन में खराबी, मेडिकल इमरजेंसी, केबिन में धुआं या किसी दूसरी गंभीर स्थिति में पायलट इसे सेट कर सकते हैं। पायलट कॉकपिट में लगे ट्रांसपोंडर पर 7700 कोड सेट करते हैं। इसके बाद ट्रांसपोंडर रेडियो सिग्नल के जरिए यह जानकारी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के सिस्टम तक पहुंचाता है। कंट्रोलर के रडार डिस्प्ले पर विमान की पहचान के साथ इमरजेंसी कोड दिखाई देता है। इसके बाद ATC विमान को प्राथमिकता दे सकता है, दूसरे विमानों के रूट में जरूरी बदलाव कर सकता है और एयरपोर्ट की इमरजेंसी टीमों को तैयार कर सकता है। 7700 से सिर्फ यह पता चलता है कि विमान में सामान्य इमरजेंसी है। समस्या क्या है, इसकी जानकारी पायलट को ATC से रेडियो पर देनी होती है। विमान अचानक नीचे आए तो क्या होता है विमान तेजी से नीचे आने पर यात्रियों को नीचे खिंचने, हल्का होने या गिरने जैसा महसूस हो सकता है। तेज डिसेंट में शरीर पर G-Force का असर भी पड़ सकता है। केबिन प्रेशर घटे तो क्या होता है अगर नीचे आने के साथ केबिन का दबाव भी कम हो जाए, तो कान में दर्द या बंद होने और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में ऑक्सीजन मास्क अपने आप नीचे आ जाते हैं। यात्री को पहले अपना मास्क लगाना चाहिए। कान का दबाव कम करने के लिए पानी पीना, बार-बार निगलना, जम्हाई लेना या च्युइंग गम चबाना मददगार हो सकता है। जरूरत पड़ने पर हल्के तरीके से वल्साल्वा मैन्युवर भी किया जा सकता है। विमान इतनी तेजी से नीचे क्यों आता है? केबिन प्रेशर कम होना इसका एक कारण हो सकता है, लेकिन हर तेज डिसेंट का मतलब यही नहीं है। तकनीकी खराबी, मेडिकल इमरजेंसी, मौसम या दूसरी परिस्थितियों में भी पायलट ऊंचाई तेजी से कम कर सकते हैं। क्या विमान टूट सकता है? सिर्फ तेजी से हजारों फीट नीचे आने से विमान टूट नहीं जाता। पायलट इस दौरान स्पीड, ऊंचाई और दिशा को नियंत्रित करते हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… तीन देशों की लापरवाही से प्लेन में पहुंचा हमलावर पायलट:ओमान ने उड़ान पर रोक लगाई थी, फिर भी UAE ने भर्ती से पहले वेरिफिकेशन नहीं किया फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी को लेकर ओमान, UAE और इजराइल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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लंदन-शिकागो फ्लाइट 28 हजार फीट नीचे आई:पायलट ने इमरजेंसी अलर्ट भेजा; रास्ता बदलकर लंदन लौटी, वजह साफ नहीं | ACTPnews

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