Pahalgam Terror Attack; NIA Pakistan Terrorists | ACTPnews

पहलगाम के बायसरन में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। - Dainik Bhaskar


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नई दिल्ली3 मिनट पहले

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पहलगाम के बायसरन में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी।

पहलगाम हमले की जांच में पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के मुताबिक पहलगाम अटैक के आतंकियों के मोबाइल में बायसरन इलाके की लोकेशन पहले से थी। फोन की फोरेंसिक जांच में सामने आया है कि बायसरन इलाके की जियोग्राफिकल लोकेशन नेविगेशन एप में रिकॉर्ड थी। लोकेशन के स्क्रीनशॉट फोन में सेव किए गए थे।

NIA सूत्रों के मुताबिक आतंकियों ने अटैक की तैयारी पहले से कर रखी थी। हमले से करीब एक हफ्ते पहले बायसरन की रेकी की थी। आतंकियों के इस्तेमाल किए 2 चीनी मोबाइल पाकिस्तान के पते पर भेजे गए थे। सप्लाई चेन रिकॉर्ड से पता चला कि ये फोन कराची और लाहौर के एड्रेस पर डिलीवर किए गए थे।

सूत्रों के मुताबिक बायसरन इलाके के स्क्रीनशॉट 15 और 16 अप्रैल 2025 को लिए गए थे। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम से 6km दूर बायसरन घाटी में आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। 16 लोग घायल हुए थे। लोगों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया था।

पिछले साल 22 अप्रैल को कश्मीर की बायसरन घाटी में आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने लोगों को धर्म पूछकर गोली मारी।

पिछले साल 22 अप्रैल को कश्मीर की बायसरन घाटी में आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने लोगों को धर्म पूछकर गोली मारी।

24 मई: NIA ने बताया- चीन के रास्ते आतंकियों तक पहुंचा GoPro

NIA ने बताया था कि पहलगाम आतंकी हमले के आरोपी आतंकियों के पास से अमेरिकी कंपनी GoPro का कैमरा बरामद हुआ था, जो चीन के रास्ते लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों तक पहुंचा था।

जांच एजेंसी का मानना है कि इस कैमरे का रास्ता समझने से उन नेटवर्कों का खुलासा हो सकता है, जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों तक फंड, उपकरण और दूसरे संसाधन पहुंचाते हैं।

यह हाई-टेक कैमरा पिछले साल जुलाई में पहलगाम हमले के बाद दाचीगाम के जंगलों में हुई मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों से बरामद हुआ था।

आतंकियों में बॉडी कैमरे का इस्तेमाल बढ़ रहा

NIA अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठन हमलों की रिकॉर्डिंग और बाद में प्रचार के लिए बॉडी कैमरा और एक्शन कैमरा जैसे उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं।

आतंकियों के पास कैमरा कैसे पहुंचा, इसके लिए NIA ने अमेरिकी कंपनी GoPro Inc. से संपर्क किया। कंपनी ने बताया कि यह कैमरा चीन में हमारे ऑथराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर को भेजा गया था।

अब जांच की जा रही है कि चीन से यह कैमरा आतंकियों तक कैसे पहुंचा। अधिकारी गुप्त खरीद नेटवर्क, बिचौलियों और इसमें शामिल लोकल सपोर्ट की जांच कर रहे हैं।

‘पहलगाम हमले में पाकिस्तान का हाथ था’

NIA ने 15 दिसंबर 2025 को पहलगाम अटैक केस में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके डिटेल हाल ही में सामने आई। इसमें खुलासा हुआ है कि कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ था।

हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा आतंकी सैफुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्‌ट उर्फ लंगड़ा है। जो पाकिस्तान के लाहौर में कसूर में रहता है। साजिद जट्ट ही आतंकियों का मेन हैंडलर था।

हमले के दौरान उसने तीनों आतंकियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। वह उन्हें रियल टाइम डायरेक्शन दे रहा था। उसने ही हमले वाली जगह बायसरन वैली की लोकेशन भेजी थी।हमले के दौरान भी वह लगातार आतंकियों से बात कर रहा था।

गिरफ्तार किए गए टूरिस्ट गाइड परवेज और बशीर।

गिरफ्तार किए गए टूरिस्ट गाइड परवेज और बशीर।

टूरिस्ट गाइड ने आतंकियों को देखा था, बता देते तो हमला नहीं होता

  • NIA चार्जशीट के मुताबिक टूरिस्ट गाइड परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद जोठार वक्त रहते जानकारी देते तो हमले को टाला जा सकता था। दोनों गाइड ने आतंकियों को बायसरन में देखा था, लेकिन सुरक्षा एजें​सियों को नहीं बताया। दोनों गाइड्स गिरफ्तार हो चुके हैं।
  • हमले से एक दिन पहले तीनों आतंकियों ने गाइड परवेज की झोपड़ी में खुदा के नाम पर मदद मांग कर खाना खाया। जाते वक्त रोटी-सब्जी भी साथ ले गए थे। तीनों आतंकियों ने फायरिंग से पहले बायसरन घाटी में एक पेड़ के नीचे खाना खाया। वारदात के बाद तीनों ने धार्मिक नारे लगाते हुए हर्ष फायरिंग भी की थी।
  • चार्जशीट के मुताबिक यह हमला धर्म के आधार पर टारगेटेड मर्डर का है, जिसमें 25 टूरिस्ट और एक लोकल की मौत हुई। 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों को भी आरोपी बनाया है।

जेड मोड़ टनल पर हमले में भी शामिल

साजिद, 2005 में वह बॉर्डर क्रॉस करके दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में घुसा था। पैर में गोली लगने के कारण साजिद नकली पैर लगाता है। इसलिए उसे लंगड़ा कहा जाता है। उस पर भर्ती, फंडिंग, घुसपैठ और आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के आरोप हैं।

2019 में साजिद जट्ट लंगड़ा ने ही लश्कर के प्रॉक्सी द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को खड़ा किया था। उसे जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों का हैंडलर और ऑपरेशनल कमांडर माना जाता है।

NIA ने उसे कई हमलों की साजिश से जोड़ा है, जिनमें पहलगाम हमला, डांगरी हमला, पुंछ एयरफोर्स काफिले पर हमला और रियासी बस हमला शामिल हैं।

आतंकी लंगड़ा और उसके तीनों गुर्गे 20 अक्टूबर 2024 को श्रीनगर की जेड मोड़ टनल फायरिंग में भी शामिल थे। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी।

तब सुरक्षा बलों ने एक आतंकी जुनैद को मार गिराया था। उसके पास से बरामद ग्रो प्रो कैमरा और एम4 कार्बाइन तीनों आतंकियों के समान ही थे। दोनों वारदातों का टेरर मॉड्यूल एक ही था।

28 जुलाई: पहलगाम हमले के 3 गुनहगार ढेर

NIA के मुताबिक पहलगाम आतंकी हमले में शामिल पाक आतंकी फैसल जट्‌ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी को सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई, 2025 को ढेर कर दिया था। भारत के टॉप वांटेड में शामिल आतंकी लंगड़ा पर 10 लाख का इनाम है।

ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकियों की तस्वीर।

ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकियों की तस्वीर।

पहलगाम हमले का बदला भारत का ऑपरेशन सिंदूर

भारत ने पहलगाम हमले का बदला लेते हुए 6 मई की रात 1:05 बजे पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। भारत ने 24 मिसाइलें दागीं थीं।

इसमें 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर की फैमिली के 10 सदस्य और 4 सहयोगी मारे गए थे।

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