पाकिस्तान की लाहौर हाईकोर्ट ने 2020 के चर्चित मोटरवे गैंगरेप केस में दो दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी है। दोषियों ने फ्रेंच महिला पर्यटक को उसके तीन बच्चों के सामने कार से बाहर निकालकर गन पॉइंट पर गैंगरेप किया था। मार्च 2021 में एंटी टेररिज्म कोर्ट ने दोनों को गैंगरेप, अपहरण, लूट और आतंकवाद से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद दोनों आरोपियों ने लाहैर हाईकोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील की। अब लाहौर हाईकोर्ट ने दोषी आबिद अली और शफकत अली की अपील खारिज कर दी है। यह घटना सितंबर 2020 में सियालकोट-लाहौर मोटरवे पर हुई थी। फ्रांसीसी मूल की महिला अपने तीन बच्चों के साथ सफर कर रही थी, तभी उसकी कार का पेट्रोल खत्म हो गया। जांच के मुताबिक, महिला कार के अंदर मदद का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान आरोपियों ने कार का शीशा तोड़ा, महिला को बाहर घसीटा और बंदूक की नोक पर बच्चों के सामने गैंगरेप किया। आरोपियों ने नकदी, गहने और बैंक कार्ड भी लूट लिए थे। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… ट्रेनिंग के दौरान ब्रिटिश नेवी का हेलिकॉप्टर क्रैश, तीन सैनिकों की मौत ब्रिटेन की रॉयल नेवी का एक हेलिकॉप्टर बुधवार को ट्रेनिंग के दौरान क्रैश हो गया। हादसे में हेलिकॉप्टर में सवार तीन सैनिकों की मौत हो गई। यह दुर्घटना इंग्लैंड के डेवोन इलाके में सुबह करीब 4 बजे हुई, जब हेलिकॉप्टर एक खेत में गिरा। रॉयल नेवी के प्रमुख जनरल ग्विन जेनकिंस ने कहा कि मर्लिन एमके-4 हेलिकॉप्टर में सवार तीन क्रू मेंबर इस हादसे में जान गंवा बैठे। हादसा कैसे हुआ, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच जारी है। रॉयल नेवी के मुताबिक मर्लिन एमके-4 हेलिकॉप्टर में आमतौर पर चार लोग सवार होते हैं और यह 24 सैनिकों को ले जा सकता है। इसका इस्तेमाल समुद्र में गश्त, बचाव अभियान, सामान पहुंचाने और पनडुब्बियों की निगरानी जैसे कामों में किया जाता है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मृत जवानों के परिवारों को घटना की जानकारी दे दी गई है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस हादसे को बेहद दुखद बताया और जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… UN सुरक्षा परिषद की सीट नहीं मिलने के पीछे रूस का विरोध: जर्मन विदेश मंत्री
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अस्थायी सदस्यता के चुनाव में जर्मनी को हार का सामना करना पड़ा है। जर्मन विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने इस नतीजे को “कड़वी हार” बताते हुए कहा कि यूक्रेन और इजराइल के समर्थन में जर्मनी के रुख तथा रूस के विरोध की वजह से उसे पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका। बुधवार को हुए मतदान में पश्चिमी यूरोपीय और अन्य देशों के समूह (WEOG) की दो सीटों के लिए चुनाव हुआ। इसमें पुर्तगाल को 134 और ऑस्ट्रिया को 131 वोट मिले, जबकि जर्मनी को केवल 104 वोट मिले। वाडेफुल ने कहा कि रूस नहीं चाहता था कि जर्मनी की आवाज सुरक्षा परिषद तक पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस ने जर्मनी के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की। हालांकि, रूस ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। जर्मन विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि मध्य पूर्व संघर्ष में इजराइल के प्रति जर्मनी की विशेष जिम्मेदारी और उसके समर्थन का भी चुनावी परिणाम पर असर पड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जर्मनी कई मुद्दों पर स्पष्ट और सिद्धांत आधारित रुख अपनाता है, जिससे सभी सदस्य देश सहमत नहीं होते। चुनाव में किर्गिस्तान, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे भी सुरक्षा परिषद के नए अस्थायी सदस्य चुने गए। जर्मनी की हार को चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के लिए एक झटका माना जा रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि मर्ज अंतरराष्ट्रीय मंच पर जर्मनी की भूमिका मजबूत करने का केवल दावा करते रहे हैं। दूसरी ओर मर्ज ने चुनाव परिणाम को स्वीकार करते हुए ऑस्ट्रिया और पुर्तगाल को बधाई दी और कहा कि जर्मनी बहुपक्षीय व्यवस्था का भरोसेमंद स्तंभ बना रहेगा।
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वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में फ्रांसीसी महिला से गैंगरेप करने वाले 2 दोषियों की फांसी की सजा बरकरार | ACTPnews

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