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ओस्लो2 दिन पहले
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भारत-नॉर्डिक के दौरान पीएम मोदी के साथ नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेताओं की तस्वीर।
मोदी ने तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और कानून का सम्मान के नरजिए से भारत और नॉर्डिक देशों को स्वाभाविक साझेदार हैं।
नॉर्डिक देशों में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन शामिल हैं। पीएम ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और आने वाले समय में यह साझेदारी और आगे बढ़ेगी।
इससे पहले मोदी ने नॉर्वे के पीएम योनास गार स्टोरे, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ओर्पो और आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन म्योल फ्रॉस्टाडोटिर से भी मुलाकात की।
इस समिट का मकसद भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करना था।
मोदी नॉर्वे की यात्रा पूरी करने के बाद इटली के लिए रवाना हो गए हैं। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच देशों के दौरे का अंतिम चरण है।

नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते पीएम मोदी।

पीएम मोदी ने मंगलवार को ओस्लो में आइसलैंड की PM क्रिस्ट्रुन म्योल फ्रॉस्टाडोटिर से मुलाकात की।

पीएम मोदी ने मंगलवार को ओस्लो में फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ओर्पो से मुलाकात की।

पीएम मोदी ने मंगलवार को ओस्लो में डेनमार्क की कार्यवाहक PM मेटे फ्रेडिक्सन से मुलाकात की।
भारत-फिनलैंड का आपसी व्यापार दोगुना करने का टारगेट
पीएम मोदी ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ऑरपो से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 5G-6G, क्वांटम टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष, रिन्यूएबल एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने साल 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करने का टारगेट रखा। साथ ही भारत और फिनलैंड ने सितंबर 2026 में गुजरात के गांधीनगर में जॉइंट तौर पर ‘वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम’ आयोजित करने का ऐलान किया। अभी भारत-फिनलैंड का आपसी व्यापार करीब 18 हजार करोड़ रुपए है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत और फिनलैंड ने डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने उद्योग, रिसर्च संस्थानों और शिक्षा जगत के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई।
मोदी बोले- भारत नॉर्वे दोनों डिप्लोमेसी में भरोसा रखते हैं
मोदी ने कल नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में कहा कि दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल युद्ध से नहीं, बल्कि बातचीत और शांति से निकल सकता है।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों बातचीत और कूटनीति में भरोसा रखते हैं। यूक्रेन युद्ध हो या पश्चिम एशिया का संकट भारत हमेशा शांति की कोशिशों का समर्थन करेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है। उन्होंने आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
नॉर्वे ने पीएम मोदी को अपने सबसे बड़े सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से भी सम्मानित किया गया।

नॉर्वे के राजा ने पीएम मोदी को अपने यहां का सर्वोच्च सम्मान दिया।
पीएम मोदी ने बिजनेस समिट में हिस्सा लिया
पीएम मोदी ने सोमवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नॉर्वे की बड़ी कंपनियों और रिसर्च संस्थानों के प्रमुखों से मुलाकात की।
समिट में ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, शिपिंग, हेल्थ टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, शिक्षा और रिसर्च जैसे कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इसमें शामिल बड़ी कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू करीब 200 अरब डॉलर थी।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत निवेश और इनोवेशन के लिए बड़ा और भरोसेमंद बाजार बन रहा है। उन्होंने भारत में निवेश के अवसरों को भी सामने रखा।

पीएम मोदी बिजनेस समिट में नॉर्वे की बड़ी कंपनियों के अधिकारियों के साथ।
2030 तक व्यापार दोगुना करने पर चर्चा हुई
बैठक में दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ तक बढ़ाने का फैसला किया। इसके तहत ग्रीन एनर्जी, क्लीन टेक्नोलॉजी, समुद्री अर्थव्यवस्था, ग्रीन शिपिंग और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा।
दोनों देशों ने 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने का टारगेट रखा है। साथ ही भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख नौकरियां पैदा करने के टारगेट पर भी चर्चा हुई।
पीएम मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे ने स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, मछली पालन, समुद्री सुरक्षा और डिजिटल तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।













