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- Iran US War Ceasefire Peace Deal LIVE Update; Hormuz Strait Oil Supply | Donald Trump Mojtaba Khamenei
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी32 मिनट पहले
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अमेरिका-ईरान समझौते के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने नई चेतावनी दी है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग के बाद ईरान पहले से ज्यादा ताकतवर हो गया है।
खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि अब ईरान जब चाहे होर्मुज को बंद कर सकता है। रिपोर्ट से परिचित तीन सूत्रों ने बताया कि युद्ध के बाद ईरान के पास वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की एक और नई ताकतवर क्षमता आ गई है।
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान के पास ऐसा हथियार मिल गया है जो परमाणु बम से ज्यादा असरदार है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर परमाणु बातचीत टूटती है, तो यमन के हूती विद्रोहियों के जरिए बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में भी संकट पैदा कर सकता है। ऐसे में दुनिया के दो बड़े समुद्री व्यापार मार्ग एक साथ प्रभावित हो सकते हैं।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही का भरोसा: ईरान और ओमान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया।
2. ट्रम्प बोले- हिजबुल्लाह से सीरिया निपट सकता है: डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अगर इजराइल हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई में आम लोगों की मौत नहीं रोक पा रहा है, तो सीरिया यह जिम्मेदारी संभाल सकता है।
3. लेबनान में जंग खत्म करने की मांग: ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि सिर्फ ईरान में संघर्ष रुकना काफी नहीं है। उन्होंने मांग की कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हो और इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान से पीछे हटे।
4. अमेरिका-ईरान बातचीत पर चीन की चेतावनी: चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि मौजूदा सहमति अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दूसरा चरण पहले से ज्यादा मुश्किल होगा और स्थायी शांति के लिए सभी पक्षों को लगातार प्रयास करने होंगे।
5. कुछ दिनों में पूरा ईरान समझौता सार्वजनिक होगा: ट्रम्प ने कहा कि वह अगले कुछ दिनों में अमेरिका-ईरान समझौते का पूरा दस्तावेज सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समझौते को शब्द-दर-शब्द पढ़कर भी सुनाएंगे, ताकि उसकी सही जानकारी सामने आ सके।
ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
32 मिनट पहले
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पीस डील के ऐलान के बाद लेबनान से जुड़ी 4 तस्वीरें…

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद दक्षिणी लेबनान लौट रही एक महिला ने कार से विक्ट्री साइन दिखाया।

इजराइली हमलों में नष्ट हुए अपने घर के मलबे के बीच एक महिला अपना बचा-खुचा सामान ढूंढ़ रही हैं।

नबातीह में एक व्यक्ति अपने तबाह हो चुके सुपरमार्केट को देखता हुआ।

दक्षिण लेबनान के नबातियेह शहर में लोग अपने गांव लौटकर अपने तबाह हो चुके घरों को देख रहे हैं।
06:20 AM17 जून 2026
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ट्रम्प की ईरान डील संसद में गई तो क्या होगा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प G7 समिट के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए।
डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि वह ईरान के साथ हुए समझौते को समीक्षा के लिए संसद में भेजने के लिए तैयार हैं।
हालांकि समझौते की कई अहम बातें अभी भी साफ नहीं हैं। अब तक समझौते का पूरा दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस बीच समझौते की कथित शर्तों को लेकर कई रिपोर्टें लीक हुई हैं, लेकिन उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प अगर यह संसद को भेजते हैं, तो कई चीजें हो सकती हैं। जैसे-
- समझौते के शर्तों की जांच होगी
- इससे जुड़ी सुनवाई (हियरिंग) रखी जा सकती है।
- विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और अन्य अधिकारियों से जवाब मांगे जा सकते हैं।
- रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसद इसके पक्ष और विपक्ष में बहस कर सकते हैं।
- संसद औपचारिक समर्थन, संशोधन की मांग या विरोध का प्रस्ताव भी ला सकती है।
ट्रम्प के लिए यह राजनीतिक रूप से जोखिम भरा कदम भी हो सकता है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका में कई सांसद और इजराइल समर्थक समूह ईरान को आर्थिक राहत देने, प्रतिबंध हटाने और 300 अरब डॉलर के निवेश पैकेज जैसे प्रस्तावों का विरोध कर सकते हैं।
हालांकि, अगर संसद में इस समझौते को समर्थन मिलता है तो इसकी वैधता बढ़ जाएगी। तब भविष्य में कोई नया राष्ट्रपति इसे आसानी से रद्द नहीं कर पाएगा। 2015 में ओबामा ने ईरान के साथ जो परमाणु डील की थी वह संसद से पास नहीं हो पाई थी।
06:06 AM17 जून 2026
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अमेरिका-ईरान पीस डील से जुड़ी 4 अहम बातें
अमेरिका-ईरान पीस डील पर दस्तखत कब होंगे?
19 जून
दस्तखत कहां होंगे?
स्विट्जरलैंड के लूसर्न शहर के पास स्थित बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में
दस्तखत कौन करेगा?
अमेरिका से- उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
ईरान से- ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ
समझौते में क्या है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह 14 प्वाइंट का दस्तावेज है जिसमें युद्ध समाप्त करने, होर्मुज में जहाजों की आवाजाही शुरू करने, ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत, तेल निर्यात जारी रखने की अनुमति, जमे हुए ईरानी फंड जारी करने और ईरान के आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए बड़े निवेश की व्यवस्था जैसे प्रावधान शामिल हैं।
05:51 AM17 जून 2026
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ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े विवाद को जानिए
ईरान का परमाणु कार्यक्रम कई दशकों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा रहा है। ईरान लगातार दावा करता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है। लेकिन अमेरिका और इजराइल इस दावे को नहीं मानते। उनका कहना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है।
2015 का परमाणु समझौता क्या था?
2015 में हुए परमाणु समझौते के तहत ईरान ने यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) का स्तर 3.67% तक सीमित रखने पर सहमति दी थी।
3.67% संवर्धित यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु बिजलीघरों के ईंधन के रूप में किया जा सकता है।
परमाणु हथियार बनाने के लिए आमतौर पर 90% या उससे अधिक संवर्धित यूरेनियम की जरूरत होती है।
ट्रम्प के फैसले के बाद क्या बदला?
2018 में ट्रम्प ने अमेरिका को 2015 के परमाणु समझौते से बाहर निकाल लिया।
इसके बाद ईरान ने धीरे-धीरे यूरेनियम संवर्धन का स्तर बढ़ाना शुरू कर दिया।
ईरान ने खुले तौर पर 3.67% की सीमा से ऊपर जाना शुरू किया।
ईरान कितनी दूर पहुंच गया था?
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के मुताबिक जून 2025 तक ईरान 60% तक यूरेनियम संवर्धन कर रहा था।
उसके पास 60% संवर्धित यूरेनियम का करीब 400 किलोग्राम भंडार था।
यह स्तर परमाणु हथियार के लिए जरूरी 90% से नीचे है, लेकिन नागरिक उपयोग के लिए जरूरी स्तर से काफी ज्यादा है।
05:41 AM17 जून 2026
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ईरान के तीन तेल टैंकरों ने अमेरिकी नाकेबंदी को पार किया

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने सोनिया 1 को ईरान के तेल परिवहन नेटवर्क से जुड़े जहाजों की सूची में शामिल किया था। जहाज पर द्वितीयक प्रतिबंध (सेकेंडरी सैंक्शंस) भी लगाए गए थे।
समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने वाली टैंकरट्रैकर्स के मुताबिक, पीस डील के ऐलान के बाद से ईरान का तीसरा तेल टैंकर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को पार कर गया है।
टैंकरट्रैकर्स ने बताया कि नेशनल ईरानियन टैंकर कंपनी (NITC) का टैंकर सोनिया-1 करीब 10 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर निकला था।
इससे पहले मंगलवार को NITC के दो टैंकर डायोना और हीरो-2 ने भी अमेरिकी नाकाबंदी पार की थी। इन दोनों जहाजों में कुल 38 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल लदा हुआ था।
05:09 AM17 जून 2026
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होर्मुज स्ट्रेट से 14 जहाज गुजरे, यह जून में सबसे ज्यादा

होर्मुज स्ट्रेट में कई जहाज फंसे हुए हैं। (फाइल फोटो)
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बढ़ने लगी है। मैरीटाइम एनालिसिस फर्म विंडवर्ड ने बताया कि मंगलवार को 14 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे, जो इस महीने का सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा है। इस आंकड़े से पता चलता है कि शिपिंग कंपनियों का भरोसा धीरे-धीरे लौट रहा है।
हालांकि, मौजूदा ट्रैफिक अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से काफी कम है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने से पहले इस होर्मुज से औसतन करीब 130 जहाज प्रतिदिन गुजरते थे।
विंडवर्ड ने कहा कि कई शिपिंग कंपनियां अभी भी इंतजार कर रही हैं। जहाज मालिकों का कहना है कि वे तब तक होर्मुज से जहाज नहीं भेजेंगे, जब तक जहाजों पर हमले का खतरा पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता।
04:53 AM17 जून 2026
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अमेरिका में विपक्षी नेता बोले- ट्रम्प ने ईरान के सामने सरेंडर किया

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ विदेश मंत्री मार्को रूबियो (बाएं) और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ।
ट्रम्प सरकार भले ही पीस डील को अपनी जीत बता रही है लेकिन कई एक्सपर्ट और पोलिटिकल कमेंटेटर इसे अमेरिका और ट्रम्प की हार बता रहे हैं।
जंग में अमेरिका की कमजोर स्थिति का दावा तब सही लगने लगा जब रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का इंटरव्यू वायरल हो गया।
एक कार्यक्रम में हेगसेथ ने दावा किया कि अमेरिका पूरे समय होर्मुज पर नियंत्रण बनाए हुए था। लेकिन पत्रकार मार्गरेट ब्रेनन ने उनसे पूछा कि अगर अमेरिका का पूरा कंट्रोल था, तो फिर उसको दोबारा खोलना बातचीत का इतना बड़ा मुद्दा क्यों बना रहा?
इस सवाल पर हेगसेथ गोलमोल जवाब देते नजर आए। उनके इस जवाब की सोशल मीडिया पर बहुत आलोचना हुई।
डेमोक्रेट सांसदों ने तो इस पीस डील को सीधे ‘सरेंडर लेटर’ तक कह दिया। उन्होंने कहा कि यह एक खराब समझौता है और ऐसा लगता है जैसे ट्रम्प ने ईरान के सामने सरेंडर कर दिया है।
04:38 AM17 जून 2026
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कनाडा के प्रधानमंत्री बोले- मैंने पीस डील का ड्राफ्ट देखा, उससे संतुष्ट हूं

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ बातचीत हुए।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का ड्राफ्ट देखा है और वे इससे काफी संतुष्ट हैं।
फ्रांस में G7 समिट के दौरान CNN को दिए इंटरव्यू में कार्नी ने कहा कि इस समझौते की वजह से ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज में आवाजाही बढ़ने पर ही ईरान को आर्थिक राहत मिलने का रास्ता खुलेगा।
04:25 AM17 जून 2026
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यमन में 10 लाख लोग ईरान के समर्थन में सड़कों पर उतरे


03:55 AM17 जून 2026
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ईरान युद्ध में ग्रोक का इस्तेमाल, 96 घंटे में 2,000 ठिकानों पर हमले का दावा

अमेरिकी सरकार ने खुलासा किया है कि इलॉन मस्क की AI कंपनी चैटबॉट ग्रोक का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में किया गया था।
AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी एक अदालती मामले में जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से दाखिल कानूनी दस्तावेज में सामने आई है।
इसके मुताबिक ग्रोक का सरकारी संस्करण अमेरिकी सेना के प्रोजेक्ट मेवेन का हिस्सा है। यह एक AI बेस्ड सिस्टम है, जो टारगेट की पहचान और हमलों की प्लानिंग में मदद करती है।
पेंटागन के डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रमुख कैमरन स्टेनली के मुताबिक, जंग के दौरान मेवेन ने अमेरिकी सेना को 96 घंटे के भीतर 2,000 अलग-अलग ठिकानों पर 2,000 से ज्यादा हथियार तैनात करने में मदद की।
03:33 AM17 जून 2026
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले- डील के लिए तीन सिद्धांत जरूरी
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते का आधार तीन जरूरी सिद्धांतों पर रखा गया है।
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि पहली शर्त यह है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं होगी। दूसरी शर्त होर्मुज को खुला रखने और तीसरी समझौते का पालन करने के बाद ईरान को आर्थिक लाभ मिलने की है।
वेंस ने कहा, “ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता, होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा और यदि ईरान सही व्यवहार करता है तो उसे कई आर्थिक लाभ मिलेंगे। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो उसे कुछ नहीं मिलेगा।”
03:05 AM17 जून 2026
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भारत से जुड़े 34 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे, इनमें से 16 उर्वरक के

अमेरिका और ईरान के बीच सोमवार को शांति समझौते की घोषणा के तुरंत बाद दिशा नाम के भारतीय एलएनजी (LNG) टैंकर ने सुरक्षित रूप से हॉर्मुज पार किया। ऐसा करने वाला वह पहला भारतीय व्यापारिक जहाज बना। यह जहाज 18 जून को गुजरात के दहेज पोर्ट पहुंचेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिशा के सुरक्षित रूप से हॉर्मुज पार करने से उन 34 भारतीय और विदेशी झंडे वाले जहाजों को उम्मीद मिली है, जो अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं और भारतीय की ओर रवाना होने का इंतजार कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक इन जहाजों में से 16 जहाजों पर उर्वरक लदा है।
इनमें से-
8 जहाज यूरिया
4 जहाज डाय-अमोनियम फॉस्फेट (DAP)
3 जहाज सल्फर
1 जहाज अमोनिया के हैं।
02:57 AM17 जून 2026
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हिजबुल्लाह चीफ ने ईरान को इंसाफ पसंद देश कहा
हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम ने मंगलवार को ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ को भेजे मैसेज में ईरान के समर्थन के लिए आभार जताया है। उन्होंने कहा कि ईरान इंसाफ पसंद देश है। आपकी तरह दूसरे देश भी इसी तरह का रुख अपनाते, तो अमेरिका और इजराइल इतना प्रभाव और शक्ति हासिल नहीं कर पाते।
कासिम ने कहा कि ईरान ने वर्षों से संगठन और लेबनान की जनता का बिना किसी शर्त समर्थन किया है। आपने इजराइली कार्रवाइयों का सामना करने के लिए बड़ी कीमत चुकाई है और अपने ऊपर हुए हमलों का जवाब भी दिया है। ईरान गरिमा और सम्मान का प्रतीक है।
02:45 AM17 जून 2026
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जेडी वेंस बोले- ईरान को अमेरिका का एक डॉलर भी नहीं मिलेगा

अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने ईरान-अमेरिका डील का बचाव करते हुए उन दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा है कि इस डील के तहत ईरान को 300 अरब डॉलर का फायदा मिलेगा।
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि समझौते के आलोचक वही गलती कर रहे हैं जो ईरान समर्थक प्रचार करने वाले लोग कर रहे हैं। उनके मुताबिक वे सिर्फ यह देख रहे हैं कि ईरान को क्या फायदा मिल सकता है, लेकिन यह नहीं देख रहे कि इसके बदले ईरान को क्या-क्या शर्तें माननी होंगी।
वेंस ने कहा कि किसी भी स्थिति में अमेरिका का एक भी डॉलर ईरान को नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर ईरान अमेरिका की सभी शर्तों का पालन करता है, तभी अमेरिका दूसरे देशों को ईरान में निवेश करने की अनुमति देगा।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि UAE जैसे देश ईरान में की परियोजनाओं में निवेश कर सकते हैं, लेकिन यह पैसा अमेरिका की तरफ से नहीं होगा।
02:26 AM17 जून 2026
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अमेरिकी सेना का दावा- ईरान ने जहाजों की ओर ड्रोन भेजे
अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को समझौता ज्ञापन (MoU) पर दस्तखत होने के बाद भी ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों की दिशा में कई ड्रोन भेजे हैं। यह दावा एक अमेरिकी अधिकारी ने किया है।
NBC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने कहा कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) होर्मुज में शिपिंग रास्ते की ओर लगातार ड्रोन लॉन्च कर रही है।
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने इन ड्रोन को जहाजों तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया। उनका कहना है कि इन ड्रोन से व्यापारिक और सैन्य जहाजों को खतरा हो सकता था।
02:14 AM17 जून 2026
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ईरान से पीस डील के खिलाफ अमेरिकी विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और CIA चीफ

पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए प्रारंभिक समझौते से ट्रम्प सरकार के भीतर मतभेद पैदा हो गया है। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, CIA चीफ जॉन रैटक्लिफ को शक है कि ईरान समझौते में किए गए सभी वादे निभाएगा या नहीं।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भी मानना है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर वे कदम उठाने के लिए तैयार नहीं है, जिनकी अमेरिका उम्मीद कर रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी समझौते को लेकर चिंता जताई थी।
वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर समझौते को आगे बढ़ाने के पक्ष में थे।
02:01 AM17 जून 2026
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ट्रम्प बोले- लेबनान में ज्यादा लंबी लड़ाई खींच रहे नेतन्याहू
ट्रम्प ने मंगलवार को G7 समिट की एक बैठक में कहा कि नेतन्याहू लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ाई जरूरत से ज्यादा लंबी खींच रहे हैं। उन्होंने कहा- लेबनान कभी एक देश था। अब वहां की हालत बेहद खराब हो गई है। इजराइल ने जिस तरह से स्थिति संभाली है, उससे वे खुश नहीं हैं
उन्होंने कहा, “हर बार किसी एक व्यक्ति को मारने के लिए पूरी अपार्टमेंट बिल्डिंग को गिराने की जरूरत नहीं होती। उन इमारतों में बहुत सारे लोग रहते हैं और वे सभी हिजबुल्लाह के मेंबर नहीं होते।”
01:49 AM17 जून 2026
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अमेरिका-ईरान के बीच 14 मुद्दों पर बातचीत होगी
अमेरिका और ईरान के बीच के बीच एक लिखित सहमति (MoU) बन गई है कि जंग रोकने को लेकर किन शर्तों पर बातचीत होगी। 15 जून को दोनों देशों के नेताओं ने इस पर इलेक्ट्रॉनिक साइन भी कर दिया था।
अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के 19 जून को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक झील किनारे स्थित रिसॉर्ट में इकट्ठा होने की उम्मीद है। वहां दोनों देश शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके साथ ही 60 दिन के युद्धविराम और बातचीत का समय शुरू होगा।
01:36 AM17 जून 2026
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ट्रम्प या ओबामा ईरान के साथ किसने बेहतर डील की

ट्रम्प लगातार दावा कर रहे हैं कि उनका ईरान के साथ समझौता ओबामा सरकार के परमाणु समझौते से अच्छा है। उनका कहना है कि ओबामा की डील ईरान को परमाणु हथियार तक पहुंचने का रास्ता देती थी, जबकि उनकी डील उसके खिलाफ एक मजबूत दीवार है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक अभी दोनों डील की तुलना करना मुश्किल है। ट्रम्प की मौजूदा डील अभी सिर्फ युद्धविराम, होर्मुज को 60 दिनों के लिए पूरी तरह खोलने और भविष्य में परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने का एक मसौदा भर है। परमाणु कार्यक्रम पर असली बातचीत अभी बाकी है।
ट्रम्प के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती शुरू हो रही है। उन्हें साबित करना होगा कि तीन महीने तक चले युद्ध और उसके भारी आर्थिक व मानवीय नुकसान के बदले अमेरिका को क्या हासिल हुआ।
2015 के समझौते में ईरान ने अपने लगभग 97% परमाणु ईंधन भंडार को देश से बाहर भेज दिया था। लेकिन मौजूदा समझौते में ईरान के मौजूदा यूरेनियम भंडार का क्या होगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। यह भी तय नहीं है कि ईरान के परमाणु केंद्र बंद होंगे या नहीं, भविष्य में यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) की अनुमति होगी या नहीं और मिसाइल कार्यक्रम पर क्या प्रतिबंध लगेंगे।
01:18 AM17 जून 2026
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ईरान की टीम को मैच खत्म होते ही अमेरिका छोड़ना होगा

अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि ईरान की फुटबॉल टीम विश्व कप के ग्रुप मैचों के बाद देश में नहीं रुक सकेगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, लॉस एंजिलिस और सिएटल में अपने मुकाबले खत्म होने के कुछ घंटों के भीतर ही टीम को अमेरिका छोड़ना होगा।
यह बयान ईरानी खिलाड़ियों और अधिकारियों को वीजा जारी करने तथा उनके अमेरिका में ठहरने को लेकर उठे विवाद के बीच आया है। इस मुद्दे पर आलोचना होने के बाद व्हाइट हाउस की फीफा टास्क फोर्स के कार्यकारी निदेशक एंड्रयू जूलियानी ने कहा, “हमने पहले ही कह दिया था कि प्रक्रिया यही होगी।”
01:14 AM17 जून 2026
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ट्रम्प बोले- ओबामा के सामने गिड़गिड़ाए थे नेतन्याहू
राष्ट्रपति ट्रम्प ने मंगलवार को 2015 के ईरान परमाणु समझौते को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तत्कालीन बराक ओबामा से यह समझौता न करने के लिए गिड़गिड़ाए थे, लेकिन ओबामा ने उनकी बात नहीं मानी।
ट्रम्प ने ओबामा पर आरोप लगाया कि उन्होंने इजराइल के बजाय ईरान का साथ दिया था। G7 समिट के दौरान एक बैठक में ट्रम्प ने ईरान के साथ हो रहे नए समझौते की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह डील ईरान के परमाणु हथियार तक पहुंचने के रास्ते को रोकने वाली दीवार है। अगर ओबामा वाली डील जारी रहती तो अब तक ईरान परमाणु हथियार तक पहुंच चुका होगा।














