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- Uddhav Thackeray Shiv Sena Crisis Update; Eknath Shinde UTB MP | Maharashtra Operation Tiger
नई दिल्ली/मुंबई3 मिनट पहले
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मुंबई में उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें लिखा है- हम हमेशा ठाकरे के साथ हैं।
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलें तेज हैं। दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। ये 6 सांसद आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं।
उद्धव गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया कि सांसदों को 50-50 करोड़ रुपए ऑफर हुए हैं। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राउत ने कहा- मेरे पास जानकारी है कि सांसदों को 15-15 करोड़ रुपए पहुंचाए गए हैं और उन्हें 3 चार्टर्ड विमानों से दिल्ली ले जाया गया है।
राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (UBT) के 9 में से सिर्फ 3 सांसद, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत मौजूद रहे। राउत ने कहा कि सांसदों को खुद सामने आकर अटकलों का खंडन करना चाहिए।
महाराष्ट्र की राजनीति में मौजूदा घटनाक्रम को ‘ऑपरेशन टाइगर’ नाम दिया गया है। अविभाजित शिवसेना (उद्धव+शिंदे गुट) का चुनाव चिह्न और प्रतीक ‘बाघ’ था, जिसे पार्टी संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने डिजाइन किया था।

दिल्ली पहुंचे 6 UBT सांसद, उद्धव ने 18 जून को बैठक बुलाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उद्धव गुट के 6 से 7 सांसद मंगलवार देर रात दिल्ली पहुंच गए थे। सभी आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी मंगलवार रात से दिल्ली में हैं।
उद्धव और अन्य पार्टी लीडर्स अपने सांसदों से लगातार संपर्क करने और उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन बातचीत नहीं हो पा रही है। पार्टी ने गुरुवार को दिल्ली में संसदीय समिति की बैठक बुलाई है।
न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, पार्टी ने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया है। जो सांसद बैठक में नहीं आएंगे, पार्टी उनके खिलाफ डिस्क्वालिफिकेशन की कार्रवाई कर सकती है।

संजय दीना पाटिल बोले- मैं बागी लिस्ट में नहीं, UBT में ही रहूंगा
शिवसेना (UBT) सांसद संजय दीना पाटिल ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा- मेरा नाम किसी भी बागी सांसदों की लिस्ट में नहीं है। मैं उद्धव ठाकरे की पार्टी का सांसद हूं और इसी पार्टी में रहूंगा।
उद्धव गुट में टूट से जुड़ी अपटेड्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए….
लाइव अपडेट्स
23 मिनट पहले
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अनिल देसाई बोले- सुप्रीम कोर्ट का SLP पर फैसला आता तो यह नौबत नहीं आती
दिल्ली में शिवसेना (UBT) सांसद अनिल देसाई ने कहा- अगर हमारी स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) पर सुप्रीम कोर्ट फैसला दे देता, तो आज ये स्थिति पैदा नहीं होती। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को अरविंद सावंत के लिखे लेटर पर देसाई ने कहा- ये सभी प्रावधान संविधान और जनप्रतिनिधित्व कानून (Representation of the People Act) में मौजूद हैं। ये राजनीतिक दलों को सुरक्षा प्रदान करते हैं। अगर इनका उल्लंघन होता है, तो हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंगे।
31 मिनट पहले
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UBT सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई स्पीकर से मिलने संसद पहुंचे
33 मिनट पहले
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अरविंद सावंत ने स्पीकर से बागी गुट को मान्यता न देने की मांग की
इस बीच UBT सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा है कि अलग होने वाले किसी भी संभावित गुट को पार्टी के प्रतिनिधि के रूप में मान्यता न दी जाए।
सावंत ने पत्र में कहा कि सदन में नेता, व्हिप और विधायी गतिविधियों से जुड़े अधिकार राजनीतिक दल से आते हैं, न कि केवल विधायक दल से। इसलिए पार्टी से अलग होकर कोई समूह खुद को अधिकृत प्रतिनिधि नहीं बता सकता।
33 मिनट पहले
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राउत बोले- सांसदों ने 14 जून की बैठक में मां-बच्चों की कसम खाई
उद्धव ठाकरे ने 14 जून को लोकसभा सांसदों की बैठक बुलाई थी। इसमें 9 में से 4 सांसद व्यक्तिगत रूप से और 4 ऑनलाइन शामिल हुए थे। सांसद संजय देशमुख पारिवारिक कारणों का हवाला देकर बैठक में शामिल नहीं हुए थे।
उन्होंने 15 जून को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से मुलाकात की थी। दोनों की मुलाकात पर राउत ने कहा कि पार्टी के सभी सांसद एकजुट हैं। राउत के मुताबिक, सांसदों ने अपनी मां, बच्चों, साईंबाबा और देवी तुलजाभवानी की शपथ लेकर कहा कि वे उद्धव ठाकरे का साथ नहीं छोड़ेंगे।
35 मिनट पहले
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4 साल पहले टूटी थी शिवसेना, शिंदे गुट को असली शिवसेना का दर्जा मिला
महाराष्ट्र में मौजूदा राजनीतिक संकट के बीच 2022 की शिवसेना बगावत की याद फिर ताजा हो गई है। उस समय भी उद्धव ठाकरे गुट ने विधायकों को व्हिप जारी किया था, लेकिन एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 40 विधायक अलग हो गए थे।
20 जून 2022 को शिवसेना के 55 में से 40 विधायक शिंदे के साथ चले गए। उस समय उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे। बगावत के बाद राज्यपाल ने सरकार को फ्लोर टेस्ट कराने का निर्देश दिया। उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट पर रोक नहीं लगाई।
इसके बाद उद्धव ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 30 जून 2022 को शिंदे भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने। इसके बाद दोनों गुटों ने एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर कीं।
कोर्ट ने इस मामले पर फैसला विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर पर छोड़ दिया। 10 जनवरी 2024 को स्पीकर राहुल नार्वेकर ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बगावत के समय शिंदे गुट के पास 37 विधायक थे, इसलिए वही शिवसेना का वास्तविक राजनीतिक दल माना जाएगा।
नार्वेकर ने दोनों पक्षों की अयोग्यता याचिकाएं खारिज कर दीं और किसी भी विधायक की सदस्यता रद्द नहीं की। इससे पहले चुनाव आयोग भी शिवसेना का चुनाव चिह्न धनुष-बाण और पार्टी का नाम शिंदे गुट को दे चुका था।













