Bengal Govt Wont Produce Illegal Migrants in Court | ACTPnews

शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को हावड़ा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में बैठक की। - Dainik Bhaskar


कोलकाता24 मिनट पहले

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शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को हावड़ा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में बैठक की।

पश्चिम बंगाल सरकार अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को कोर्ट की बजाय सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपेगी। यह जानकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को दी। नया नियम 20 मई से लागू हो गया है।

शुभेंदु ने कहा कि इस बारे में पुलिस कमिश्नर और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नए नियम के मुताबिक, जो लोग अवैध प्रवासी पाए जाएंगे और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत नागरिकता पाने के हकदार नहीं होंगे।

BSF को जमीन देने के लिए कोलकाता में बुधवार को बैठक हुई।

BSF को जमीन देने के लिए कोलकाता में बुधवार को बैठक हुई।

CAA क्या है, इसकी 3 बड़ी बातें…

CAA को हिंदी में नागरिकता संशोधन कानून कहा जाता है। इससे पाकिस्तान, बांग्लादेश अफगानिस्तान से आए गैर- मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता मिलने का रास्ता साफ होता है।

1. किसे मिलेगी नागरिकता: 31 दिसंबर 2024 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता दी जाएगी। इन तीन देशों के लोग ही नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे।

2. भारतीय नागरिकों पर क्या असर: भारतीय नागरिकों से CAA का कोई सरोकार नहीं है। संविधान के तहत भारतीयों को नागरिकता का अधिकार है। CAA या कोई कानून इसे नहीं छीन सकता।

3. आवेदन कैसे कर सकेंगे: आवेदन ऑनलाइन करना होगा। आवेदक को बताना होगा कि वे भारत कब आए। पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेज न होने पर भी आवेदन कर पाएंगे। इसके तहत भारत में रहने की अवधि 5 साल से अधिक रखी गई है। बाकी विदेशियों (मुस्लिम) के लिए यह अवधि 11 साल से अधिक है।

बंगाल में CAA की प्रक्रिया शुरू

  • CM शुभेंदु ने बुधवार को कहा था, ‘आज हमने कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। CAA के तहत आने वाले 7 समुदायों और 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए लोगों को नागरिकता कानून का लाभ मिलेगा। पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले सकेगी।
  • जो लोग CAA के दायरे में नहीं आते, वे अवैध घुसपैठिए हैं। राज्य पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर BSF को सौंपेगी। इसके साथ ही उन्होंने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर की 27 किलोमीटर जमीन BSF को सौंपी। इस पर फेंसिंग लगाने और सुरक्षा स्ट्रक्चर बनाया जाएगा।
  • कोलकाता में BSF को जमीन देने के लिए हुई बैठक में कहा- यह सिर्फ शुरुआत है। जमीन सौंपने की प्रक्रिया 2 हफ्तों में पूरी हो जाएगी। आगे जहां भी सीमा सुरक्षा के लिए जमीन की जरूरत होगी, राज्य सरकार उसे BSF को उपलब्ध कराएगी।

600 किलोमीटर सीमा अब भी बिना फेंसिंग के

अधिकारी ने कहा कि राज्य की 2200 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा में से करीब 1600 किलोमीटर हिस्से में फेंसिंग हो चुकी है, जबकि लगभग 600 किलोमीटर सीमा अब भी बिना फेंसिंग के है।

भारत बांग्लादेश की सीमा 4,097 किलोमीटर लंबी

भारत, बांग्लादेश के साथ 4,097 किलोमीटर लंबी बॉर्डर शेयर करता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार लगभग 3,240 किलोमीटर की सीमा पर बाड़ लगाई जा चुकी है और लगभग 850 किलोमीटर, जिसमें 175 किलोमीटर का दुर्गम भूभाग भी शामिल है, इस पर बाड़बंदी होनी बाकी है।

CM अधिकारी ने दावा किया कि प्रस्तावित 127 किलोमीटर के खंड में से केवल लगभग 8 किलोमीटर के हिस्से को ही ममता बनर्जी की सरकार के कार्यकाल में फेंसिंग की गई थी।

पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ लगभग 2,216 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। यह भारत-बांग्लादेश की सबसे लंबी स्टेट बॉर्डर है।

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