1 घंटे पहले
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मंगलवार को अमिताभ बच्चन ने एक पोस्ट शेयर कर लिखा ‘अस्पताल में, एक सर्जरी के बाद और आईसीयू में, अनुभवी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की देखभाल में, फिर अस्पताल से छुट्टी और घर वापसी।’ पोस्ट सामने आने के बाद से ही अनुमान लगाया जाने लगा कि बिग बी सर्जरी के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं। अब उन्होंने खुद एक नए ब्लॉग में साफ किया है कि न ही वो आईसीयू में थे और न ही उनकी कोई सर्जरी हुई है। उनकी पोस्ट को गलत समझा गया।
अमिताभ बच्चन ने नए ब्लॉग में सफाई देते हुए लिखा है-
मैं बिल्कुल ठीक हूं। मेरी पोस्ट को गलत समझ लिया गया। मैं सिर्फ एक उदाहरण दे रहा था। मेरा मतलब यह था कि किसी बड़ी सर्जरी या आईसीयू में रहने के बाद सबसे मुश्किल समय तब शुरू होता है, जब आप घर लौटते हैं और अपनी कमजोर या क्षतिग्रस्त हालत का सामना करते हैं। ठीक उसी तरह, जब कोई चैंपियन हारता है, तो उसके लिए सबसे कठिन लड़ाई अपने भीतर चल रही भावनाओं से होती है। मेरा इशारा अर्जेंटीना की हार और उस समय लियोनेल मेसी की मानसिक स्थिति की ओर था, एक ऐसे चैंपियन की, जिसे हार का सामना करना पड़ा। लेकिन लोगों ने यह मान लिया कि मैं यह बात अपने बारे में कह रहा हूं।


आगे उन्होंने लिखा है, ‘लोगों ने इसे गलत समझ लिया। हर चैंपियन को यह स्वीकार करना पड़ता है कि समय के साथ कोई और नया चैंपियन आएगा। किसी चैंपियन के लिए यह मानना आसान नहीं होता कि अब उसकी जगह किसी और ने ले ली है। लेकिन यही जिंदगी का नियम है, और यह हमेशा होता रहेगा।’

नए ब्लॉग के साथ अमिताभ बच्चन ने ये फोटो भी शेयर की है।
आखिर में बिग बी लिखते हैं, ‘मान लीजिए, भगवान न करे, आपको किसी बीमारी या समस्या के इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़े। जब आप अस्पताल जाते हैं, तब तक आपका शरीर अपनी सामान्य अवस्था में होता है। फिर सर्जरी या इलाज के बाद बीमारी तो ठीक हो जाती है, लेकिन उसके बाद बदले हुए शरीर के साथ जीना और खुद को फिर से संभालना सबसे मुश्किल दौर होता है।’
‘हो सकता है कि इलाज के बाद आपका शरीर पहले जैसा न रहे। उसके काम करने का तरीका बदल जाए। इस बदलाव को स्वीकार करना आसान नहीं होता। लेकिन हमारा शरीर अद्भुत है। वह खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढाल लेता है, फिर से काम करना सीखता है। शायद पहले जैसा नहीं, लेकिन फिर भी वह आगे बढ़ता है। हार चुके चैंपियन की मनःस्थिति भी कुछ ऐसी ही होती है।’

किस पोस्ट से हुई गलतफहमी
अमिताभ बच्चन ने मंगलवार की आधी रात को सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, ‘खेल समाप्त हो गया है, लेकिन काम चल रहा है।’

कुछ देर बाद उन्होंने ब्लॉग में लिखा था, ‘अस्पताल में, एक सर्जरी के बाद और आईसीयू में, अनुभवी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की देखभाल में, फिर अस्पताल से छुट्टी और घर वापसी। यह घर वापसी का दौर सबसे मुश्किल होता है। शारीरिक रूप से, मानसिक रूप से और रोजमर्रा की जिंदगी के लिहाज से भी। आप एक सम्मानित चैंपियन रहे हों और एक दिन हार आपके सामने खड़ी हो जाए। यह जिंदगी का सबसे कठिन दौर होता है।’

मई में भी थी एडमिट होने की खबरें
19 मई को अमिताभ बच्चन के मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती होने का दावा पत्रकार विक्की ललवानी ने अपने यूट्यूब चैनल पर किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें 16 मई को भर्ती करवाया गया है। हालांकि, दैनिक भास्कर ने खबर कन्फर्म करने के लिए परिवार के करीबी सूत्र से संपर्क किया, तो सामने आया था कि अमिताभ को रूटीन चेकअप के लिए 16 मई को नानावटी अस्पताल ले जाया गया था। वह हर महीने रूटीन चेकअप करवाते रहते हैं। इसके तुरंत बाद वह घर लौट आए थे।
एडमिट होने की खबरों के बीच किया व्लॉग और पोस्ट
अमिताभ बच्चन ने 20 मई को आधिकारिक X अकाउंट से कुछ अजीबोगरीब शब्दों के साथ बेमायने वाली पोस्ट की थी। उन्होंने रात 12 बजकर 3 मिनट पर लिखा- पिलोरी बड़ुंबा।


बिग बी का 75% लिवर खराब
83 साल के बिग बी सिर्फ 25% लिवर पर ही जिंदा हैं, उनका 75% लिवर खराब है। फिल्म कुली के सेट पर हुए हादसे के बाद डॉक्टर्स क्लिनिकली मरा हुआ घोषित कर चुके थे।
3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, वो दर्द अमिताभ ने 4 दिन झेला
26 जुलाई 1982 को अमिताभ बच्चन फिल्म कुली के लिए एक एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे। शॉट की डिमांड के अनुसार पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें टेबल पर जाकर गिरना था। ये काम बॉडी डबल का था, लेकिन अमिताभ ने परफेक्शन के लिए खुद इसे शूट किया। मुक्का तेज लगा जिससे टेबल का एक कोना अमिताभ के पेट पर लग गया। खून नहीं आया था, लेकिन दर्द से बिग बी का बुरा हाल था। अस्पताल गए तो डॉक्टर्स सही कारण नहीं समझ सके। पेन किलर के सहारे बिग बी ने दो दिन काटे, लेकिन जब दर्द बंद नहीं हुआ तो फिर उन्हें बेंगलुरु के सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था।
डॉक्टर्स भी दे चुके थे जवाब
अमिताभ बच्चन का एक्स-रे हुआ, लेकिन अब भी सही कारण पता नहीं चल सका था। कई टेस्ट हुए, लेकिन जब चोट का ही पता नहीं चला तो इलाज कैसे होता। तीसरे दिन जब दर्द असहनीय हुआ तो डॉक्टर्स ने दोबारा एक्स-रे कर उसे बारीकी से एग्जामिन किया। देखा कि एक्स-रे में डायफ्राम के नीचे गैस दिख रही थी, जो लीकेज का संकेत थी। दरअसल, चोट लगने से अमिताभ की अंतड़ियां फट गई थीं और सही समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्शन फैल चुका था। चौथे दिन जाने-माने सर्जन एच. एस. भाटिया ने अमिताभ का केस देखा और तुरंत ऑपरेशन का सुझाव दिया।
ऑपरेशन से पहले अमिताभ को 102 डिग्री बुखार हो गया और उनकी हार्टबीट 72 की जगह 180 हो गई। ऑपरेशन हुआ तो देखा कि अंदर से आंतें फट चुकी थीं। ऐसी कंडीशन में 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, लेकिन वह चार दिनों से जूझ रहे थे। चौथे दिन बिग बी कोमा में चले गए। दो ऑपरेशन हुए और दो महीनों तक उन्हें हॉस्पिटल में रखा गया।

24 सितंबर 1982 को बिग बी को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया था।














