अमरावती53 मिनट पहले
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अमरावती जिला महिला अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में सोमवार सुबह 3:30 बजे आग लग गई।
महाराष्ट्र के अमरावती जिला महिला अस्पताल के NICU में सोमवार सुबह करीब 3:30 बजे आग लग गई। हादसे में 3 नवजातों की मौत हो गई।
घटना अस्पताल की तीसरी मंजिल पर हुई, जहां आग के बाद धुआं फैल गया। उस समय NICU में 39 नवजात भर्ती थे। आग लगते ही डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल कर्मचारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर कई बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
अमरावती के पुलिस कमिश्नर राकेश ओला के मुताबिक, NICU के तीन कंपार्टमेंट में से एक में 9 नवजात भर्ती थे। आग की चपेट में आने से इनमें से 3 की मौत हो गई, जबकि बाकी 6 को इलाज के लिए दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है।
इन 6 बच्चों की मौजूदा स्थिति को लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में NICU में लगे वेंटिलेटर के अंदर धमाके के बाद आग लगने की आशंका है। घटना के सही कारणों की जांच की जा रही है।
हादसे के बाद की 4 तस्वीरें…

आग के कारण चाइल्ड केयर यूनिट में रखे कई मेडिकल उपकरण जल गए।

आग बुझने के बाद NICU में रखा सामान आग और धुएं से काला नजर आया।

NICU में लगे AC में भी ब्लास्ट की आशंका है। आग के बाद AC डैमेज दिखे।

हादसे के बाद पुलिस पहुंची है। आग के कारणों की जांच की जा रही है।
दो दिन पहले एमपी में NICU में आग से एक बच्चे की मौत हुई थी
दो दिन पहले मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के NICU में भी ऐसी ही घटना हुई थी। शनिवार देर रात करीब 2 बजे वार्मर मशीन के फिलामेंट से निकली चिंगारी के बाद आग लग गई थी। हादसे में 3 नवजात झुलस गए थे।
अस्पताल स्टाफ ने फायर फाइटिंग उपकरणों की मदद से आग बुझाई और तीनों बच्चों को प्राथमिक इलाज दिया। इसके बाद तीनों नवजातों को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया था। इनमें एक बच्चे की हालत गंभीर थी और उसे सर्जरी की जरूरत थी।
छिंदवाड़ा में पीडियाट्रिक सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे जबलपुर ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इनमें से एक बच्चे का जन्म हादसे से कुछ घंटे पहले ही हुआ था। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू की।

इस साल अस्पतालों में आग की 4 बड़ी घटनाएं
1. मुजफ्फरपुर, बिहार 4 जून को मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल के ICU में भीषण आग लगी थी। शुरुआती रिपोर्टों में 4 मरीजों की मौत बताई गई थी। बाद की रिपोर्टों में मौतों का आंकड़ा 5-6 तक पहुंचने की जानकारी आई। करीब 20 मरीजों को ICU से निकालकर दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया था।
2. कटक, ओडिशा 16 मार्च को SCB मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रॉमा ICU में आग लगी। 10 मरीजों की मौत हुई और 11 स्टाफ घायल हुए। शुरुआती तौर पर शॉर्ट-सर्किट की आशंका जताई गई।
3. कानपुर, उत्तर प्रदेश फरवरी में एक निजी नर्सिंग होम के NICU में वार्मर मशीन में आग लगने से नवजात बच्ची की मौत हुई। जांच में सामने आया कि NICU के पास वैध अनुमति नहीं थी और फायर एक्सटिंग्विशर की अवधि भी खत्म हो चुकी थी।
4. नागपुर, महाराष्ट्र मई में दागा मेमोरियल सरकारी महिला अस्पताल के SNCU में बिजली की स्पार्किंग से धुआं और आग की स्थिति बनी। वहां मौजूद 10 नवजातों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, 6 को दूसरे NICU में शिफ्ट किया गया। किसी की मौत नहीं हुई।
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