बॉम्बे हाई कोर्ट में ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया यानी OCI कार्ड होल्डर्स रखने वाले 12 युवा क्रिकेटरों ने BCCI के साल 2023 के उस फैसले को लेकर याचिका दायर की थी, जिसमें विदेशी जिनमें भारतीय मूल के व्यक्ति यानी PIO या OCI कार्ड होल्डर शामिल हैं पासपोर्ट रखने वालों को बोर्ड द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया गया था। इस मामले की 17 जुलाई को हुई सुनवाई में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने कोर्ट में बताया कि भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली राष्ट्रीय टीम में चुने जाने के लिए सिर्फ भारतीय नागरिकों पर ही विचार किया जाता है। ऐसे में OCI कार्ड होल्डर्स को घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की मंजूरी नहीं है।
भारत में तो हर कोई क्रिकेट खेलता है
बॉम्बे हाई कोर्ट में इस याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायाधीश गौतम अंखाद की खंडपीठ ने की जिसमें कोर्ट का मानना था कि खिलाड़ियों का भविष्य विदेश में बेहतर हो सकता है। जजों ने कहा कि आप वहां क्यों नहीं खेलते? वहां आपके चुने जाने के बेहतर मौके हो सकते हैं, क्योंकि भारत में तो हर कोई क्रिकेट खेलता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर याचिकाकर्ता चाहें तो भविष्य में भारत लौट सकते हैं। भारत आपके माता-पिता की मातृ भूमि है वह भारत वापस आएं। लेकिन अगर आपका देश आपको अपनी नागरिकता छोड़ने नहीं दे रहा है, तो यह एक अलग मामला है।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे सालों से भारत में रह रहे हैं
इस मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे सालों से भारत में रह रहे हैं जिसमें उन्होंने तर्क दिया कि OCI कार्ड होल्डर्स के बच्चों को एक्स्ट्रा-करिकुलर और खेल के क्षेत्रों में उचित अवसर ना देना घोर अन्याय और भेदभाव है। क्या उनके बच्चों के साथ समान व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए? क्या यह उम्मीद करना कठोर नहीं होगा कि उन्हें अपने सपने पूरे करने के लिए देश छोड़कर विदेश जाना पड़े और अपने परिवार को पीछे छोड़ना पड़े? उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि BCCI का फैसला साफ तौर पर मनमाना था, क्योंकि OCI कार्ड होल्डर्स को पहले घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की इजाजत थी।
भारतीय नागरिकता हासिल करने पर नहीं रोका जाएगा
बीसीसीआई ने साल 2023 में घरेलू टूर्नामेंट में सिर्फ भारतीय नागरिकों को खेलने के नियम को लागू किया था। वहीं इस याचिका की सुनवाई के दौरान बीसीसीआई ने साफ किया कि OCI कार्ड होल्डर्स को पहले ही बता दिया था कि अगर वे भारतीय नागरिकता हासिल कर लेते हैं, तो टूर्नामेंट में उनके हिस्सा लेने पर कोई रोक नहीं होगी। वहीं इसको लेकर याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में बताया कि उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन भी कर दिया है, लेकिन उनके आवेदन अभी भी लंबित हैं। कोर्ट ने इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 अगस्त की तारीख तय की है।
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