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नई दिल्ली15 मिनट पहले
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यह तस्वीर 22 जून की है जब उद्धव गुट के 6 सांसदों ने मुंबई में एकनाथ शिंदे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी बदलने का ऐलान किया था।
ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले TMC के 20 बागी सांसदों को लोकसभा में अलग बैठने की मंजूरी मिल गई है। 15 जून को तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से विलय कर लिया था।
उधर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों को भी मान्यता दे दी है। 22 जून को उद्धव का साथ छोड़कर 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। ये सांसद भी अब शिंदे गुट के साथ संसद में बैठेंगे।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी।

22 जून: उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में 22 जून को फिर बगावत हुई थी। लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए थे। लोकसभा में अब शिंदे के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है।
शिंदे के साथ सभी 6 सांसदों ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया था। डिप्टी सीएम ने कहा, ‘जब 2022 में हमने पार्टी और धनुष-बाण बचाने के लिए विद्रोह किया था, तब 40 विधायक थे और अब हमने छक्का लगाया है।’

8 जून: टीएमसी से अलग हुए 20 सांसदों का एनडीए को समर्थन देने का ऐलान

8 जून को टीएमसी के लोकसभा के 28 सांसदों में से 20 ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया था। सांसद और TMC की पूर्व नेता काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था कि सांसदों के साइन वाला पत्र लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेज दिया था।
बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय कर लिया था। NCPI बंगाल में रजिस्टर्ड पार्टी है। त्रिपुरा से चुनावी शुरुआत की थी। 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतारे थे। चारों हार गए थे।
दोनों गुट NDA के साथ, मोदी सरकार का संख्या बल बढ़ा
TMC और उद्धव गुट के बागी सांसदों को मंजूरी मिलने से मोदी सरकार को फायदा मिलेगा। मोदी सरकार संसद में दो तिहाई बहुमत के और करीब आ जाएगी, जो संविधान संशोधन विधेयक पास करने के लिए अहम है।
सरकार महिला आरक्षण कानून लागू करने और परिसीमन विधेयक के जरिए संसद और राज्य विधानसभाओं की संख्या बढ़ाने वाले संविधान संशोधन विधेयक पास कराने के लिए जरूरी संख्या जुटानी की कोशिश कर रही है। अप्रैल में राज्यसभा के विशेष सत्र में सरकार की यह कोशिशें नाकाम हो गई थीं।
इसके बाद से विपक्ष की चार पार्टियों के 37 लोकसभा और राज्यसभा सांसद सत्ता पक्ष में शामिल हो चुके हैं। अप्रैल के मुकाबले दोनों सदनों में सरकार का समर्थन बढ़ा है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से अब भी पीछे है…

यह तस्वीर 17 अप्रैल की है। बिल गिरने के बाद पीएम मोदी ने कहा था, ‘आज हमारे पास पर्याप्त संख्या नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम हार गए हैं। भविष्य में हमें और अवसर मिलेंगे।’
लोकसभा: दो-तिहाई आंकड़े से 42 वोट पीछे
- 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 240 सीटों पर जीती थी। NDA में चंद्रबाबू नायडू की TDP के 16, नीतीश कुमार की पार्टी JDU के 12, शिवसेना (शिंदे गुट) के 7, LJP (राम विलास) के 5 और अन्य दलों के 13 सांसद भी शामिल थे। ये आंकड़ा बहुमत से 20 ज्यादा यानी 292 होता है।
- 14 जून 2026 को TMC नेता काकोली घोष दस्तीदार समेत लोकसभा 20 सांसद NDA समर्थित नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी से जुड़ गए, जिससे लोकसभा में BJP का नंबर 292 से बढ़कर 312 हो गया।
- जून में ही महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव गुट के 9 में से 6 सांसद भी NDA के सहयोगी दल शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हो गए। इनके आने से लोकसभा में NDA का आंकड़ा 318 पहुंच गया है।
- फिलहाल 3 लोकसभा सीटें खाली हैं- असम की नागांव, पश्चिम बंगाल की बसीरहाट और मेघालय की शिलॉन्ग। यानी बिल पर लोकसभा में वोटिंग हो, तो अधिकतम 540 सांसद होंगे। इस हिसाब से दो-तिहाई के 360 के आंकड़े से NDA अभी 42 वोट पीछे हैं।

राज्यसभा: दो-तिहाई बहुमत से 11 वोट पीछे
- अप्रैल 2026 में पंजाब से AAP के 7 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी जॉइन करने और जून में राज्यसभा चुनाव होने के बाद NDA के पास 149 सांसद हैं। इसमें से बीजेपी के 114 हैं। यानी 245 सीटों वाली राज्यसभा में NDA के पास सामान्य बहुमत से 27 सीटें ज्यादा हैं।
- TMC के 3 राज्यसभा सांसद- सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बरैक ने पार्टी छोड़कर 9 जुलाई को बीजेपी जॉइन की। 17 जुलाई को निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुन लिए गए। इससे राज्यसभा में NDA का नंबर बढ़कर 152 हो गया।
- 16 जुलाई को TMC की सांसद कोयल मलिक ने भी इस्तीफा दे दिया है। उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें हैं।
- राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के लिए 163 का आंकड़ा चाहिए। यानी NDA इससे सिर्फ 11 वोट पीछे है।

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