India Passport Citizenship Proof Statement | ACTPnews

India Passport Citizenship Proof Statement


  • Hindi News
  • National
  • India Passport Citizenship Proof Statement | Randhir Jaiswal Clarification

नई दिल्ली20 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्र सरकार ने एक बार फिर से कहा है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के मुताबिक भारत सरकार देश से बाहर यात्रा के लिए भारतीय नागरिकों को पासपोर्ट जारी करता है।

मंत्रालय ने कहा कि यह एक डॉक्यूमेंट है जो पूरी जांच और वेरिफिकेशन के बाद जारी किया जाता है। इसका संचालन पासपोर्ट अधिनियम, 1967 तथा पासपोर्ट नियम, 1980 के तहत होता है। जायसवाल ने बताया कि देश के 8% से भी कम नागरिकों के पास पासपोर्ट है।

24 जून: सरकार ने पहली बार कहा- पासपोर्ट नागरिकता का दस्तावेज नहीं

24 जून को पासपोर्ट सेवा दिवस पर विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पासपोर्ट ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, नागरिकता का प्रमाण नहीं। यह बयान चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया में पासपोर्ट को नागरिकता के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किए जाने के सवाल पर दिया गया था। मंत्रालय ने 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया था, जिसमें पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना गया था।

अधिकारियों ने यह भी बताया था कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत जनहित में जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार किसी गैर-भारतीय नागरिक को भी पासपोर्ट जारी कर सकती है। इसलिए पासपोर्ट को नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।

कांग्रेस ने पूछा- कौन सा दस्तावेज नागरिकता का सबूत

विदेश मंत्रालय के इस बयान के बाद विपक्षी कांग्रेस ने सरकार की आलोचना की थी। पार्टी ने सवाल उठाया कि अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो इसे किस आधार पर जारी किया जाता है।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का दस्तावेज नहीं है तो फिर कौन सा दस्तावेज नागरिकता का सबूत है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार उन लोगों की नागरिकता पर सवाल उठाने की जमीन तैयार कर रही है, जिनसे उसकी राजनीतिक असहमति है।

नागरिकता का असली सबूत क्या है, 8 सवाल-जवाब से पूरे मामले को समझिए…

1. पासपोर्ट क्यो होता है? इसका क्या इस्तेमाल है?

पासपोर्ट केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया एक अंतरराष्ट्रीय पहचान पत्र है, जिसका मुख्य इस्तेमाल भारत से बाहर किसी भी देश में यात्रा करने के लिए होता है। विदेश जाने के लिए जरूरी ‘वीजा’ इसी पर लगता है।

दूसरे देश में रहने के दौरान यही आपकी पहचान, नाम और पते का सबसे बड़ा सरकारी सबूत बनता है। आसान शब्दों में कहें तो विदेश में कानूनी एंट्री करने और वहां किसी भी मुसीबत में फंसने पर भारत सरकार से मदद पाने के लिए पासपोर्ट ही सबसे जरूरी दस्तावेज है।

2. क्या पासपोर्ट राष्ट्रीयता की पहचान देता है?

हां, पासपोर्ट राष्ट्रीय की पहचान देता है। राष्ट्रीयता बताती है कि आप किस देश से संबंध रखते हैं। जबकि नागरिकता बताती है कि उस देश में आपको कौन-कौन से कानूनी अधिकार मिले हैं। राष्ट्रीयता आपकी पहचान होती है। नागरिकता आपके अधिकार और जिम्मेदारियां तय करती है।

3. सरकार ने पासपोर्ट की संख्या को लेकर क्या कहा है?

मंत्रालय ने बताया कि पिछले एक दशक में पासपोर्ट सेवा केंद्र और संबंधित सुविधाओं की संख्या 77 से बढ़कर 545 हो गई है। 2025 में शुरू हुए चिप आधारित ई-पासपोर्ट की अब तक 1.47 करोड़ प्रतियां जारी की जा चुकी हैं। आवेदन निपटाने का औसत समय घटकर 5-6 दिन रह गया है। 2019 के 16 देशों के मुकाबले अब 27 देश भारतीयों को वीजा-फ्री प्रवेश देते हैं।

4. क्या भारतीय नागरिकता साबित करने वाला कोई एक दस्तावेज है?

नहीं। भारत कोई ऐसा एक दस्तावेज जारी नहीं करता है जो सभी नागरिकों के लिए नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता इस बात पर तय होती है कि इसे कैसे हासिल किया गया और नागरिकता कानून के तहत कौन से रिकॉर्ड मौजूद हैं।

5. पहचान पत्र अपने आप नागरिकता साबित क्यों नहीं करते?

आधार, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज खास कामों के लिए जारी किए जाते हैं, जैसे पहचान की जांच, चुनाव में रजिस्ट्रेशन या गाड़ी चलाने की अनुमति। इन्हें नागरिकता तय करने के लिए नहीं बनाया गया है, इसलिए इन्हें अपने आप में नागरिकता का पक्का सबूत नहीं माना जाता है।

6. विदेश मंत्रालय ने क्यों कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं है?

विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, जो विदेश में धारक की राष्ट्रीयता को दर्शाता है। कानूनी रूप से नागरिकता ‘नागरिकता कानून’ के तहत तय होती है, जबकि पासपोर्ट ‘पासपोर्ट कानून’ के तहत जारी होता है और यह हर परिस्थिति में अपने आप में नागरिकता का अंतिम सबूत नहीं होता है।

7. क्या पासपोर्ट रद्द होने पर नागरिकता खत्म हो जाती है?

नहीं। पासपोर्ट रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति की भारतीय नागरिकता खत्म हो गई। पासपोर्ट कई कारणों से रद्द या निलंबित हो सकता है:

  • गलत जानकारी देकर बनवाना
  • कानूनी मामलों में कार्रवाई
  • सुरक्षा कारण
  • पासपोर्ट अधिनियम के तहत उल्लंघन
  • लेकिन भारतीय नागरिकता खत्म करने की प्रक्रिया अलग है और यह Citizenship Act, 1955 के तहत होती है।

8. भारत में नागिरकों मिलने वाले प्रमुख दस्तवेज कौन से हैं?

भारत में नागरिकता के मामले में 10 कागजात एक साथ देखे जा सकते हैं। इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड शामिल हैं…

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- आधार पहचान का दस्तावेज, नागरिकता का नहीं

बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी सुनवाई के दौरान 8 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह पहचान का दस्तावेज है।

हालांकि, अदालत ने चुनाव आयोग से कहा था कि SIR प्रक्रिया में आधार को पहचान के लिए एक वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। साथ ही स्पष्ट किया था कि जरूरत पड़ने पर चुनाव आयोग नागरिकता और पात्रता की पुष्टि के लिए अन्य दस्तावेज भी मांग सकता है।

——————————-

ये खबर भी पढ़ें….

आधार कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ पहचान के लिए हो: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र-राज्यों से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें आरोप लगाया गया है कि आधार कार्ड का इस्तेमाल नागरिकता, मूल निवास और पते के सबूत के तौर पर गलत तरीके से किया जा रहा है। याचिका में मांग की गई है कि इसके इस्तेमाल को सिर्फ पहचान की पुष्टि (आइडेंटिटी वेरिफिकेशन) तक ही सीमित रखने के निर्देश दिए जाएं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *