तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी3 मिनट पहले
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच रूस ने अपना बेहद सुरक्षित Tu-214PU एयरबोर्न कमांड विमान तेहरान भेजा है। दुनिया भर में उड़ रहे विमानों की रियल-टाइम लोकेशन दिखाने वाली वेबसाइट फ्लाइटराडार24 ने यह दावा किया है।
Tu-214PU सामान्य VIP प्लेन नहीं है। इसमें सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम और स्पेशल डेटा लिंक लगे हैं। इनकी मदद से संकट की स्थिति में भी रूस का टॉप लीडर उड़ान के दौरान सेना और सरकार का संचालन कर सकते हैं।
इसी वजह से इसे रूस का ‘डूम्सडे प्लेन’ यानी कि ‘प्रलय के दिन इस्तेमाल होने वाला विमान’ भी कहा जाता है। यह विमान रोसिया स्पेशल फ्लाइट स्क्वाड्रन संचालित करता है। यही स्क्वाड्रन रूस के राष्ट्रपति और देश के शीर्ष राजनीतिक व सैन्य नेतृत्व की उड़ानों का जिम्मा संभालता है।
Tu-214PU के मिशनों का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किया जाता। हालांकि यूक्रेन जंग के दौरान यह विमान कई बार उड़ान भरता देखा गया। रूस के पास ऐसे कितने विमान हैं, इसकी भी जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
यह प्लेन ऐसे समय तेहरान पहुंचा है, जब अमेरिका ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है और ईरान जवाबी कार्रवाई कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विमान का तेहरान पहुंचना एक बड़ा रणनीतिक संकेत है। इससे यह संदेश जाता है कि रूस, ईरान के साथ उच्च स्तर पर संपर्क बनाए हुए है।
ईरान और अमेरिका के बीच जंग लगातार जारी है। अमेरिका ने रविवार को ईरान में 140 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने सोमवार को कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
1. ओमान के पास जहाज पर हमला,1 भारतीय लापता: ‘GFS गैलेक्सी’ जहाज पर हुए हमले में 11 भारतीय सवार थे। 10 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारत ने हमले की निंदा करते हुए नागरिक जहाजों पर हमले तुरंत रोकने की अपील की।
2. अमेरिका बोला- ईरान के 300 ठिकानों पर हमला किया: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक अमेरिका ने इस सप्ताह 3 दिनों में ईरान के 300 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
3. लेबनान पर इजराइल ने फिर हमले किए: इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह जिले के कफर तेबनित कस्बे पर गोलीबारी की। फिलहाल इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
4. कुवैत के सीमा चौकियों को नुकसान: कुवैत की सेना ने रविवार को बताया कि हाल के हमलों में देश के उत्तरी हिस्से में स्थित तीन सीमा चौकियों को नुकसान पहुंचा है।
5. खुजेस्तान में वाटर प्रोजेक्ट पर हमला: ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के महशहर शहर में एक वाटर प्रोजेक्ट पर प्रोजेक्टाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
55 मिनट पहले
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दावा- जंग के बीच रूसी प्लेन ईरान पहुंचा

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच रूस का एक बेहद खास सैन्य विमान Tu-214PU ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचने का दावा किया जा रहा है।
Tu-214PU को रूस का एयरबोर्न कमांड पोस्ट या ‘डूम्सडे प्लेन’ भी कहा जाता है। यह भीषण जंग या परमाणु जंग जैसी हालत में इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है।
इस विमान में ऐसी सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड संचार प्रणाली लगी है, जिसके जरिए राष्ट्रपति और शीर्ष सैन्य अधिकारी हवा में रहते हुए भी सेना को निर्देश दे सकते हैं।
इस विमान की अधिकतम रफ्तार करीब 850 किलोमीटर प्रति घंटा है और यह बिना रुके लगभग 6,500 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है। हालांकि, रूस ने अब तक इस उड़ान के मकसद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
06:19 AM13 जुलाई 2026
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अमेरिका के लिए चुनौती क्यों बना हुआ है ईरान?
1. 3,000+ बैलिस्टिक मिसाइलें, भूमिगत ‘मिसाइल सिटी’
अमेरिकी खुफिया एजेंसी ODNI के मुताबिक, युद्ध से पहले ईरान के पास 3,000 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें थीं, जिनकी मारक क्षमता 2,000 किमी तक है। इन मिसाइलों का बड़ा हिस्सा पहाड़ों के नीचे बने भूमिगत ठिकानों में रखा गया है। यहां मिसाइलें, लॉन्चर और कंट्रोल सेंटर सुरंगों के अंदर होते हैं, इसलिए हवाई हमलों में इन्हें पूरी तरह नष्ट करना आसान नहीं माना जाता।

2. दुनिया के 20% तेल का रास्ता ईरान के पास
हॉर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का करीब 20% और LNG का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसका उत्तरी तट ईरान के पास है। इसलिए यहां तनाव बढ़ने और हॉर्मुज बंद होने का असर सीधे वैश्विक तेल कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ता है।
3. हजारों ड्रोन का बेड़ा
ईरान ने पिछले एक दशक में शाहेद जैसे हजारों ड्रोन विकसित किए हैं। इनका इस्तेमाल लंबी दूरी के हमलों और निगरानी के लिए किया जाता है। रूस-यूक्रेन युद्ध में भी ईरानी ड्रोन के इस्तेमाल ने इसकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर चर्चा में ला दिया।
4. पश्चिम एशिया में सहयोगी सशस्त्र नेटवर्क
ईरान के समर्थन वाले समूह हिजबुल्लाह (लेबनान), हूती (यमन) और इराक के कई शिया सशस्त्र गुट पश्चिम एशिया में एक्टिव हैं। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ इन्हें ईरान की फॉरवर्ड डिफेंस स्ट्रटजी का हिस्सा मानते हैं, जिससे वह अपने सीमावर्ती क्षेत्र से बाहर भी दबाव बना सकता है।
06:03 AM13 जुलाई 2026
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ईरान का दावा- कुवैत में HIMARS मिसाइल लॉन्चर तबाह किए
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने सोमवार सुबह कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला किया।
इसमें अमेरिका के सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल बेस को निशाना बनाया गया। संगठन का दावा है कि इस कार्रवाई में दो HIMARS मिसाइल लॉन्चर और मिसाइलों से भरे गोदामों में आग लग गई, जिससे वे पूरी तरह नष्ट हो गए। हालांकि, अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है।
HIMARS अमेरिका का सबसे आधुनिक और बेहद घातक रॉकेट लॉन्चर सिस्टम माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह तेजी से हमला करके तुरंत अपनी जगह बदल सकता है, जिससे दुश्मन के लिए इसे निशाना बनाना मुश्किल हो जाता है।
05:33 AM13 जुलाई 2026
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ईरान में अमेरिकी विरोध से जुड़ी 4 फोटोज

ईरान की राजधानी तेहरान के इमाम हुसैन चौक पर ईरानी मिसाइल का सिम्बॉलिक मॉडल और राष्ट्रीय झंडा लगाया गया है।

ईरान की राजधानी तेहरान के इमाम हुसैन चौक पर सफेद रंग के सिम्बॉलिग मिसाइल के पास से लोग गुजरते हुए।

ईरान की राजधानी तेहरान के इमाम हुसैन चौक पर दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतोल्लाह खामेनेई के समर्थन का प्रतीक बने बैनर के पास से गुजरती एक महिला।

तेहरान की एक सड़क पर पूर्व सुप्रीम लीडर आयतोल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर वाले बैनर के पास से मोटरसाइकिल पर गुजरती एक ईरानी महिला।
05:07 AM13 जुलाई 2026
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साउथ कोरिया का शेयर बाजार 8% टूटा, 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच सोमवार को साउथ कोरिया का शेयर बाजार बुरी तरह टूट गया। कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स 8% गिर गया, जिसके बाद पूरे बाजार में 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी।
इस गिरावट से 328 अरब डॉलर (करीब 31.2 लाख करोड़ रुपए) की बाजार पूंजी साफ हो गई। सबसे ज्यादा दबाव टेक शेयरों पर रहा। एसके हाइनिक्स का शेयर सियोल में 12% टूट गया।
निवेशकों की नजर अब इस सप्ताह आने वाले अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों पर भी है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद महंगाई बढ़ने की आशंका तेज हुई है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी मजबूत हुई है।
04:53 AM13 जुलाई 2026
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हॉर्मुज पर ईरान दावा क्यों करता है?
हॉर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित है। इसका उत्तरी किनारा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी किनारा ओमान के पास है। सबसे संकरी जगह पर इसकी चौड़ाई सिर्फ 21 नॉटिकल मील (करीब 39 किलोमीटर) है।
शुरुआत में दोनों देशों का समुद्री क्षेत्र सिर्फ 3 नॉटिकल मील तक माना जाता था। लेकिन बाद में समुद्री कानूनों में बदलाव के बाद ईरान ने 1959 में और ओमान ने 1972 में अपने-अपने समुद्री क्षेत्र की सीमा बढ़ाकर 12-12 नॉटिकल मील (करीब 22-22 किलोमीटर) कर दी।
इस फैसले के बाद हॉर्मुज स्ट्रेट का सबसे संकरा हिस्सा पूरी तरह ईरान और ओमान के समुद्री क्षेत्रों में आ गया। हालांकि समुद्री आवाजाही जारी रहे इसके 2-2 नॉटिकल मील का चौड़ा ट्रांजिट लेन बनाया गया।
अब क्या बदला है? जंग शुरू होने के बाद ईरान का कहना है कि स्ट्रेट उसके और ओमान के समुद्री क्षेत्र में आता है, इसलिए यहां सुरक्षा व्यवस्था और आवाजाही पर फैसला लेने का अधिकार भी उसका है। ईरान ने 4 मई को हॉर्मुज का एक नया नक्शा जारी किया, इसमें हॉर्मुज के पूरे संकरे हिस्से पर अपना कंट्रोल दिखाया।
वहीं अमेरिका का कहना है कि हॉर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है। इसलिए किसी भी देश को यहां से गुजरने वाले कारोबारी जहाजों की आवाजाही रोकने का अधिकार नहीं है। अमेरिका ने अपने लड़ाकू विमान भी इस इलाके में तैनात कर रखे हैं।
अब दोनों देश हॉर्मुज पर अपने-अपने नियंत्रण का दावा कर रहे हैं। ईरान कहता है कि वह विदेशी सैन्य दखल स्वीकार नहीं करेगा, जबकि अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है और वहां उसकी मौजूदगी वैश्विक व्यापार की सुरक्षा के लिए है।

ईरान ने 4 मई को यह नक्शा जारी किया था। इसमें होर्मुज के दोनों छोर पर लाल पट्टी दिखाकर अपना कंट्रोल होने का दावा किया था।
04:39 AM13 जुलाई 2026
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जॉर्डन का दावा- ईरान से दागी गईं 4 मिसाइलें मार गिराईं
जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की ओर से दागी गईं चार मिसाइलों को अपने हवाई क्षेत्र में ही रोककर मार गिराया।
इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।
IRGC के मुताबिक, इस हमले में कई ईंधन डिपो और गोला-बारूद के भंडार में आग लग गई। हालांकि, दोनों देशों के इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है।
04:23 AM13 जुलाई 2026
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ईरान होर्मुज से गुजर रहे जहाजों को निशाना क्यों बना रहा

04:09 AM13 जुलाई 2026
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ईरानी मीडिया ने अमेरिकी सीनेटर की मौत पर खुशी जताई

लिंडसे ग्राहम साउथ कैरोलाइना से सीनेटर थे।
ईरानी मीडिया और सरकार समर्थक टिप्पणीकारों ने अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम की मौत पर खुलकर खुशी जताई। उन्हें ईरान का बड़ा विरोधी और इजराइल का मजबूत समर्थक बताया गया। सरकारी चैनल IRINN के एंकर ने उनकी मौत पर ईरानी जनता को बधाई तक दे दी।
कट्टरपंथी टिप्पणीकार फुआद इजादी ने कहा कि ग्राहम की मौत से अमेरिकी संसद में जियोनिज्म के सबसे बड़े समर्थकों में से एक की कमी हो गई। मेहर न्यूज एजेंसी ने लिखा कि ग्राहम ईरान को तबाह करने का सपना कब्र तक ले गए, जबकि स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क (SNN) ने कहा कि जो ईरान को मिटाना चाहता था, वह खुद खत्म हो गया।
डोनाल्ड ट्रम्प के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम का शनिवार को 71 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके कार्यालय ने बताया कि शुरुआती मेडिकल जांच के मुताबिक महाधमनी (एओर्टा) फटने से उनकी मौत हुई।
ग्राहम पहले ट्रम्प के आलोचक थे, लेकिन बाद में उनके प्रमुख समर्थकों में शामिल हो गए। विदेश नीति के मामलों में वह अमेरिका की सबसे प्रभावशाली आवाजों में गिने जाते थे और विदेशों में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के मुखर समर्थक रहे।
03:46 AM13 जुलाई 2026
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अमेरिका और ईरान दोनों का होर्मुज पर कंट्रोल का दावा

अमेरिका और ईरान दोनों ने सोमवार को दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट उनके कंट्रोल में है।
अमेरिका का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है और वहां से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा उसकी सेना तय कर रही है।
वहीं, ईरान का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका नियंत्रण है और वह इस इलाके में किसी भी विदेशी सैन्य दखल को स्वीकार नहीं करेगा।
दोनों देशों के दावों के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है और बड़ी मात्रा में तेल व गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होती है।
03:30 AM13 जुलाई 2026
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ईरान का दावा- कुवैत के दो एयरबेस पर हमला किया
ईरान ने कुवैत के दो सैन्य एयरबेस पर हमला किया है। IRGC के मुताबिक उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने अली अल-सलेम एयरबेस पर मौजूद ईंधन टैंक और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इसके अलावा अहमद अल-जाबेर एयरबेस पर लगे रणनीतिक रडार सिस्टम को भी निशाना बनाया गया।
IRGC ने अमेरिका को होर्मुज को लेकर भी चेतावनी दी। उसने कहा कि ईरान इस अहम समुद्री मार्ग में विदेशी सैन्य दखल को लगातार जारी नहीं रहने देगा।
02:54 AM13 जुलाई 2026
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ईरान का दावा- बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर हमला किया
ईरान ने बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर हमला किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने बयान में कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने हेलिकॉप्टरों के रखरखाव केंद्र, पी-8 सैन्य विमान के हैंगर और अमेरिकी सेना के ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर हमले किए।
IRGC के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरान पर जारी अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में की गई है।अमेरिका या बहरीन की ओर से भी इस पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक वीडियो वायरल है।
02:46 AM13 जुलाई 2026
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अमेरिका-ईरान जंग न थमने पर एक्सपर्ट्स की राय

02:36 AM13 जुलाई 2026
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रूस-ईरान ने बनाया अपना पेमेंट नेटवर्क, क्रिप्टो में ₹9.92 लाख करोड़ का कारोबार
रूस, ईरान और उत्तर कोरिया ने दुनिया की बैंकिंग व्यवस्था से अलग क्रिप्टो के जरिए एक समानांतर भुगतान सिस्टम खड़ा कर लिया है। क्रिप्टो लेनदेन पर नजर रखने वाली संस्था चेनालिसिस के मुताबिक, 2025 में इन्होंने क्रिप्टो के जरिए ₹9.92 लाख करोड़ का लेनदेन किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
02:05 AM13 जुलाई 2026
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अमेरिका ने ईरान के खुजेस्तान प्रांत में किए हमले
मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के खुजेस्तान प्रांत में हवाई हमला किया। डिप्टी गवर्नर वलियोल्लाह हयाती ने बताया कि ये हमले अहवाज शहर के पास किए गए। हमलों से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
खुजेस्तान प्रांत इराक की सीमा से लगा इलाका है। 1980-88 के ईरान-इराक युद्ध के दौरान सबसे भीषण लड़ाई इसी प्रांत में हुई थी। इसलिए इसका सैन्य महत्व भी बहुत अधिक है।
खुजेस्तान ईरान का तेल और गैस का सबसे बड़ा केंद्र है। अहवाज, आघाजारी, मारून और गचसारान जैसे प्रमुख तेल क्षेत्र इसी इलाके में हैं। यहां तेल और गैस से जुड़ी पाइपलाइनें, रिफाइरी और अन्य ऊर्जा ढांचा मौजूद है। इसलिए यह ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।
01:53 AM13 जुलाई 2026
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तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सोमवार को एशियाई कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रॉयटर्स के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड 3.3% बढ़कर 78.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
2024 में दुनिया के समुद्री रास्ते से होने वाले कच्चे तेल के व्यापार का एक-चौथाई से ज्यादा हिस्सा और वैश्विक पेट्रोलियम खपत का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज से होकर गुजरा। दुनिया के लगभग 20% LNG व्यापार का रास्ता भी यही है।
रिपोर्ट के मुताबिक इस रास्ते में रुकावट का सबसे ज्यादा असर एशियाई देशों पर पड़ेगा। 2024 में होर्मुज से गुजरने वाली 83 प्रतिशत LNG एशियाई बाजारों के लिए भेजी गई थी। इनमें चीन, भारत और दक्षिण कोरिया की हिस्सेदारी मिलाकर 52% थी।
01:42 AM13 जुलाई 2026
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अमेरिकी हमले में ईरान में एक की मौत, चार घायल
अमेरिका के ताजा हवाई हमले में दक्षिण-पश्चिमी ईरान में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। यह जानकारी ईरान के सरकारी मीडिया ने दी है।
सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, खुजेस्तान प्रांत के सुरक्षा और कानून-व्यवस्था मामलों के उप-गवर्नर वलियोल्लाह हयाती ने कहा, “सोमवार सुबह अमेरिकी दुश्मन के हमले के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं।”
01:24 AM13 जुलाई 2026
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ईरान बार-बार जहाजों को निशाना क्यों बना रहा?
होर्मुज पर अपना नियंत्रण बनाए रखना: ईरान चाहता था कि सभी जहाज उसके तय किए गए रूट से गुजरें और उसकी बनाई ट्रांजिट अथॉरिटी में रजिस्ट्रेशन कराएं। इससे उसे होर्मुज पर नियंत्रण और भविष्य में शुल्क वसूलने का अधिकार मिलता।
ओमान के वैकल्पिक रूट का विरोध: ओमान ने अपने तट के पास नया समुद्री मार्ग शुरू कर दिया, जिससे जहाज ईरान के नियंत्रण वाले रूट से बचकर निकल सकते थे। ईरान को लगा कि इससे होर्मुज पर उसकी पकड़ कमजोर हो जाएगी।
अमेरिका पर दबाव: ईरान को लग रहा है कि अमेरिका क्षेत्र में उसकी ताकत कम करने की कोशिश कर रहा है और हॉर्मुज का कंट्रोल लेना चाहता है।

01:18 AM13 जुलाई 2026
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ईरान बोला- अमेरिका की मदद करने वाले देश निशाना बनेंगे
तेहरान ने अमेरिका के हालिया सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका क्षेत्र की स्थिरता को कमजोर कर रहा है और युद्धविराम समझौते का भी उल्लंघन कर रहा है।
विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर कोई देश अपनी जमीन, सैन्य ठिकाने या अन्य सुविधाएं ईरान पर हमला करने के लिए अमेरिका को इस्तेमाल करने देगा, तो ईरान उस पर हमला करेगा।
01:15 AM13 जुलाई 2026
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अमेरिका के हमले सोमवार को भी जारी
ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने सोमवार सुबह भी ईरान में पहले के मुकाबले ज्यादा बड़े इलाके में हमले किए हैं। इस बार हमलों का दायरा दक्षिण और पश्चिमी ईरान तक फैल गया।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि किश्म, सीरिक, बंदर अब्बास, जास्क, बुशहर, खोंदाब, बंदर महशहर, बेहबहान, अंदीमेश्क, देजफुल, अहवाज, अबादान और खुर्रमशहर समेत कई इलाकों को निशाना बनाया गया।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका और ईरान, दोनों देशों ने भी अभी तक इन हमलों के पूरे दायरे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।









