तेहरान1 घंटे पहले
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ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका या इजराइल ने दोबारा हमला किया तो पश्चिम एशिया की जंग हिंद महासागर तक फैल सकती है।
न्यूज एजेंसी AFF के मुताबिक, ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के सलाहकार याह्या रहीम सफावी ने कहा कि जंग पहले ही फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट से आगे बढ़कर लाल सागर तक पहुंच चुकी है। दोबारा हमला हुआ तो इसका दायरा और बढ़ सकता है।
एक्स्पर्ट्स के मुताबिक इसका असर भारत और चीन जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर पड़ सकता है। हिंद महासागर पश्चिम एशिया को एशिया से जोड़ने वाला अहम समुद्री रास्ता है। यहां तनाव बढ़ने पर तेल लेकर आने वाले जहाजों पर हमले का खतरा बढ़ सकता है।

अमेरिका ने हिंद महासागर में ईरानी जहाज डुबोया था
ईरान के मुताबिक, इस साल मार्च में भी युद्ध का असर हिंद महासागर तक पहुंचा था। उस दौरान अमेरिकी हमले में ईरान का युद्धपोत IRIS देना डूब गया था। इसमें 100 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे। यह घटना श्रीलंका के तट के पास हुई थी।
रॉयटर्स के मुताबिक, ईरानी फ्रिगेट श्रीलंका के गाले शहर से करीब 19 नॉटिकल मील दूर डूबा था। यह इलाका श्रीलंका के विशेष आर्थिक क्षेत्र यानी EEZ में आता है।

श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी के ईरानी युद्धपोत को डुबाने का वीडियो। यह तस्वीर 4 मार्च 2026 की है।
UN में ट्रम्प पर भड़के पजशकियान
ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब राष्ट्रपति मसूद पजशकियान UN महासभा में हिस्सा लेने अमेरिका पहुंचे हैं। UN में पजशकियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के रवैये को धौंस जमाने वाली मानसिकता बताया था।
पजशकियान ने कहा कि ईरान अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुकेगा। UN महासभा में अपने भाषण के दौरान पजशकियान ने कहा कि धमकियों से ईरान का इरादा और मजबूत होगा। हालांकि, उन्होंने युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात भी कही।

ट्रम्प ने कहा- समझौता करो या तबाह कर देंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने UN महासभा ईरान को एक बार फिर से तबाह करने की धमकी दी है। मंगलवार को UN में अपने भाषण में उन्होंने कहा-
अमेरिका के पास दो रास्ते हैं- ईरान के साथ समझौता करना या उसे खत्म कर देना।

उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने यूरोपीय देशों को बताया था कि ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों की आड़ में परमाणु बम बना रहा था। जब दूसरे नेता केवल इंतजार कर रहे थे, तब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई कर उसे रोका।’
अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने के बाद से ट्रम्प पिछले 7 महीने में 10 से ज्यादा बार ईरान को तबाह करने की धमकी दे चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें पलटकर बातचीत का रास्ता अपनाना पड़ा।

ईरानी सेना बोली- ट्रम्प ने UN के मंच का गलत इस्तेमाल किया
इससे पहले ईरान की सेना ने भी ट्रम्प पर निशाना साधा था। ईरानी सशस्त्र बलों ने आरोप लगाया कि ट्रम्प ने UN के मंच का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अमेरिकी आक्रामकता को सही ठहराने के लिए किया।
अल जजीरा के मुताबिक, ईरानी सेना ने कहा कि ट्रम्प की बार-बार दी जा रही धमकियां ताकत की निशानी नहीं, बल्कि रणनीतिक हताशा की निशानी हैं।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने की शर्तें बताईं
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खोलने के लिए अपनी शर्तें अमेरिका के सामने रखी हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अराघची ने अमेरिकी अधिकारियों के सामने इन शर्तों को रखा।
ईरान की मांग है कि अमेरिका तुरंत नौसैनिक नाकाबंदी हटाए, विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियां जारी करे। साथ ही लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करे
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल शिपिंग रूट में से एक है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले इस जलमार्ग से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस का परिवहन होता है।

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