वॉशिंगटन डीसी/ तेहरान/तेल अवीव39 मिनट पहले
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ट्रम्प ने शुक्रवार रात कैंप डेविड में कैबिनेट बैठक की। इस दौरान उन्होंने ईरान पर बयान दिया।
अमेरिका और इजराइल ईरान के ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं। CBS न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते बिजली संयंत्रों और तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया जा सकता है।
इस सैन्य योजना पर शुक्रवार को कैंप डेविड में हुई ट्रम्प की कैबिनेट बैठक में भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान ट्रम्प ने कहा, “हम ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें ईरान पर भरोसा नहीं रहा, क्योंकि “वे झूठ बोलते हैं, बातचीत की बात करते हैं, लेकिन बार-बार अपना वादा तोड़ देते हैं।”
दूसरी तरफ ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो उसका जवाब पूरी तैयारी के साथ दिया जाएगा। उनके मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में अमेरिका और इजराइल के अहम सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा।
पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स…
1. जयशंकर की ईरानी विदेश मंत्री से बात: विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में कारोबारी जहाजों और उन पर काम करने वाले नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
2. ईरान जंग में 16 भारतीयों की मौत: इस साल पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक 16 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। इनमें 10 नाविक शामिल हैं। सरकार ने संसद में इसकी जानकारी दी।
3. पेंटागन ने मांगे 18.2 अरब डॉलर: अमेरिका के रक्षा विभाग (पेंटागन) ने ईरान युद्ध के दौरान इस्तेमाल की गई मिसाइलों का भंडार फिर से भरने के लिए 18.2 अरब डॉलर (करीब 1.59 लाख करोड़ रुपए) की आपात फंडिंग मांगी है।
4. IRGC सदस्यों के शव ईरान पहुंचे: ईरानी मीडिया के मुताबिक, इराक में हाल के अमेरिकी और सऊदी हमलों में मारे गए IRGC के पांच सदस्यों के शव शुक्रवार को ईरान लाए गए।
ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
53 मिनट पहले
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हूतियों का दावा- 8 सऊदी तेल टैंकरों का रास्ता बदला
यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने 8 सऊदी तेल टैंकरों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर कर दिया।
हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा, “सऊदी दुश्मन के खिलाफ हमारी समुद्री नाकेबंदी जारी रहेगी। हमारी सेनाएं जहां तक पहुंच सकती हैं, वहां तक उसके जहाजों को निशाना बनाएंगी।”
05:20 AM1 अगस्त 2026
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अमेरिका के 7 राज्यों के वॉटर सिस्टम पर साइबर हमला
अमेरिका के कम से कम सात राज्यों के वॉटर और वेस्टवॉटर सिस्टम पर साइबर हमला हुआ है। CBS न्यूज के मुताबिक, इस हमले में PLC (प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर) को निशाना बनाया गया। हमले के बाद कई जल संयंत्रों को ऑटोमैटिक सिस्टम बंद कर मैन्युअल तरीके से चलाना पड़ा। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमले के पीछे ईरान से जुड़े हैकर हैं या नहीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ मिनेसोटा में ही 30 से ज्यादा सामुदायिक जल प्रणालियां निशाना बनीं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि पीने के पानी की गुणवत्ता या सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ा।

04:36 AM1 अगस्त 2026
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क्या अमेरिका के पास मिसाइल डिफेंस सिस्टम का स्टॉक खत्म हो रहा?
मिडिल ईस्ट में लगातार सैन्य कार्रवाई के बीच सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका के पास मिसाइल रोकने वाले इंटरसेप्टर तेजी से कम हो रहे हैं। सवाल यह है कि ये इंटरसेप्टर क्या होते हैं और इनका स्टॉक घटना अमेरिका के लिए क्यों चिंता की बात है।
इंटरसेप्टर क्या होते हैं?
इंटरसेप्टर ऐसी मिसाइलें होती हैं जो दुश्मन की मिसाइल या ड्रोन को हवा में ही मार गिराती हैं। अमेरिका इसके लिए मुख्य तौर पर पैट्रियट और THAAD सिस्टम का इस्तेमाल करता है।
स्टॉक कितना घटा?
CSIS के मुताबिक, युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका के पास करीब 2,300 Patriot इंटरसेप्टर थे, जो अब 827 से भी कम रह गए हैं। वहीं THAAD इंटरसेप्टर का स्टॉक 452 से घटकर 278 से नीचे पहुंच गया है।
चिंता क्यों बढ़ी?
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर मिडिल ईस्ट के अलावा किसी दूसरे इलाके, जैसे इंडो-पैसिफिक में भी बड़ा संघर्ष शुरू होता है, तो अमेरिका के लिए अपने सैनिकों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा चुनौती बन सकती है।
स्टॉक भरने में कितना वक्त लगेगा?
CSIS का अनुमान है कि इंटरसेप्टर का मौजूदा स्टॉक दोबारा भरने में करीब 3 साल लग सकते हैं।
अमेरिका क्या कर रहा है?
रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने 2026 के आपातकालीन बजट में 18.2 अरब डॉलर इंटरसेप्टर मिसाइलों और दूसरे हथियारों की खरीद के लिए प्रस्तावित किए हैं।
04:29 AM1 अगस्त 2026
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रिपोर्ट- रूस ईरान को सैटेलाइट इंटेलिजेंस दे रहा
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस, ईरान को सैटेलाइट और इलेक्ट्रॉनिक खुफिया जानकारी दे रहा है।
NBC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे ईरान को अमेरिकी हवाई हमलों का मुकाबला करने और अपने मिसाइल-ड्रोन हमलों को ज्यादा सटीक बनाने में मदद मिल रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह खुफिया जानकारी ईरान को अपने अहम सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाने और मिसाइल व ड्रोन हमलों की सटीकता सुधारने में भी मदद कर रही है। साथ ही, अमेरिकी हवाई अभियानों के दौरान उसके विमानों और हथियार प्रणालियों पर नजर रखना भी आसान हो रहा है।
03:50 AM1 अगस्त 2026
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ओमान के पास ऑयल टैंकर पर हमला
ओमान के लीमा तट से करीब 11 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में एक ऑयल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है। हमले में जहाज के इंजन रूम को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद वह अपने नियंत्रण में नहीं रहा। इसकी जानकारी यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने दी है।
03:44 AM1 अगस्त 2026
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ईरान में सरकार के समर्थन में लगातार 153वीं रात रैली
ईरान में सरकार और सशस्त्र बलों के समर्थन में लगातार 153वीं रात भी रैलियां निकाली गईं। राजधानी तेहरान के आजादी स्क्वायर पर बड़ी संख्या में लोग जुटे और इस्लामिक रिपब्लिक तथा ईरानी सेना के समर्थन में नारे लगाए।
03:25 AM1 अगस्त 2026
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रिपोर्ट- ईरान के बिजली प्लांट-रिफाइनरी पर हमले की तैयारी
अमेरिका और इजराइल ईरान के ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं। CBS न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वीकेंड बिजली संयंत्रों और तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया जा सकता है। हालांकि, ट्रम्प ने अभी अंतिम मंजूरी नहीं दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच हमले को लेकर समन्वय चल रहा है। कैंप डेविड में हुई कैबिनेट बैठक में भी इस योजना पर चर्चा हुई। ट्रम्प ने कहा था, “हम ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेंगे।”
02:54 AM1 अगस्त 2026
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होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही 77% घटी
अमेरिका-ईरान तनाव का असर अब समुद्री कारोबार पर भी साफ दिखने लगा है। शिप ट्रैकिंग कंपनी Kpler के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या एक दिन में 77% गिर गई है।
शिप ट्रैकिंग कंपनी Kpler के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या गुरुवार को फिर तेजी से घट गई। एक दिन पहले जहां 22 जहाज इस रास्ते से गुजरे थे, वहीं गुरुवार को यह संख्या घटकर सिर्फ 5 रह गई।
02:14 AM1 अगस्त 2026
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ईरान बोला- नाकेबंदी जारी रही तो दुनिया की तेल सप्लाई बिगड़ेगी
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसके दक्षिणी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी जारी रही तो दुनिया की ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
परिषद ने कहा कि ऐसी स्थिति में होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण और सख्त किया जाएगा। साथ ही संकेत दिया कि दूसरे समुद्री रास्ते भी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, बयान में किसी अन्य स्ट्रेट का नाम नहीं लिया गया।
अल जजीरा के मुताबिक, ईरान का इशारा बाब अल-मंदेब स्ट्रेट और गल्फ ऑफ एडन की ओर माना जा रहा है, जहां हूती विद्रोहियों का प्रभाव है और उन्हें तेहरान का करीबी सहयोगी माना जाता है।
01:47 AM1 अगस्त 2026
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हूती विद्रोही बोले- बाब अल-मंदेब में जहाजों से कोई शुल्क नहीं लेंगे
हूती विद्रोहियों ने कहा है कि बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से कोई पैसा नहीं वसूला जाएगा। समूह ने मीडिया में चल रही उन खबरों को गलत बताया, जिनमें जहाजों से शुल्क लेने का दावा किया गया था।
हूती समूह के ह्यूमैनिटेरियन ऑपरेशंस कोऑर्डिनेशन सेंटर ने कहा, “बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजरना पूरी तरह मुफ्त है। जिन जहाजों पर हमारा प्रतिबंध नहीं है, वे पहले की तरह सुरक्षित आवाजाही कर सकते हैं।”
बता दें कि 20 जुलाई को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी का ऐलान किया था।















