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- Iran US War Peace Deal LIVE Update; Donald Trump Mojtaba Khamenei | Hormuz Strait Ceasefire MoU
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसीकुछ ही क्षण पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका-ईरान समझौता पूरा हो चुका है और इस पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में औपचारिक हस्ताक्षर होंगे। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी डेलिगेशन की अगुआई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रम्प, जेडी वेंस और ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ डिजिटल रूप से समझौते पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। हालांकि, समझौते का पूरा मसौदा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। ट्रम्प ने कहा कि दस्तावेज शुक्रवार के बाद जारी किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच 14 पॉइंट वाला एक शुरुआती मसौदा तैयार हुआ है, जिस पर आगे तकनीकी स्तर की बातचीत होगी। वहीं कुछ रिपोर्टों के मुताबिक ईरान को आर्थिक सहायता के लिए करीब 28 लाख करोड़ रुपए का पैकेज मिल सकता है, हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. ट्रम्प बोले- ईरान शर्तें पूरी करे तभी राहत मिलेगी: अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि ईरान को प्रतिबंधों से राहत तभी मिलेगी, जब वह समझौते की सभी शर्तों का पालन करेगा। अमेरिका ने फिलहाल किसी भी तत्काल आर्थिक राहत से इनकार किया है।
2. इजराइल ने डील से किनारा किया: इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ग्वीर ने कहा कि यह ट्रम्प की डील है और इजराइल इससे बंधा नहीं है। वहीं रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी साफ किया कि दक्षिणी लेबनान से सेना नहीं हटेगी।
3. मैक्रों ने यूरेनियम पर शर्त रखी: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार को निष्क्रिय कर IAEA की निगरानी में रखा जाना चाहिए, ताकि उसका इस्तेमाल परमाणु हथियारों के लिए न हो सके।
4. ईरान ने समझौते को अपनी जीत बताया: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते को ‘जीत का दस्तावेज’ बताया। उन्होंने कहा कि इजराइल की नाराजगी ही साबित करती है कि बातचीत में ईरान मजबूत स्थिति में रहा।
5. दुनियाभर के देशों ने समझौते का स्वागत किया: UAE, कुवैत, स्विट्जरलैंड, कतर और पाकिस्तान समेत कई देशों ने अमेरिका-ईरान समझौते को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
अभी
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ईरान से पीस डील के खिलाफ अमेरिकी विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और CIA चीफ

पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए प्रारंभिक समझौते से ट्रम्प सरकार के भीतर मतभेद पैदा हो गया है। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, CIA चीफ जॉन रैटक्लिफ को शक है कि ईरान समझौते में किए गए सभी वादे निभाएगा या नहीं।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भी मानना है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर वे कदम उठाने के लिए तैयार नहीं है, जिनकी अमेरिका उम्मीद कर रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी समझौते को लेकर चिंता जताई थी।
वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर समझौते को आगे बढ़ाने के पक्ष में थे।
17 मिनट पहले
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ईरानी फुटबॉल टीम के कप्तान को अमेरिका में एयरपोर्ट पर रोका गया
ईरानी फुटबॉल टीम।
ईरान की फुटबॉल टीम के कप्तान और सहायक कोच को अमेरिका के लॉस एंजिलिस एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। इसके कारण टीम को मेक्सिको के कैंप वापस लौटने में देर हो गई।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, टीम के कप्तान और स्ट्राइकर मेहदी तारेमी और सहायक कोच सईद अलहुई की एयरपोर्ट औपचारिकताएं पूरी होने में देरी हुई।
बाकी खिलाड़ी विमान में सवार हो गए थे, लेकिन तारेमी और सहायक कोच एयरपोर्ट से निकलने की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे थे।
48 मिनट पहले
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अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर दुनियाभर के देशों का रिएक्शन

07:09 AM16 जून 2026
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ईरान बोला- लेबनान पर इजराइली हमले पूरी तरह रुकने चाहिए
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि लेबनान पर इजराइल के हमले पूरी तरह बंद होने चाहिए। अराघची ने सोमवार को लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और संसद अध्यक्ष नबीह बेरी से अलग-अलग फोन पर बातचीत की।
उन्होंने लेबनानी नेताओं को अमेरिका-ईरान समझौते की जानकारी दी और कहा कि सभी मोर्चों पर हमले रोकने से जुड़ी शर्तों को लागू कराना अमेरिका की जिम्मेदारी है।
आउन और बेरी ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए लेबनान की सुरक्षा और स्थिरता जरूरी है। उन्होंने समझौते में लेबनान के खिलाफ जारी युद्ध को खत्म करने का मुद्दा शामिल किए जाने की भी सराहना की।
06:47 AM16 जून 2026
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अमेरिका ने सेटेबेलो जहाज को 60 बार चेतावनी दी थी
सेटेबेलो जहाज पर हमले का ये वीडियो खुद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जारी किया था।
अमेरिकी सेना ने 10 जून को भारतीय क्रू मेंबर वाले जहाज MT सेटेबेलो पर हमला किया था जिसमें 3 भारतीयों की मौत हो गई थी। इसे लेकर एक अमेरिकी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी AP से कहा कि इस जहाज को अमेरिकी सेना ने 60 बार चेतावनी दी थी। इस चेतावनियों में जहाज के ऊपर फ्लेयर छोड़ना, उसके ऊपर से उड़ान भरना शामिल थे। इन चेतावनी को सेटेबेलो ने नजरअंदाज कर दिया जिसके बाद उस पर हमले का आदेश दिया गया।
06:23 AM16 जून 2026
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भारत से जुड़े 34 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे, इनमें से 16 उर्वरक के

अमेरिका और ईरान के बीच सोमवार को शांति समझौते की घोषणा के तुरंत बाद दिशा नाम के भारतीय एलएनजी (LNG) टैंकर ने सुरक्षित रूप से हॉर्मुज पार किया। ऐसा करने वाला वह पहला भारतीय व्यापारिक जहाज बना। यह जहाज 18 जून को गुजरात के दहेज पोर्ट पहुंचेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिशा के सुरक्षित रूप से हॉर्मुज पार करने से उन 34 भारतीय और विदेशी झंडे वाले जहाजों को उम्मीद मिली है, जो अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं और भारतीय की ओर रवाना होने का इंतजार कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक इन जहाजों में से 16 जहाजों पर उर्वरक लदा है।
इनमें से-
- 8 जहाज यूरिया
- 4 जहाज डाय-अमोनियम फॉस्फेट (DAP)
- 3 जहाज सल्फर
- 1 जहाज अमोनिया के हैं।
06:09 AM16 जून 2026
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रिपोर्ट: ईरान से पीस डील पर ट्रम्प की जल्दबाजी से चौंके अधिकारी

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सहयोगी अधिकारी उस समय हैरान रह गए, जब ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर अचानक ईरान के साथ पीस डील पर साइन होने की घोषणा कर दी। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा था कि ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो चुका है। बताया गया है कि ट्रम्प ने स्थानीय समयानुसार शाम 5 बजे के बाद व्हाइट हाउस में इस डाक्यूमेंट पर डिजिटल हस्ताक्षर किए थे।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ट्रम्प ने इस समझौते पर उस वक्त दस्तखत किए, जब वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत कर रहे थे।
05:55 AM16 जून 2026
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पीस डील पर ट्रम्प को पार्टी का पूरा समर्थन नहीं
अमेरिका में रिपब्लिकन नेताओं ने अभी ट्रम्प के ईरान समझौते को पूरी तरह हरी झंडी नहीं दी है। वे पहले समझौते की पूरी जानकारी देखना चाहते हैं, उसके बाद ही अपना स्पष्ट रुख तय करेंगे।
न्यूज वेबसाइट सीमेफर के मुताबिक पार्टी से जुड़े नेताओं मानना है कि जब तक समझौते का पूरा दस्तावेज सार्वजनिक नहीं हो जाता और उसकी सभी शर्तें सामने नहीं आतीं, तब तक समर्थन या विरोध करना जल्दबाजी होगी।
असल में ये नेता जानना चाहते हैं कि पीस डील से अमेरिका को क्या हासिल होना है। मसलन इसके बदले क्या करना होगा, ईरान को क्या रियायतें मिलेंगी और भविष्य में इसके राजनीतिक तथा सुरक्षा संबंधी क्या असर हो सकते हैं।
05:38 AM16 जून 2026
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शिपिंग कंपनी बोली- पीस डील के बावजूद होर्मुज में जहाज नहीं भेजेंगे

अमेरिकी नाकेबंदी के बाद होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाज। तस्वीर अप्रैल 2026 की है।
दुनिया की बड़ी शिपिंग कंपनी जापान की मित्सुई ओएसके लाइन्स (MOL) का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने के बावजूद जहाज मालिक तुरंत होर्मुज से अपने जहाज नहीं भेजेंगे।
फाइनेंशियल टाइम्स से बात करते हुए कंपनी चीफ जोतारो तमूरा ने कहा कि शिपिंग कंपनियां तब तक इंतजार करेंगी, जब तक उन्हें यह भरोसा नहीं हो जाता कि अमेरिका-ईरान समझौता सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका असर जमीन पर भी दिख रहा है।
05:24 AM16 जून 2026
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले- इजराइल भी पीस डील का हिस्सा होगा

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान ईरान से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उन्हें यकीन है कि आगे चलकर इजराइल भी अमेरिका-ईरान पीस डील का हिस्सा बनेगा। NBC न्यूज को दिए इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि पीस डील को लेकर ईरानी और इजराइली मीडिया में काफी गलत जानकारी फैलाई जा रही है।
वेंस के मुताबिक, जब इजराइल के लोग समझौते की असली शर्तों को जानेंगे तो वे इसका समर्थन करेंगे। हालांकि दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि इजराइल इस समझौते का हिस्सा नहीं है।
05:06 AM16 जून 2026
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नेतन्याहू बोले- डील हो या ना हो, ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए परमाणु समझौते की शर्तों की जानकारी इजराइल को नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले अमेरिका और ईरान ने युद्धविराम समझौते की घोषणा की थी।
नेतन्याहू ने कहा, “समझौता हो या न हो, ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा। न आज और न ही कल।” उन्होंने दावा किया कि इजराइल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई ने ईरान से पैदा हुए तत्काल खतरे को खत्म कर दिया है।
04:57 AM16 जून 2026
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ईरान में पीस डील पर यकीन नहीं कर रहे लोग

ईरान की राजधानी तेहरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन स्क्वायर में 14 जून को आयोजित एक प्रदर्शन में लोग ईरानी झंडे लहराते हुए।
अल जजीरा के मुताबिक ईरान में लोगों को अब भी भरोसा नहीं है कि संकट सचमुच खत्म हो गया है। दरअसल, अमेरिका-ईरान के बीच अभी भी कई अहम मुद्दे अब भी बाकी हैं।
इसमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी प्रतिबंध, विदेशों में फंसी ईरानी संपत्तियां और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स का सवाल शामिल है। इन्हीं मुद्दों की वजह से कई ईरानियों को नहीं लगता कि कोई स्थायी समाधान जल्द निकल पाएगा।
लोगों का मानना है कि इस डील की सभी शर्तें पूरी नहीं हो पाएंगी और बाद में दोनों पक्ष अपने-अपने हितों के हिसाब से समझौते को कमजोर कर सकते हैं।
ईरान के भीतर भी कट्टरपंथी गुट इस समझौते से खुश नहीं हैं। उनका मानना है कि सरकार को बातचीत में ज्यादा सख्त रुख अपनाना चाहिए था। वे समझौते में दी गई किसी भी रियायत की आलोचना कर रहे हैं।
देशभर में सरकार समर्थक सभाओं में कई लोगों ने अमेरिका के साथ समझौते का विरोध किया। उनका कहना है कि ईरान ने खामेनेई की हत्या का बदला नहीं लिया और उसे वॉशिंगटन के सामने झुकना नहीं चाहिए।
04:44 AM16 जून 2026
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इजराइल में विपक्षी नेता बोले- चुनाव जीते तो ईरान में सत्ता बदल देंगे

नेफ्ताली बेनेट जून 2021 से जून 2022 तक इजराइल के प्रधानमंत्री रहे थे।
इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने सोमवार को कहा कि देश में नई सरकार बदलते ही ईरान में शासन परिवर्तन की घड़ी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बनी तो वे ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकेंगे
बेनेट ने कहा कि नेतन्याहू सरकार का कार्यकाल गृहयुद्ध जैसी स्थिति से शुरू हुआ। 7 अक्टूबर के हमले और नरसंहार से आगे बढ़ा और अब ईरान के खिलाफ एक ऐतिहासिक विफलता के साथ खत्म हो रहा है।
04:35 AM16 जून 2026
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पीस डील पर ओबामा का तंज- यह पुराने समझौते जैसा

बराक ओबामा 2008 से 2016 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे थे।
अमेरिका में ईरान के साथ हुए पीस डील की आलोचना शुरू हो गई है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि नया समझौता काफी हद तक 2015 के परमाणु समझौते जैसा लगता है, जिससे डोनाल्ड ट्रम्प ने 2018 में अमेरिका को बाहर निकाल लिया था।
2015 के समझौते के तहत ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने और परमाणु हथियार विकसित न करने का वादा किया था। साथ ही अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को यह जांचने की अनुमति दी गई थी कि ईरान समझौते का पालन कर रहा है या नहीं।
इसके बदले ईरान को प्रतिबंधों से राहत मिलनी थी। हालांकि तब उस समझौते में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम या हमास और हिजबुल्लाह जैसे क्षेत्रीय सहयोगी संगठनों को समर्थन देने के मुद्दे शामिल नहीं थे।
इजराइल और उस समय राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प ने इन्हीं कमियों की कड़ी आलोचना की थी। इसके बाद 2018 में ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिका को इस समझौते से बाहर निकाल लिया और ईरान पर कड़े प्रतिबंध फिर से लागू कर दिए।
04:20 AM16 जून 2026
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ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े विवाद को जानिए
ईरान का परमाणु कार्यक्रम कई दशकों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा रहा है। ईरान लगातार दावा करता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है। लेकिन अमेरिका और इजराइल इस दावे को नहीं मानते। उनका कहना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है।
2015 का परमाणु समझौता क्या था?
- 2015 में हुए परमाणु समझौते के तहत ईरान ने यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) का स्तर 3.67% तक सीमित रखने पर सहमति दी थी।
- 3.67% संवर्धित यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु बिजलीघरों के ईंधन के रूप में किया जा सकता है।
- परमाणु हथियार बनाने के लिए आमतौर पर 90% या उससे अधिक संवर्धित यूरेनियम की जरूरत होती है।
ट्रम्प के फैसले के बाद क्या बदला?
- 2018 में ट्रम्प ने अमेरिका को 2015 के परमाणु समझौते से बाहर निकाल लिया।
- इसके बाद ईरान ने धीरे-धीरे यूरेनियम संवर्धन का स्तर बढ़ाना शुरू कर दिया।
- ईरान ने खुले तौर पर 3.67% की सीमा से ऊपर जाना शुरू किया।
ईरान कितनी दूर पहुंच गया था?
- अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के मुताबिक जून 2025 तक ईरान 60% तक यूरेनियम संवर्धन कर रहा था।
- उसके पास 60% संवर्धित यूरेनियम का करीब 400 किलोग्राम भंडार था।
- यह स्तर परमाणु हथियार के लिए जरूरी 90% से नीचे है, लेकिन नागरिक उपयोग के लिए जरूरी स्तर से काफी ज्यादा है।
04:14 AM16 जून 2026
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ईरानी राष्ट्रपति बोले- सभी शर्तें पूरी हुई तो गर्व की बात होगी

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान। (फाइल फोटो)
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए MoU का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अगर इस समझौते की सभी शर्तें पूरी तरह लागू होती हैं, तो यह ईरान के लिए गर्व का दस्तावेज बन सकता है।
पजशकियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अंतिम समझौता अभी आकार लेना बाकी है। लेकिन ईरान हर परिस्थिति के लिए तैयार है।
एक अन्य पोस्ट में पजशकियान ने कहा कि तैयार किया गया MoU कई महीनों की बातचीत और लगातार कोशिशों का नतीजा है।
ईरानी राष्ट्रपति ने पीस डील की कोशिशों में अहम भूमिका निभाने वाले संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची, शूरा परिषद के सदस्यों और अन्य लोगों की तारीफ की।
04:03 AM16 जून 2026
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले- ईरान को कोई आर्थिक मदद नहीं देंगे
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद अब तक ईरान को कोई आर्थिक राहत नहीं दी गई है।
CNN से बातचीत में वेंस ने कहा, “अमेरिका या हमारे खाड़ी क्षेत्र के किसी सहयोगी ने ईरान को न तो प्रतिबंधों में राहत दी है और न ही उसकी कोई जमी हुई संपत्ति जारी की है। इस बारे में कुछ गलत रिपोर्टिंग हुई है। मुझे नहीं पता ये खबरें कहां से आ रही हैं।”
हालांकि वेंस ने कहा कि अगर ईरान समझौते के तहत अपनी सभी जिम्मेदारियां पूरी करता है, तो उसे भविष्य में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधों से राहत मिल सकती है।
03:51 AM16 जून 2026
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लेबनान में वॉर कवर कर रहे रिपोर्टर पर ड्रोन हमला
प्रेस टीवी के एक रिपोर्टर ने दावा किया है कि दक्षिणी लेबनान में रिपोर्टिंग के दौरान एक इजराइली ड्रोन ने जानबूझकर उन्हें निशाना बनाया। उन्होंने इस घटना का एक वीडियो भी शेयर किया है।
पत्रकार हादी होतेइत ने कहा कि यह हमला उस समय हुआ, जब वह दक्षिणी लेबनान के एक खुले इलाके में रिपोर्टिंग कर रहे थे। हादी होतेइत ने बताया कि हमले में उन्हें छह जगह चोटें आईं।
03:42 AM16 जून 2026
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नेतन्याहू बोले- लेबनान से इजराइली सेना नहीं हटाएंगे

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को येरूशलम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
PM नेतन्याहू ने सोमवार को देश को संबोधित करते हुए कहा कि इजराइल दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाएगा। नेतन्याहू ने कहा कि यह समझौता अमेरिका ने किया है, अमेरिका के राष्ट्रपति ने किया है। यह उनका फैसला है।
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान मांग की थी कि इजराइल अपनी सेना लेबनान से वापस बुलाए। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच हुए MoU में भी इसका जिक्र है।
03:26 AM16 जून 2026
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पीस डील के बाद भी होर्मुज में आवाजाही सामान्य नहीं हुई

28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद सैकड़ों जहाज होर्मुज में फंसे हुए हैं। (फाइल फोटो)
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की घोषणा के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही अभी सामान्य नहीं हो सकी है। जहाजों की निगरानी करने वाली वेबसाइट मरीनट्रैफिक के मुताबिक समझौते की घोषणा के बाद अब तक सिर्फ चार तेल टैंकर, कुछ मालवाहक जहाज और छोटे पोत ही स्ट्रेट पार कर पाए हैं।
ईरान का एक तेल टैंकर ‘डालिया’ मंगलवार सुबह दक्षिणी ईरान के चाबहार बंदरगाह से निकलकर स्ट्रेट में प्रवेश करता दिखाई दिया। रिकॉर्ड बताते हैं कि युद्ध शुरू होने के बाद यह जहाज पांच बार इस मार्ग से गुजर चुका है। इस दौरान वह अक्सर अपनी लोकेशन बताने वाला ट्रांसपोंडर बंद कर देता था। रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल यह टैंकर खाली है।
वहीं अधिकांश तेल टैंकर अब भी होर्मुज स्ट्रेट से काफी दूर ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी में लंगर डाले हुए हैं। इससे संकेत मिलता है कि समझौते के बावजूद जहाजरानी कंपनियां अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं और हालात सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है।
03:21 AM16 जून 2026
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले- पीस डील का MoU सिर्फ डेढ़ पन्ने का दस्तावेज
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को सीएनएन के जेक टैपर से बातचीत में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ MoU करीब डेढ़ पन्ने का एक सामान्य दस्तावेज है। उन्होंने बताया कि समझौते की कई अहम और तकनीकी जानकारियां अभी तय नहीं हुई हैं और उन पर आने वाले दौर की बातचीत में फैसला किया जाएगा।
02:43 AM16 जून 2026
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ईरान लौटेंगे अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षक, यूरेनियम की निगरानी करेंगे
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को फिर से ईरान में काम करने की अनुमति दी जाएगी। वेंस ने NBC न्यूज से बातचीत में कहा कि यह अमेरिका-ईरान समझौते की सबसे अहम शर्तों में से एक है।
वेंस ने कहा कि समझौते में साफ तौर पर लिखा गया है कि IAEA, अमेरिका और ईरान मिलकर तेहरान के पास मौजूद एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को खत्म करने पर काम करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षक ऐसे एक्सपर्ट्स होते हैं जो यह जांच करते हैं कि कोई देश अपने परमाणु कार्यक्रम का इस्तेमाल सिर्फ शांतिपूर्ण मकसद के लिए कर रहा है या परमाणु हथियार बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। ये निरीक्षक संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के लिए काम करते हैं।

02:36 AM16 जून 2026
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ईरान के फ्रीज्ड फंड को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग दावे
फ्रीज्ड फंड को लेकर ईरान और अमेरिका अलग-अलग बातें कर रहे हैं। ईरानी मीडिया का दावा है कि समझौते के तहत ईरान को उसके 24 अरब डॉलर के फ्रीज्ड फंड्स वापस मिलेंगे, जिनमें से 12 अरब डॉलर 60 दिन की बातचीत शुरू होने से पहले जारी किए जाएंगे।
अमेरिकी अधिकारियों और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इन खबरों का खंडन किया है। उनका कहना है कि सिर्फ समझौते पर हस्ताक्षर करने या बातचीत में शामिल होने के बदले ईरान को कोई पैसा नहीं मिलेगा। किसी भी आर्थिक राहत से पहले ईरान को अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करनी होंगी।

02:21 AM16 जून 2026
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ट्रम्प ने ईरान को आर्थिक पैकेज देने से इनकार किया

ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर दावा किया कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं रखने पर राजी हो गया है। ट्रम्प ने उन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि अमेरिका समझौते के तहत ईरान को 30 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता देगा। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह गलत हैं।
इससे पहले खुद उपराष्ट्रपति वेंस ने सोमवार को कहा था कि अगर ईरान शांति समझौते में तय अपनी सभी जिम्मेदारियां पूरी करता है, तो उसे 30 करोड़ डॉलर का फंड मिल सकता है।
02:05 AM16 जून 2026
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पीस डील का बाजार, तेल और रुपए पर असर
भारत के लिए फायदा होगा, क्योंकि वह जरूरत का 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड सस्ता होने से आयात बिल घटेगा, चालू खाता घाटा सुधरेगा और महंगाई काबू करने में मदद मिलेगी। महंगाई कम होने से ब्याज दरों में कटौती का रास्ता खुलेगा, जिससे लोन सस्ते होंगे।
क्रूड सस्ता होते ही रुपया डॉलर के मुकाबले 60 पैसे मजबूत होकर 94.58 के स्तर पर पहुंच गया, जो बीते एक महीने का सबसे मजबूत स्तर है। शुक्रवार को भी 67 पैसे मजबूत हुआ था।
डील की घोषणा के बाद क्रूड ऑयल 5% सस्ता। भाव 83 डॉलर प्रति बैरल हुआ। अमेरिकी क्रूड 80 डॉलर हुआ। 19 जून को डील पर साइन होते हैं तो कच्चा तेल 75 से 78 डॉलर पर आ सकता है।
भारत की 55% तेल और 90% एलपीजी की सप्लाई होर्मुज से होती है। अब ये आसान होगी। डील के ऐलान के बाद होर्मुज से गुजरने वाला पहला गैस टैंकर ‘दिशा’ रहा। कतर से टैंकर भारत पहुंचेगा।
01:53 AM16 जून 2026
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अमेरिका को बहुत महंगी पड़ी जंग, अब तक ₹10 लाख करोड़ खर्च
ईरान जंग में अमेरिका ने अब तक 10.75 लाख करोड़ रु. से ज्यादा खर्च किए है। सरकारी और रक्षा विशेषज्ञों (CSIS) के मुताबिक अमेरिका ने इस युद्ध के लिए मिडिल ईस्ट में हजारों सैनिक भेजे हैं और समुद्र में 3 एयरक्राफ्ट करियर (विमानवाहक पोत) और उनके साथ पूरा नौसैनिक बेड़ा तैनात कर रखा है, जिसका रोजाना का मेंटेनेंस खर्च ही करोड़ों में है।
01:43 AM16 जून 2026
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गालिबाफ बोले- पीस डील ईरान की मजबूती का नतीजा

गालिबाफ ईरान की ओर से अमेरिका के साथ बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने ही ईरान की तरफ से पीस डील पर दस्तखत किए।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका के साथ हुए ऐतिहासिक समझौते के बाद ईरानी जनता और आर्म्ड फोर्स की तारीफ की। उन्होंने कहा कि महीनों तक चले संघर्ष के बाद देश ने आखिरी जीत की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है।
गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि पीस डील ईरान की मजबूती का नतीजा है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपने हितों से समझौता किए बिना इस टकराव का सामना किया है। उन्होंने लिखा, “वे ऐसा करना चाहते थे, लेकिन कर नहीं सके। हम मजबूती से डटे हुए हैं।”
01:28 AM16 जून 2026
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पीस डील में पेंच: इजराइल, परमाणु मुद्दा, होर्मुज और मुआवजा अहम
इजराइल ईरान की बढ़ती ताकत को कुचलना चाहता है। लेबनान में ईरान समर्थक हिजबुल्ला और यमन में हूती विद्रोहियों पर हमले कर डील में बाधा पैदा करेगा।
ईरान ने परमाणु मुद्दे पर फिलहाल अपने 460 किलो परिष्कृत यूरेनियम को सौंपने का ऐलान नहीं किया है।
ईरान ओमान को साथ लेकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से सर्विस टैक्स लेने पर अड़ा हुआ है। जबकि अमेरिका यहां पर टैक्स वसूली के विरुद्ध है।
अमेरिका और खाड़ी के देश ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 28 लाख करोड़ के पैकेज पर आसानी से राजी नहीं होंगे। सऊदी अरब और UAE विरोध करेंगे।
01:22 AM16 जून 2026
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नेतन्याहू बोले- लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई, पीस डील ट्रम्प का फैसला

इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान-अमेरिका पीस डील को लेकर सोमवार को येरूशलम में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। नेतन्याहू ने इस शांति समझौते को ‘ट्रम्प का फैसला’ बताया। उन्होंने कहा कि इजराइल अपनी जवाबी कार्रवाई की आजादी बनाए रखेगा।
उनके मुताबिक अगर हिजबुल्लाह का इजराइल पर हमला होता है तो वे लेबनान में जवाबी हमला जरूर करेंगे।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रम्प को युद्ध शुरू करने के लिए मनाने में अहम भूमिका निभाई थी और अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमले कराए थे।
01:07 AM16 जून 2026
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वांस ने कहा- ईरान में फिर होगी परमाणु कार्यक्रम की जांच

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस। (फाइल फोटो)
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ईरान के साथ हुए समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय परमाणु जांचकर्ता (इंस्पेक्टर) फिर से ईरान जा सकेंगे।
वेंस के मुताबिक, समझौते की सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में से एक यह है कि इंटरनेशनल एटोमिक एनर्जी एजेंसी के विशेषज्ञ ईरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी करेंगे।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और IAEA मिलकर ईरान के पास मौजूद उच्च संवर्धित यूरेनियम (परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री) को खत्म करने की दिशा में काम करेंगे।
वेंस ने बताया कि इस प्रक्रिया के तरीके और समय-सीमा पर शुक्रवार को होने वाली बैठक में चर्चा होगी, जब समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे।
01:03 AM16 जून 2026
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ट्रम्प बोले- पीस डील कार्यक्रम में जेनेवा जा भी सकता हूं और नहीं भी

फ्रांस के एवियां में G7 समिट के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का स्वागत किया। यह मुलाकात 15 जून 2026 को हुई।
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि शुक्रवार को होने वाले अमेरिका-ईरान शांति समझौते के हस्ताक्षर समारोह में वह शामिल भी हो सकते हैं और नहीं भी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
फ्रांस के एवियन में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक में उन्होंने यह बात कही है।
12:59 AM16 जून 2026
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ट्रम्प ने फ्रांस में कहा- ईरान से डील पर साइन हुए
फ्रांस पहुंचे ट्रम्प ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रों के साथ बैठक में कहा- ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है। समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। कुछ समुद्री बारूदी सुरंगें मिली हैं, जिन्हें हटाने का काम चल रहा है। इसके बावजूद जहाज निकलना शुरू हो गए हैं और शुक्रवार तक जलमार्ग पूरी तरह खुल जाएगा।













