अमित कर्ण. मुंबई1 घंटे पहले
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जॉन अब्राहम पिछले कुछ वर्षों से अपनी फिल्मों के चुनाव में बड़ा बदलाव करते नजर आ रहे हैं। मसाला एक्शन फिल्मों से अलग अब उनका झुकाव रियल-लाइफ घटनाओं और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर बेस्ड कहानियों की ओर है।- फाइल फोटो
जॉन अब्राहम की फिल्म ‘नागरवाला’ एक बार फिर चर्चा में है। जानकारी के मुताबिक ‘केके मेनन अब इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हैं और उनकी जगह नए कलाकार की तलाश जारी है। वहीं, विजय सेतुपति की ‘ऑपरेशन गंगा’ पर भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। फिल्म की स्क्रिप्ट और रिसर्च वर्क लगभग पूरा हो चुका है तथा जल्द ही प्री-प्रोडक्शन की अगली प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
फिल्म ‘ऑपरेशन गंगा’ के फाइनल ड्राफ्ट पर चल रहा है काम
जहां ‘नागरवाला’ अभी शुरुआती डेवलपमेंट फेज में है, वहीं जॉन की दूसरी रियल-लाइफ फिल्म ‘ऑपरेशन गंगा’ कहीं ज्यादा आगे बढ़ चुकी है। सूत्रों के मुताबिक ‘फिल्म का पहला ड्राफ्ट काफी पहले तैयार हो गया था और अब फाइनल ड्राफ्ट पर काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। यही वजह है कि इंडस्ट्री के अंदर इस प्रोजेक्ट को जॉन की अगली बड़ी फिल्म के तौर पर देखा जा रहा है। फिल्म की कहानी भारत सरकार के ऑपरेशन गंगा पर आधारित है, जिसके तहत रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान हजारों भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया गया था। हालांकि, फिल्म सिर्फ रेस्क्यू मिशन तक सीमित नहीं होगी।
रियल-लाइफ कहानियों पर जॉन का बड़ा दांव
जॉन अब्राहम पिछले कुछ वर्षों से अपनी फिल्मों के चुनाव में बड़ा बदलाव करते नजर आ रहे हैं। मसाला एक्शन फिल्मों से अलग अब उनका झुकाव रियल-लाइफ घटनाओं और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर बेस्ड कहानियों की ओर है। ‘द डिप्लोमैट’ के बाद अब उनके पास ऐसे ही दो बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, जिन पर तेजी से काम चल रहा है। पहला 1971 के चर्चित नागरवाला केस पर आधारित क्राइम-थ्रिलर है, जबकि दूसरा भारत सरकार के ऑपरेशन गंगा पर आधारित हाई-स्केल रेस्क्यू ड्रामा। हालांकि, दोनों फिल्मों की प्रगति अलग-अलग चरण में है।
शिवम नायर के साथ फिर बनेगी जॉन की जोड़ी
रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘इस फिल्म का निर्देशन शिवम नायर करेंगे। ‘द डिप्लोमैट’ में जॉन और शिवम की जोड़ी को अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। अब दोनों एक बार फिर साथ काम करने की तैयारी में हैं। इंडस्ट्री सूत्रों का कहना है कि रियल-इंसिडेंट बेस्ड फिल्मों को लेकर दोनों की समझ काफी मजबूत हो चुकी है, इसलिए उनका अगला प्रोजेक्ट भी इसी जॉनर में प्लान किया गया है।’ सूत्रों के अनुसार ‘फिलहाल फिल्म राइटिंग फेज में है। कहानी अलग-अलग लेखकों के स्तर पर डेवलप की गई थी, जिसे डायरेक्टर अपनी जरूरत के हिसाब से तैयार करवा रहे हैं।
1971 बैकड्रॉप पर होगी फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी का बैकड्रॉप 1971 होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया है कि इसका संबंध भारत-पाकिस्तान युद्ध से नहीं है। फिल्म की कहानी उसी साल सामने आए चर्चित नागरवाला बैंक केस से प्रेरित बताई जा रही है, जिसे भारतीय न्यायिक और राजनीतिक इतिहास के सबसे रहस्यमयी मामलों में गिना जाता है। पूर्व सैन्य अधिकारी रुस्तम सोहराब नागरवाला पर आरोप था कि उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आवाज की नकल कर भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य कैशियर को फोन किया और करीब 60 लाख रुपए निकलवा लिए।











