Karnataka Congress CM Political Crisis; Siddaramaiah DK Shivakumar | ACTPnews

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार वेणुगोपाल के साथ खड़े नजर आए। - Dainik Bhaskar


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नई दिल्ली4 घंटे पहले

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कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार वेणुगोपाल के साथ खड़े नजर आए।

कर्नाटक का मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच मंगलवार को सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी के साथ बैठक हुई।

बैठक में शामिल रहे पार्टी के संगठन महासचिव वेणुगोपाल ने कहा- जो अटकलें लगाई जा रही हैं, वे सिर्फ अटकलें हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं है। बैठक में राज्यसभा और विधान परिषद (MLC) चुनावों पर चर्चा हुई।

दैनिक भास्कर के सूत्रों के मुताबिक, बैठक में राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से सीएम पद से इस्तीफा देने का कहा और उन्हें राज्यसभा भेजने का ऑफर भी दिया। सिद्धारमैया ने इससे इनकार कर दिया।

सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया ने पार्टी नेतृत्व से कहा कि अगर मुझे हटाया गया तो पार्टी टूटेगी, क्योंकि 50-60 विधायक मेरे साथ हटेंगे। मैं डीके शिवकुमार के नीचे काम नहीं करूंगा।

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार सोमवार रात को दिल्ली पहुंचे थे।

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार सोमवार रात को दिल्ली पहुंचे थे।

सिद्धारमैया इस हफ्ते दे सकते हैं इस्तीफा, डीके को कमान संभव

दैनिक भास्कर के सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व सर्वसम्मति से डीके शिवकुमार के दावे के समर्थन में है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को राज्यसभा सीट की पेशकश की गई है। उनसे दिल्ली में बड़ी राष्ट्रीय भूमिका निभाने को कहा है।

बिहार में भाजपा द्वारा अपनाए गए फॉर्मूले की तर्ज पर सिद्धारमैया के बेटे को मंत्री पद भी दिया जा सकता है। सिद्धारमैया ने इस प्रस्ताव पर विचार के लिए समय मांगा है। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि वे इसी हफ्ते इस्तीफा दे सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका गांधी वाड्रा कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में थीं। मंगलवार की बैठक में प्रियंका भी मौजूद थीं। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं। सिद्धारमैया तब 80 साल के हो जाएंगे। चेहरा बदलकर पार्टी सत्ता-विरोधी भावना भी थामना चाहेगी।

शिवकुमार ने कहा था- दिल्ली जाना जरूरी होता है

सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार सोमवार रात दिल्ली पहुंचे थे। सिद्धारमैया के साथ कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर आए थे।

दिल्ली पहुंचने के बाद सिद्धारमैया ने कहा- हाईकमान ने बुलाया है, इसलिए आया हूं। बैठक का एजेंडा क्या है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। वेणुगोपाल ने फोन कर समय और तारीख बताई थी।

वहीं शिवकुमार ने दिल्ली रवाना होने से पहले कहा था- कुछ परिस्थितियों में दिल्ली जाना जरूरी हो जाता है, इसलिए जा रहा हूं।

वहीं, कर्नाटक सरकार में मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा था कि दिल्ली में होने वाली बैठक का मकसद पार्टी के अंदर चल रहे मुद्दों को सुलझाना है। कांग्रेस कार्यकर्ता गृह मंत्री जी परमेश्वर के समर्थन में भी आवाज उठा रहे हैं। इससे पार्टी के अंदर शक्ति संतुलन की चर्चा और तेज हो गई है।

BJP बोली- खड़गे नाम के अध्यक्ष

इससे पहले सोमवार को जब खड़गे से कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा- मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा। राहुल जी बोलेंगे।

खड़गे के इसी बयान को लेकर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष केवल नाम के अध्यक्ष हैं और पार्टी रिमोट कंट्रोल से चल रही है। इतने बड़े मुद्दे पर खड़गे कह रहे हैं कि राहुल गांधी जवाब देंगे। इससे साफ है कि असली ताकत किसके पास है।

पूनावाला ने कांग्रेस पर आंतरिक कलह का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में केरल, हिमाचल और अब कर्नाटक में भी सत्ता संघर्ष चल रहा है। उन्होंने कहा- कांग्रेस को जनता से ज्यादा कुर्सी की चिंता है।

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और कर्नाटक के कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला।

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और कर्नाटक के कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला।

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार।

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार।

कर्नाटक CM के 2.5 साल पूरे होने के बाद से अटकलें

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। शिवकुमार के समर्थक विधायकों का कहना है कि 2023 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब मुख्यमंत्री पद के लिए 2.5-2.5 साल की डील हुई थी, लेकिन सिद्धारमैया समर्थक इसे नकारते आए हैं।

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का 20 नवंबर 2025 को 2.5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ था। कुछ विधायक जो डिप्टी CM डीके शिवकुमार के समर्थक माने जाते हैं, वे दिल्ली जाकर खड़गे से मिले थे।

सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में हैं। शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला करे। पार्टी के अंदरूनी हलकों में यह भी माना जा रहा है कि यदि हाई कमान कैबिनेट विस्तार को मंजूरी देता है, तो इससे सिद्धारमैया के पूरे कार्यकाल (5 साल) तक टिके रहने का संकेत मिल सकता है, जो शिवकुमार की सीएम बनने की संभावनाओं को कम कर देगा।

मतभेद की खबरों के बीच सीएम और डिप्टी सीएम आंगनवाड़ी प्रोग्राम के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साथ नजर आए थे।

मतभेद की खबरों के बीच सीएम और डिप्टी सीएम आंगनवाड़ी प्रोग्राम के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साथ नजर आए थे।

नवंबर 2025: शिवकुमार बोले- हमेशा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नहीं रह सकता

शिवकुमार ने कहा था- साढ़े पांच साल हो चुके हैं और मार्च में छह साल हो जाएंगे। अब दूसरे नेताओं को भी अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा- मैं लीडरशिप में रहूंगा। चिंता मत करिए, मैं फ्रंटलाइन में रहूगा। मैं रहूं या न रहूं, इससे फर्क नहीं पड़ता। मेरी कोशिश है कि अपने कार्यकाल में पार्टी के 100 ऑफिस बनवाऊं।

दिसंबर 2025: सिद्धारमैया बोले- जब हाईकमान कहेगा शिवकुमार CM होंगे

डीके शिवकुमार 29 नवंबर को सिद्धारमैया के घर पहुंचे थे, फिर 2 दिसंबर को सिद्धारमैया डीके शिवकुमार के घर पहुंचे।

डीके शिवकुमार 29 नवंबर को सिद्धारमैया के घर पहुंचे थे, फिर 2 दिसंबर को सिद्धारमैया डीके शिवकुमार के घर पहुंचे।

करीब 20 दिनों की खींचतान के बाद कर्नाटक CM सिद्धारमैया ​​​​​​ने कहा था कि जब हाईकमान कहेगा, तब शिवकुमार को मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा। उन्होंने यह बात ‘शिवकुमार को कब CM बनाया जाएगा’ से जुड़े सवाल पर कही थी। सिद्धारमैया ​​​​​​ने कहा था कि हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है और दोनों राज्य सरकार को एकजुट होकर चला रहे हैं।

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