Madras HC Bans Cow & Buffalo Sacrifice for Bakrid in Tamil Nadu | ACTPnews

Madras HC Bans Cow & Buffalo Sacrifice for Bakrid in Tamil Nadu


चेन्नई17 मिनट पहले

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मद्रास हाईकोर्ट ने बकरीद से एक दिन पहले तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया है कि राज्य में बकरीद या किसी अन्य दिन गाय और बछड़ों की कुर्बानी न हो। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायण की बेंच ने कहा,

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संविधान सभा की बहस में कहा गया था कि गाय भारत में पूजनीय मानी जाती है और भगवान कृष्ण के समय से हमारी संस्कृति का हिस्सा रही है। कई मुस्लिम शासकों ने भी गोहत्या पर रोक लगाई थी। महात्मा गांधी भी गो संरक्षण को बहुत महत्वपूर्ण मानते थे।

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इंदु मक्कल कच्ची के राज्य महासचिव सूर्य ने हाईकोर्ट में कुर्बानी के खिलाफ याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक जगहों पर अवैध रूप से गायों की कटाई की जा रही है। इसे रोकने के लिए 18 मई को प्रशासन को ज्ञापन भी दिया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 48 का हवाला दिया

कोर्ट ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 48 राज्य सरकार को गाय, बछड़ों और दुधारू-पशुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाने का निर्देश देता है। कोर्ट ने तमिलनाडु एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट, 1958 की धारा-4 का उल्लेख किया।

इसमें कहा गया है कि 10 साल से ज्यादा उम्र और प्रजनन के अयोग्य पशु को ही प्रमाणपत्र मिलने के बाद काटा जा सकता है। अदालत ने कहा कि इस प्रावधान की सख्ती से व्याख्या होनी चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि अगर किसी पशु की कुर्बानी दी जाती है तो वह केवल निर्धारित जगहों पर ही होनी चाहिए। सार्वजनिक स्थानों या सड़कों पर ऐसा नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार किया था

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को गायों की हत्या पर रोक लगाने और गोवंश वध कानूनों को सख्ती से लागू करने की मांग वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इतने बड़े मुद्दे को आखिरी समय पर उठाया गया है, इसलिए अभी तुरंत सुनवाई की जरूरत नहीं है।

याचिकाकर्ता ने कहा था कि बकरीद नजदीक है, इसलिए मामले की जल्दी सुनवाई होनी चाहिए। इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि क्या आप त्योहार से ठीक पहले सिर्फ प्रचार पाने के लिए कोर्ट आए हैं?

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा था-बकरीद पर गाय की कुर्बानी जरूरी नहीं

इससे पहले 20 मई को कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की पशु वध संबंधी गाइडलाइन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि बिना जरूरी फिटनेस सर्टिफिकेट के गाय, भैंस, बैल या बछड़े का वध नहीं किया जा सकता।

चीफ जस्टिस सुजय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी की बेंच ने कहा,

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खुले सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी पशु का वध पूरी तरह बैन है। ईद-उल-जुहा में गाय की कुर्बानी इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है।

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पूर्व तृणमूल नेता व विधायक हुमायूं कबीर ने गाइडलाइन का विरोध करते हुए ईद पर हर हाल में कुर्बानी की धमकी दी है। इस पर भाजपा ने कहा कि किसी भी हाल में अवैध स्लॉटरहाउस नहीं चलने दिए जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…

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