Manoj Muntashir vs Abhijeet Deepke Controversy | ACTPnews

मनोज मुंतशिर शुक्ला को हाल ही में उनके करियर का दूसरा नेशनल अवॉर्ड फिल्म 'मैदान' के सुपरहिट गाने 'जाने दो' के लिए मिला है। - Dainik Bhaskar


8 घंटे पहले

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मनोज मुंतशिर शुक्ला को हाल ही में उनके करियर का दूसरा नेशनल अवॉर्ड फिल्म ‘मैदान’ के सुपरहिट गाने ‘जाने दो’ के लिए मिला है।

नेशनल अवॉर्ड विनर गीतकार मनोज मुंतशिर ने वोट चोरी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे युवाओं को लेकर एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने अभिजीत दीपके पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया और यूट्यूबर ध्रुव राठी की भी आलोचना की।

मनोज मुंतशिर ने अपने करीब 8 मिनट 42 सेकेंड के वीडियो की शुरुआत युवाओं को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि युवा बिना तथ्यों को समझे वोट चोरी के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, युवाओं को यह जानना चाहिए कि उन्हें कौन नेतृत्व दे रहा है और उनके आंदोलन का उद्देश्य क्या है।

मनोज मुंतशिर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और यूट्यूब पर अपना वीडियो शेयर किया।

मनोज मुंतशिर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और यूट्यूब पर अपना वीडियो शेयर किया।

अभिजीत दीपके पर लगाए आरोप

मनोज ने अभिजीत दीपके पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अरविंद केजरीवाल की टीम से जुड़े हैं। मनोज के मुताबिक, आम आदमी पार्टी की चुनावी हार के बाद सत्ता में वापसी के लिए युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के स्कूलों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शन करने वाले लोग उन राज्यों की समस्याओं पर बात नहीं करते, जहां कांग्रेस या आम आदमी पार्टी की सरकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा अपने समर्थकों और फंडर्स को नाराज नहीं करने के लिए किया जाता है।

अभिजीत दीपके 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक हैं।

अभिजीत दीपके ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक हैं।

ध्रुव राठी पर भी साधा निशाना

मनोज ने यूट्यूबर ध्रुव राठी की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राठी भारत की उपलब्धियों और सफलताओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देते। मनोज ने कहा कि मंगलयान से लेकर सैन्य उपलब्धियों तक, देश की तारीफ के मौकों पर उनकी टाइमलाइन पर उत्साह नहीं दिखता।

युवाओं से बोले- अपनी समझ से फैसला लें

मनोज मुंतशिर ने युवाओं से कहा कि वह इस बात की परवाह नहीं करते कि कोई व्यक्ति किस पार्टी को वोट देता है या किस नेता का समर्थन करता है। उन्होंने युवाओं की सोच और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता पर भरोसा जताया।

उन्होंने कहा कि मुझे बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि आपके इस विद्रोह का नेतृत्व जयप्रकाश नारायण या अन्ना हजारे जैसे लोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि कुछ बेहद बेहद झूठे, चालबाज और अवसरवादी लोग कर रहे हैं। यह तुम्हारे दम पर इस देश को अगला नेपाल, पाकिस्तान या बांग्लादेश बनाना चाहते हैं। क्या आप भी ऐसा ही बनना चाहते हैं? क्या आप उनके जैसे बनना चाहते हैं?

उन्होंने यह भी साफ किया कि वह बीजेपी के सदस्य नहीं हैं और न ही सरकार से उनका कोई संबंध है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सत्य, सेना और सनातन में विश्वास के कारण उनकी विचारधारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी से मेल खाती है।

चुनाव आयोग और वोट चोरी के आरोपों पर सवाल

वीडियो में मनोज मुंतशिर ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर चुनाव आयोग पूरी तरह बीजेपी के प्रभाव में काम करता है, तो फिर कई राज्यों में बीजेपी सत्ता से बाहर क्यों है?

उन्होंने तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन जगहों पर बीजेपी सत्ता में नहीं है। उनका तर्क था कि अगर चुनाव आयोग पूरी तरह बीजेपी के पक्ष में होता, तो बीजेपी इन सभी राज्यों में चुनाव जीतती।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के 2024 लोकसभा चुनाव का उदाहरण भी दिया। मनोज के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बीजेपी और उसके सहयोगियों को 80 में से 36 सीटें मिलीं, जबकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर 43 सीटें जीतीं। उन्होंने सवाल किया कि अगर चुनाव आयोग बीजेपी के पक्ष में काम कर रहा था, तो उत्तर प्रदेश में बीजेपी और उसके सहयोगियों को नुकसान कैसे हुआ।

बंगाल का उदाहरण देकर कही अपनी बात

मनोज मुंतशिर ने पश्चिम बंगाल के चुनावी आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने 2016 में राज्य में केवल तीन विधानसभा सीटें जीती थीं और इसके बाद पार्टी का प्रदर्शन लगातार बढ़ा। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उदाहरण बताते हुए कहा कि किसी राजनीतिक दल को चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच जाना पड़ता है, लोगों से संपर्क करना पड़ता है और उन्हें अपनी नीतियों के बारे में समझाना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता कभी किसी पार्टी को सत्ता देती है और कभी उससे सत्ता छीन लेती है। उनके मुताबिक, इसे लोकतंत्र की सामान्य प्रक्रिया के रूप में देखना चाहिए।

वीडियो के अंत में देशभक्ति का संदेश

वीडियो के अंत में मनोज मुंतशिर ने युवाओं से देशहित को ध्यान में रखकर फैसला लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को किसी भी व्यक्ति या विचार को आंख बंद करके स्वीकार नहीं करना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि वह युवाओं को देशविरोधी नहीं मानते, बल्कि उन्हें देश के प्रति सकारात्मक सोच रखने वाला मानते हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा और विरोध का इस्तेमाल सोच-समझकर करें।

मुंतशिर ने जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों को देशद्रोही बताया था

इससे पहले मनोज मुंतशिर ने जुलाई 2026 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को ‘देशद्रोही’ करार देते हुए कहा था कि वे वहां नहीं जाएंगे। इसके साथ ही, उन्होंने व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए पीड़ित छात्रों और युवाओं का समर्थन भी किया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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