NDA Nears Rajya Sabha Two-Thirds Majority Amidst TMC Split | ACTPnews

NDA Nears Rajya Sabha Two-Thirds Majority Amidst TMC Split


नई दिल्ली/कोलकाता3 मिनट पहले

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तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट से संसद के दोनों सदनों में NDA को फायदा हो सकता है। TMC के बागी सांसदों और राज्यसभा में खाली होने वाली सीटों से NDA राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच सकता है। हालांकि लोकसभा में बागी सांसदों का समर्थन मिलने के बाद भी गठबंधन इस आंकड़े से काफी दूर रहेगा।

केंद्र सरकार के लिए यह अहम माना जा रहा है, क्योंकि संविधान संशोधन विधेयकों को पास कराने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने के लिए जरूरी परिसीमन बिल ला सकती है।

राज्यसभा में NDA की संख्या 154 तक पहुंच सकती है

अभी राज्यसभा में NDA के पास 148 सांसद हैं। 18 जून को झारखंड और मिजोरम की राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। इन चुनावों और कुछ निर्दलीय सदस्यों के समर्थन से NDA की संख्या 151 तक पहुंच सकती है।

TMC के 3 राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे से पश्चिम बंगाल में 3 सीटें खाली होंगी। मौजूदा राजनीतिक हालात में इन सीटों पर NDA समर्थित उम्मीदवारों की जीत की संभावना है। ऐसा होने पर गठबंधन की संख्या 154 तक पहुंच सकती है।

राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं। दो-तिहाई बहुमत के लिए 163 सांसदों की जरूरत होती है। यानी NDA इस संख्या से सिर्फ 9 सीट पीछे रहेगा। अगर TMC के और राज्यसभा सांसद इस्तीफा देते हैं तो गठबंधन यह आंकड़ा भी हासिल कर सकता है।

हालांकि NDA के सामने आगे चुनौती भी है। नवंबर में उत्तर प्रदेश से 10 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। विधानसभा में मजबूत स्थिति के कारण समाजवादी पार्टी अपनी सीटें बढ़ा सकती है, जिससे राज्यसभा का समीकरण बदल सकता है।

INDIA ब्लॉक 64 सीटों पर

राज्यसभा में INDIA ब्लॉक के पास फिलहाल 64 सांसदों का समर्थन बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के TVK को समर्थन देने से DMK नाराज है और उसने गठबंधन से दूरी बना ली है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) भी INDIA ब्लॉक से अलग हो चुकी है।

वहीं YSRCP, BJD और MDMK जैसे क्षेत्रीय दलों के पास भी पर्याप्त संख्या में सांसद हैं। किसी करीबी मतदान की स्थिति में इन दलों की भूमिका अहम हो सकती है।

लोकसभा में 20 बागियों का समर्थन भी पर्याप्त नहीं

लोकसभा में NDA के पास फिलहाल 294 सांसद हैं। TMC के 20 बागी सांसदों ने NCPI में विलय कर लिया है। उन्होंने NDA को समर्थन देने की बात कही है। इससे NDA सांसदों की संख्या 314 तक पहुंच जाएगी।

इसके बावजूद NDA लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के लिए जरूरी 363 सांसदों के आंकड़े से काफी पीछे रहेगा। फिलहाल लोकसभा की 543 में से 3 सीटें खाली हैं। ऐसे में सदन की प्रभावी संख्या 540 है और दो-तिहाई बहुमत के लिए 360 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी।

लोकसभा में 54 वोट से गिरा था बिल

लोकसभा में 16 अप्रैल 2026 को सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल लोकसभा में गिर गई थी। लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े।

बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया। 12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई।

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