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7 मिनट पहले
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22 अप्रैल 2025 को पहलगाम से 6km दूर बैसरन घाटी में आतंकी हमले में 26 टूरिस्ट्स की मौत हुई थी।
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। इसमें पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रमुख और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के संस्थापक हाफिज सईद का नाम जोड़ा गया है।
NIA ने चार्जशीट में उस पर भारत के खिलाफ जंग छेड़ने, सीमा पार से साजिश रचने और पहलगाम हमले में भूमिका निभाने का आरोप लगाया है। NIA ने हाफिज सईद को व्यक्तिगत तौर पर भी आरोपी बनाया है। उसके खिलाफ UAPA की कई धाराएं लगाई गई हैं।
NIA ने कहा कि यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट पहले दाखिल 1,597 पन्नों की चार्जशीट का हिस्सा है। NIA ने 15 दिसंबर 2025 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें पाकिस्तान के आतंकी हैंडलर साजिद जट समेत 6 आतंकियों को आरोपी बनाया था।

पिछले साल 22 अप्रैल को कश्मीर की बैसरन घाटी में आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने लोगों को धर्म पूछकर गोली मारी।
NIA की पहली चार्जशीट में 5 बड़े खुलासे…
- आतंकियों को रियल टाइम जायरेक्शन मिल रहा था: लश्कर-ए-तैयबा आतंकी सैफुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा को मास्टरमाइंड बताया गया था। साजिद, पाकिस्तान के लाहौर में कसूर में रहता है। साजिद जट्ट ही आतंकियों का मेन हैंडलर था। वह उन्हें रियल टाइम डायरेक्शन दे रहा था। उसने ही हमले वाली जगह बैसरन वैली की लोकेशन भेजी थी। हमले के दौरान भी वह लगातार आतंकियों से बात कर रहा था।
- दो गाइड्स ने आतंकियों को देखा था: NIA चार्जशीट के मुताबिक टूरिस्ट गाइड परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद जोठार वक्त रहते जानकारी देते तो हमला को टाला जा सकता था। दरअसल, दोनों गाइड ने आतंकियों को बैसरन में देखा था लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को नहीं बताया। दोनों गाइड्स गिरफ्तार हो चुके हैं।
- हमले से पहले पेड़ के नीचे खाना खाया: हमले से एक दिन पहले तीनों आतंकियों ने गाइड परवेज की झोपड़ी में खुदा के नाम पर मदद मांग कर खाना खाया। जाते वक्त रोटी-सब्जी भी साथ ले गए थे। तीनों आतंकियों ने फायरिंग से पहले बैसरन घाटी में एक पेड़ के नीचे खाना खाया। वारदात के बाद तीनों ने धार्मिक नारे लगाते हुए हर्ष फायरिंग भी की थी।
- आतंकियों तक चीन के रास्ते पहुंचा गो-प्रो कैमरा: आतंकियों ने जिस गो-प्रो कैमरे का इस्तेमाल किया था। वह अमेरिका में बना था और चीन के रास्ते आतंकियों तक पहुंचा था। यह हाई-टेक कैमरा पिछले साल जुलाई में दाचीगाम के जंगलों में हुई एक मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों से बरामद किया गया था।
- हमले में इस्तेमाल मोबाइल कराची-लाहौर से आए थे: NIA के मुताबिक हमले में शामिल आतंकियों का 28 जुलाई को एनकाउंटर हुआ था। इनके पास से ऑरेंज कलर का RedMi 9T और एक ब्लैक कलर का RedMi Note 12 बरामद हुआ था। दोनों मोबाइल कराची की सप्लाई चेन के जरिए पाकिस्तान पहुंचे थे। फोरेंसिक जांच में इनके नेविगेशन ऐप में बैसरन घाटी की लोकेशन और 15-16 अप्रैल के स्क्रीनशॉट मिले। इससे पता चला कि आतंकियों ने 22 अप्रैल के हमले की पहले से रेकी और प्लानिंग कर रखी थी।
पहलगाम हमले के 3 गुनहगार ढेर हो चुके
NIA के मुताबिक पहलगाम आतंकी हमले में शामिल पाक आतंकी फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी को सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई, 2025 को ढेर कर दिया था। भारत के टॉप वांटेड में शामिल आतंकी लंगड़ा पर 10 लाख का इनाम है। इन्हीं के पास से गो-प्रो कैमरा मिला था।

ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकियों की तस्वीर।
पहलगाम हमले के बाद से चलाए गए सेना के मेजर ऑपरेशन
- ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025: पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए। भारत सरकार के अनुसार 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के कई ठिकाने निशाना बने। 6 जवान शहीद हुए, लेकिन यह जानकारी बाद में जारी की गई।
- ऑपरेशन केलर 13 मई 2025: शुकेल-केलर और शोपियांमें राष्ट्रीय राइफल्स, भारतीय सेना, J&K पुलिस ने यह ऑपरेशन लॉन्च किया था। 3 लश्कर आतंकी ढेर किए। इन्हीं में टॉप कमांडर शाहिद कुट्टे शामिल था। इसकी मौत से दक्षिण कश्मीर में लश्कर नेटवर्क को बड़ा झटका लगा।
- ऑपरेशन महादेव 28 जुलाई 2025: हरवन-दाचीगाम (महादेव रिज), श्रीनगर में राष्ट्रीय राइफल्स, पैरा स्पेशल फोर्सेज, CRPF, J&K पुलिस ने मिलकर चलाया। 3 पाकिस्तानी आतंकी (सुलेमान शाह/फैसल जट्ट, अबू हमजा यासिर/जिब्रान) मारे गए। सरकार ने इन्हें पहलगाम हमले में शामिल बताया था।
- ऑपरेशन अखल अगस्त 2025: कुलगाम इलाके में बने अखल जंगल में भारतीय सेना, J&K पुलिस, CRPF ने मिलकर ऑपरेशन चलाया। इसमें 3 आतंकी मारे गए। सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर के जंगलों में सक्रिय मॉड्यूल पर कार्रवाई की थी।
- ऑपरेशन गुड्डर 7–17 सितंबर 2025: कुलगाम में गुड्डर जंगल में चिनार कॉर्प्स, CRPF, SOG, J&K पुलिस ने ऑपरेशन चलाया था। इसमें 2 आतंकी मारे गए। साथ ही सेना के 2 जवान सूबेदार प्रभात गौर और लांस नायक नरेंद्र सिंधु शहीद हुए थे।
- ऑपरेशन शेरोवाली जून 2026: दक्षिण कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों की श्रृंखला है। लंबे समय से चल रहा है। इसमें आतंकियों के मददगारों को भी पकड़ा जा रहा है। आतंकी ठिकाने खोजकर नष्ट किए जा रहे हैं। ऑपरेशन फिलहाल जारी है।
पहलगाम हमले का बदला भारत का ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने पहलगाम हमले का बदला लेते हुए 6-7 मई की रात 1:05 बजे पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। भारत ने 24 मिसाइलें दागीं थीं।
इसमें 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर की फैमिली के 10 सदस्य और 4 सहयोगी मारे गए थे।

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कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ था। यह खुलासा नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में हुआ है। हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा आतंकी सैफुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा था। पूरी खबर पढ़ें…













