सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने सोमवार को अपने फैसले में कहा कि CM भगवंत मान के वायरल वीडियो की जांच देश की 2 नामी लैब से करवाई गई और इसमें वीडियो सही निकला।
सिख कौम की सर्वोच्च संस्था, अकाल तख्त साहिब ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथ विरोधी और गुरु विरोधी घोषित कर दिया है। यह फैसला सोमवार को अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने अमृतसर में गोल्डन टेंपल परिसर स्थित अकाल तख्त सचिवालय की फसील (प
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जत्थेदार गड़गज ने अपने संबोधन में कहा- वायरल वीडियो की फॉरेंसिक लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद सामूहिक तौर पर सिखों ने कार्रवाई के लिए कहा था। इस पर सिखों के पांचों तख्तों के सिंह साहिबानों ने मीटिंग कर इस मुद्दे पर चर्चा की और मान को गुरु विरोधी और खालसा पंथ विरोधी करार दिए जाने का फैसला लिया।
अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा- पूरा खालसा पंथ और गुरु नामलेवा अब सीएम मान को मुंह न लगाए। इसके साथ ही अकाल तख्त साहिब ने पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के उन सभी सिख विधायकों को भी तलब कर लिया जिन्होंने मान सरकार के उस बेअदबी कानून पर साइन किए जिसे अकाल तख्त साहिब गलत ठहरा चुका।
इस बीच, अकाल तख्त के फैसले के बाद पंजाब में AAP के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने एक बयान जारी कर कहा कि यदि ये मान भी लिया जाए कि वायरल वीडियो सही है, फिर भी ये साबित नहीं होता कि उस वीडियो में दिख रहा शख्स कौन है?
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर 15 जनवरी 2026 को CM मान को अकाल तख्त साहिब पर तलब किया गया था जहां पहुंचकर उन्होंने अपनी सफाई पेश की थी। उसके बाद अकाल तख्त ने वायरल वीडियो की लैब से जांच कराने का फैसला लिया और सोमवार को इससे जुड़ी जांच रिपोर्ट जत्थेदार ने पढ़कर सुनाई।
CM मान को गुरुद्रोही-पंथ विरोधी करार देने का VIDEO
जत्थेदार ने फसील से ये कहा…
- सत्कार एक्ट पर सरकार ने हमारी राय नहीं ली: अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा- पिछले दिनों पंजाब सरकार सत्कार एक्ट लाई लेकिन इस संबंध में किसी पंथक संस्था से राय नहीं ली गई। 6 अप्रैल 2026 को पंथ की एक बैठक बुलाई गई और उसके बाद पंथ की ओर से कहा गया कि ये कानून स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद ये कानून पारित कर दिया गया।
- पंथ को कमजोर करेगा सरकारी कानून: जत्थेदार ने कहा- सरकार का ये कानून पंथ के खिलाफ है। ये पंथ को कमजोर करेगा और पंथक मामलों में हस्तक्षेप का कारण बनेगा जबकि हमारे नियम-मर्यादाएं अकाल तख्त साहिब से निर्धारित होती हैं।
- पंथ की बैठक में फैसला: जत्थेदार ने कहा- इस कानून को लेकर पंथ ने विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को बुलाकर 15 दिन का समय दिया था। उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया इसलिए आज दोबारा पंथ की मीटिंग कर आगे की कार्रवाई का फैसला लिया गया।
- वीडियो को मान्यता प्राप्त लैब्स में चेक कराया: अकाल तख्त जत्थेदार ने विवादित वायरल वीडियो के बारे में कहा- हमने पहले पत्र भेजकर आग्रह किया था कि इस वीडियो की जांच किसी स्वतंत्र और मान्यता प्राप्त लैब से करवा ली जाए। उस समय जांच नहीं कराई गई। इसके बाद हमने स्वयं पहल करते हुए भारत की दो बड़ी लैब्स से इस वीडियो की जांच कराई।
- वीडियो से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई: जत्थेदार ने कहा- लैब्स की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि ये वीडियो न तो नकली है और न ही इसे एडिट किया गया है। इसमें किसी तरह की AI तकनीक का इस्तेमाल नहीं हुआ और न ही इसके साथ कोई छेड़छाड़ की गई।
- सीएम को मुंह न लगाए संगत: अकाल तख्त जत्थेदार गड़गज ने कहा कि फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट के बाद सामूहिक तौर पर सिखों ने कार्रवाई के लिए कहा था। उसके बाद 5 सिंह साहिबानों की मीटिंग में इस पर चर्चा की गई और भगवंत सिंह को गुरुद्रोही और खालसा पंथ विरोधी करार देने का फैसला लिया गया। अब पूरा खालसा पंथ और गुरु नामलेवा (गुरु का नाम लेने वाले) सीएम को मुंह न लगाएं।
जत्थेदार ने पढ़कर सुनाई वीडियो की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट
अकाल तख्त साहिब में सोमवार को CM भगवंत मान के शराब वाले कथित वायरल वीडियो dh फोरेंसिक जांच रिपोर्ट पढ़कर सुनाई गई। अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि ये वीडियो न तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया और न ही इसमें किसी तरह की एडिटिंग या छेड़छाड़ की गई है।
उन्होंने कहा- ‘सीएम वीडियो में गुरु साहिब की तस्वीर के सामने शराब का गिलास पकड़े हुए दिख रहे हैं। हमने इस वीडियो की जांच देश की 2 नामी लैब्स से करवाई। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक यह वीडियो 100% सही और वास्तविक है।‘

सिंह साहिबानों ने अकाल तख्त साहिब पर मीटिंग की। इसमें CM भगवंत मान के मामले को लेकर चर्चा की गई।
वीडियो से संबंधित पूरा मामला 3 पॉइंट्स में जानिए
- NRI ने जारी किया था वीडियो: ये मामला पहली बार अक्टूबर-2025 में सामने आया। कनाडा में रह रहे NRI जगमनदीप सिंह उर्फ जगमन समरा ने इंटरनेट पर एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में कथित तौर पर CM भगवंत मान को हाथ में शराब का गिलास पकड़े दिखाया गया। जगमन समरा मूल रूप से सीएम भगवंत मान के गृह जिले संगरूर के फागुवाला गांव का रहने वाला है।
- सिख गुरुओं के चित्रों पर शराब के छींटे मारते दिखे: समरा की ओर से जारी वीडियो में कथित रूप से भगवंत मान सिख गुरुओं और सिख धर्म से जुड़ी अन्य हस्तियों के चित्रों (पोर्ट्रेट्स) के सामने खड़े दिखे और उनके गिलास से शराब के छींटे उन पवित्र चित्रों पर गिराते हुए दिखाई दिए। अकाली दल और अन्य धार्मिक सिख संगठनों ने इसे सिख मर्यादा का उल्लंघन और गुरुओं का घोर अपमान यानी बेअदबी बताया।
- AAP ने वीडियो को AI जनरेटेड-डीपफेक बताया: वीडियो सामने आने के बाद शुरुआती तौर पर AAP और मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। दावा किया गया कि यह वीडियो पूरी तरह से AI-जनरेटेड और डीपफेक है, जिसे CM की छवि खराब करने के लिए सोशल मीडिया पर फैलाया गया है। उसके बाद अकाली दल ने इस वीडियो की जांच कराने की मांग उठाई।

ये फोटो 15 जनवरी 2026 की है जब सीएम भगवंत मान अपनी सफाई पेश करने के लिए अकाल तख्त जत्थेदार के सामने पेश हुए थे। – फाइल फोटो
अकाल तख्त ने तलब किया, CM नंगे पैर पेश हुए
इस वीडियो और गोलक समेत दूसरे सिख मुद्दों पर बयानबाजी करने के कारण अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने 5 जनवरी 2026 को CM भगवंत मान को अकाल तख्त पर तलब किया। CM मान 15 जनवरी को अकाल तख्त के सामने पेश हुए। वह नंगे पैर नजरें झुकाकर गोल्डन टेंपल पहुंचे और वहां माथा टेकने के बाद सबूतों से भरे काले रंग के 2 बैग लेकर अकाल तख्त सचिवालय पहुंचे।
CM ने कहा- चैलेंज नहीं किया, जत्थेदार ने कहा- सिख मर्यादा का ज्ञान नहीं
अकाल तख्त पर पेशी के बाद मुख्यमंत्री ने कहा- अकाल तख्त को चैलेंज करने की औकात मेरी नहीं है और यही सफाई मैंने अंदर दी है। दूसरी ओर, जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने भी सीएम की पेशी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि भगवंत मान ने स्वीकार किया कि उन्हें सिख सिद्धांत-मर्यादा का ज्ञान नहीं है इसलिए उन्हें इस तरह की बयानबाजी न करने को कहा गया है।

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श्री अकाल तख्त साहिब ने विवादित वीडियो को सही ठहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री को ‘पंथ विरोधी’ और ‘गुरु-दोखी’ घोषित किया गया। श्री अकाल तख्त साहिब के इस फैसले के आते ही विपक्षियों ने सीएम भगवंत मान का इस्तीफा मांगना शुरू कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
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सिखों के सर्वोच्च श्री अकाल तख्त ने पंजाब के CM भगवंत मान को तलब किया है। उन्हें 15 जनवरी को अकाल तख्त के सचिवालय में पेश होने को कहा गया है। CM मान ने भी कहा कि वह एक विनम्र सिख की तरह नंगे पैर अकाल तख्त पर पेश होंगे। पढ़ें पूरी खबर…












