डी-पार्क मार्केट में जिंदा जले सौरभ, कपिल और अमन का बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया।
रोहतक की डी-पार्क मार्केट में मंगलवार को लगी आग ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। किसी ने तीन दिन पहले ही अपनी बेटी का जन्मदिन मनाया था, कोई अपने भाई के साथ शू फैक्ट्री शुरू करने का सपना देख रहा था, तो कोई पिछले 20 वर्षों से एक ही शोरूम में नौकरी क
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इस हादसे में ‘होम टाउन शूज’ के संचालक सौरभ उर्फ रोहित (19), ‘रोहतक शूज’ के कर्मचारी अमन यादव (38) और कपिल (50) जिंदा जल गए। आग लगने के करीब सात घंटे बाद तीनों के शव मलबे से बाहर निकाले गए। तीनों कंकाल बन चुके थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही रोहतक शूज का मालिक बाहर निकल आया, लेकिन शटर गिरने से अमन और कपिल अंदर ही फंस गए। देर रात तक कुछ दुकानों में आग सुलगती रही और राहत-बचाव कार्य जारी रहा।
बुधवार दोपहर को तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। अमन और कपिल के बेटे व सौरभ के भाई ने उसे मुखाग्नि दी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए और घायलों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। साथ ही DC को हादसे की डिटेल रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए।
पहले तीनों मृतकों के बारे में जानिए…
अमन यादव दो बच्चों का पिता था
बाबरा मोहल्ला निवासी अमन यादव के परिवार में पत्नी, आठ साल का बेटा और तीन साल की बेटी है। तीन दिन पहले अमन के घर खुशियों का माहौल था। 6 जून को बेटी का जन्मदिन मनाया था। बाबरा मोहल्ले में उसकी अपनी जूतों की दुकान थी। करीब दो साल पहले उसने दुकान बंद कर दी और डी-पार्क स्थित रोहतक शूज शोरूम में नौकरी शुरू कर दी थी।
कपिल 20 साल से दुकान पर काम कर रहे थे
नेहरू कॉलोनी निवासी कपिल पिछले 20 साल से रोहतक शूज शोरूम में काम कर रहे थे। वह तीन बच्चों के पिता थे। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। परिवार की जिम्मेदारियां निभाते-निभाते उसने जिंदगी का बड़ा हिस्सा नौकरी में गुजार दिया।
सौरभ बड़े भाई के साथ दुकान संभालता था
गुरुनानकपुरा कॉलोनी निवासी सौरभ उर्फ रोहित की उम्र महज 19 वर्ष थी। वह अपने बड़े भाई चेतन के साथ मिलकर ‘होम टाउन’ नाम से जूतों का शोरूम चलाता था। यह शोरूम उनके पिता सोमनाथ खुराना उर्फ सोमी ने करीब चार साल पहले शुरू किया था।
परिजनों के अनुसार, सौरभ और चेतन का सपना अपना शू मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का था। चेतन ने इसके लिए संबंधित कोर्स भी किया था। परिवार दीपावली से पहले फैक्ट्री शुरू करने की योजना बना रहा था।

आग लगने के बाद शाम को मौके पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा पहुंचे थे। यहां सौरभ के पिता सोमनाथ ने उन्हें कहा था कि पुलिस वाले मुझे अंदर नहीं जाने दे रहे।
अब जानिए डी-पार्क मार्केट में आग कैसे भड़की…
AC का कंप्रेसर फटा, 10 दुकानें आग की चपेट में आईं
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे रोहतक शूज शोरूम में लगे AC का कंप्रेसर फट गया। धमाके के साथ ही शोरूम में आग भड़क उठी और देखते ही देखते लपटें पास स्थित होम टाउन शूज समेत आसपास की अन्य दुकानों तक फैल गईं। कुछ ही मिनटों में एक के बाद एक करीब 10 दुकानें आग की चपेट में आ गईं। इनमें अधिकांश दुकानें जूतों और कॉस्मेटिक की थीं। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानदारों को सामान निकालने तक का मौका नहीं मिल पाया और पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई।

दोपहर 2 बजे सबसे पहले आग रोहतक शूज शोरूम में लगी थी। इसके बाद आग फैलती हुई दूसरी दुकानों तक पहुंच गई।
आरोप- सूचना के आधे घंटे बाद पहुंची पहली फायर ब्रिगेड
व्यापारी नेता गुलशन डंग ने आरोप लगाया कि आग लगने के तुरंत बाद दुकानदारों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी थी, लेकिन पहली फायर टेंडर करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची। शुरुआती समय में आग पर काबू नहीं पाया जा सका, जिसके कारण लपटें लगातार बढ़ती गईं और नुकसान का दायरा भी फैलता चला गया।

पांच जिलों से बुलाई गईं 70 गाड़ियां, NDRF भी मौके पर पहुंची
आग की भयावहता को देखते हुए झज्जर, जींद, गोहाना, चरखी दादरी और भिवानी से करीब 70 फायर टेंडर पहुंचे। पुलिस ने दंगा-नियंत्रण में इस्तेमाल होने वाले वज्र वाहन को भी पानी की बौछार के लिए लगाया। इस बीच बाजार में उन लोगों के परिजन और परिचित पहुंचने लगे, जिनका घटना के बाद से कोई पता नहीं चल रहा था। दुकानों के अंदर लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते NDRF की टीम को भी बुलाया गया, लेकिन भीषण गर्मी, धुएं और आग की तीव्रता के कारण टीम तुरंत अंदर नहीं जा सकी।
तीनों के शव ढूंढने में दो घंटे का समय लगा
करीब शाम साढ़े 6 बजे आग कुछ कम हुई। इसके बाद NDRF और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने सुरक्षा उपकरणों के साथ एक-एक कर दुकानों के भीतर प्रवेश किया और लापता लोगों की तलाश शुरू की। सबसे पहले सौरभ का शव बरामद हुआ। इसके बाद अमन और कपिल के शव भी मलबे के बीच से निकाले गए। तीनों के शव बुरी तरह झुलस चुके थे और लगभग कंकाल में तब्दील हो गए थे। शवों को बाहर निकालने में भी करीब दो घंटे का समय लगा।

शाम 7 बजे सबसे पहले सौरभ का शव मिला। NDRF टीम ने उसे एम्बुलेंस में रखवाकर PGI भिजवाया।
रोटी और पानी के लिए भटकते रहे मॉडल टाउन के लोग
आग के बाद जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मॉडल टाउन क्षेत्र की बिजली और गैस सप्लाई बंद करा दी। गैस आपूर्ति ठपहोने से आसपास के घरों में चूल्हे नहीं जल सके और लोगों को खाना बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली कटौती के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी में रात बितानी पड़ी। क्षेत्र में देर रात तक अंधेरा पसरा रहा। बिजली नहीं होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो गई, क्योंकि मोटरें बंद रहने से पानी की सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई।
प्रत्यक्षदर्शी बोला- सड़क पर खड़ी 11 बाइक-स्कूटीं जलीं
प्रत्यक्षदर्शी विजय ने बताया- मैं मंगलवार को अपने साथी जगदीप के साथ मॉडल टाउन स्थित मार्केट में बर्गर खाने आया था। मैं बाइक से उतर चुका था, जबकि जगदीप अभी बाइक पर ही बैठा हुआ था। इसी दौरान अचानक लोगों में भगदड़ मच गई। दुकानों से धुआं और आग की ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं।
जान बचाने के लिए लोग अपनी बाइक और स्कूटी सड़क पर ही छोड़कर भागने लगे। देखते ही देखते करीब 11 से अधिक बाइक-स्कूटी आग की चपेट में आ गए। वाहनों की टंकियों में भरे पेट्रोल के कारण आग और तेजी से फैलने लगी। तेज हवा के चलते लपटें आसपास की दुकानों तक पहुंच गईं और एक के बाद एक कई दुकानें आग की चपेट में आ गईं। कुछ ही देर में पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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रोहतक के डी-पार्क स्थित 10 दुकानों में लगी आग ने तीन लोगों की जान ले ली, लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सिर्फ एक हादसा था या फिर कई चूकों का नतीजा। शुरुआती जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से पांच ऐसे कारण सामने आए हैं, जिन्होंने आग को विकराल रूप देने में अहम भूमिका निभाई। पढ़ें पूरी खबर…












