RSS Chief Mohan Bhagwat London Visit | ACTPnews

मोहन भागवत 3 देशों के दौरे पर हैं। - Dainik Bhaskar


लंदन1 मिनट पहले

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मोहन भागवत 3 देशों के दौरे पर हैं।

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को लंदन के मंदिरों और गुरुद्वारे के दौरे के साथ अपने ब्रिटेन दौरे की शुरुआत की। भागवत ब्रिटेन में धर्मगुरुओं, शिक्षाविदों, रिसर्चर्स और अन्य प्रमुख लोगों से मिलेंगे।

ब्रिटेन दौरे के समन्वयक संगठन इंटीग्रल UK के संयोजक रोहित अंबेकर बताया कि यहां भागवत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरी दुनिया एक परिवार है का संदेश साझा करेंगे।

लंदन का कार्यक्रम भागवत के अमेरिका और कनाडा दौरे में दिए गए संदेश को आगे बढ़ाता है। यह RSS की शताब्दी वर्ष से जुड़े तीन देशों के आउटरीच कार्यक्रम का हिस्सा है।

हालांकि ब्रिटेन के 20 सिविल सोसाइटी संगठनों ने लंदन के मेयर सादिक खान को पत्र लिखकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रमों का बहिष्कार करने की मांग की है।

भागवत 17 दिन के विदेश दौरे पर हैं। वे 25 अगस्त को न्यूयॉर्क पहुंचे थे। इसके बाद वे कनाडा गए थे। कनाडा के बाद ब्रिटेन भी शामिल है।

स्वामीनारायण मंदिर-ब्रिटिश आइल्स गुरुद्वारे पहुंचे भागवत

अंतरधार्मिक संवाद के तहत भागवत विल्सडन के श्री स्वामीनारायण मंदिर और खालसा जथा ब्रिटिश आइल्स गुरुद्वारा जा चुके हैं। उन्हें लंदन के एक जैन मंदिर में भी जाना है।

ब्रिटेन दौरे का मुख्य कार्यक्रम रविवार को होगा। इसमें ‘सेलिब्रेशन ऑफ वननेस’ थीम पर सामुदायिक नेताओं का स्वागत समारोह और ‘सभ्यतागत संवाद’ रखा गया है।

यह कार्यक्रम ब्रिटेन में 1966 में स्थापित हिंदू सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन हिंदू स्वयंसेवक संघ (HSS) UK ने शुरू किया है। इसे Integral UK का समर्थन मिला है। प्रवक्ताओं के मुताबिक, पूरे ब्रिटेन के 310 से ज्यादा सामुदायिक संगठन और एसोसिएशन इसमें शामिल होने की उम्मीद है।

राउंड टेबल मीटिंग और प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की

भागवत बुधवार को लंदन पहुंचे थे। गुरुवार को उन्होंने ‘क्लोजडोर राउंड टेबल मीटिंग’ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद कारोबार और राजनीति से जुड़े प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रमुख लोगों की बड़ी सभा हुई।

सुनील अंबेकर ने बताया कि ब्रिटेन के लोग RSS को समझने में काफी रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा कि भागवत ने लोगों की ओर से उठाए गए सभी मुद्दों पर बात की।

उनके मुताबिक, कार्यक्रम में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिकों के साथ ब्रिटेन के नेता, संसद से जुड़े लोग, कारोबारी, करोड़पति और अरबपति और FTSE 100 कंपनियों और अन्य कॉरपोरेट्स से जुड़े लोग शामिल थे।

हालांकि, प्रवक्ता ने कार्यक्रम में शामिल लोगों के बारे में ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को गोपनीय तरीके से आयोजित किया गया था, ताकि चर्चा खुलकर हो सके।

भागवत के दौरे पर उठी चिंताओं पर RSS का जवाब

ब्रिटेन में कुछ सिविल सोसाइटी समूहों और सांसदों ने भागवत के दौरे को लेकर चिंता जताई है। इस पर सुनील अंबेकर ने कहा, “हम शांति, एकीकरण और एकता के लिए यहां हैं। इसलिए हम हर किसी से बातचीत के लिए तैयार हैं। लोकतंत्र में अलग-अलग आवाजें हो सकती हैं। ऐसी आवाजें उठना सामान्य बात है।”

उन्होंने कहा कि RSS को लेकर कई गलतफहमियां हैं, क्योंकि बुनियादी समझ में कमी है। उनके मुताबिक, “भारत किसी राष्ट्र-राज्य की राजनीतिक अवधारणा जैसा नहीं है। यह एक सांस्कृतिक अवधारणा है।”

सुनील अंबेकर ने कहा कि हिंदुत्व कोई स्थिर अवधारणा नहीं है। इसमें हर तरह के धर्म और सभी धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान और सत्य में विश्वास की बात है। उन्होंने कहा, “यही हिंदुत्व है, यही भारत है। मुझे लगता है कि यह दौरा इन विचारों को साफ करने में मदद करेगा।”

रविवार को सार्वजनिक संबोधन

RSS प्रमुख का रविवार को प्रवासी भारतीय समुदाय को दिया जाने वाला सार्वजनिक संबोधन लाइव प्रसारित किए जाने की उम्मीद है। RSS प्रमुख के साथ ब्रिटेन के मीडिया के लिए कोई बातचीत नहीं रखी गई है। भागवत के कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी लोगों की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

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