Russia Tu-95 Military Aircraft Crash | ACTPnews

रूस में मंगलवार को प्लेन क्रैश का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। - Dainik Bhaskar


मॉस्को3 घंटे पहले

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रूस में मंगलवार को प्लेन क्रैश का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

रूस का परमाणु बम ले जाने में सक्षम Tu-95 सैन्य विमान मंगलवार को ट्रेनिंग उड़ान के दौरान क्रैश हो गया। हादसे में 6 क्रू मेंबर मारे गए और एक घायल हुआ।

रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान राजधानी मॉस्को से करीब 4000 किमी दूर एक सुनसान इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जमीन से टकराते ही विमान का फ्यूल टैंक ब्लास्ट हुआ, जिससे आग लग गई।

यह विमान एक बार में बिना हवा में ईंधन भरे करीब 10,500 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। साथ ही, यह करीब 9,000 किलो तक के हथियार ले जा सकता है।

क्रैश के बाद की तस्वीरें…

रूस के अमूर प्रांत में प्लेन क्रैश के बाद आग की लपटे और धुआं उठने लगा।

रूस के अमूर प्रांत में प्लेन क्रैश के बाद आग की लपटे और धुआं उठने लगा।

रूसी सैन्य प्लेन के फ्यूल टैंक में ब्लास्ट के बाद प्लेन में आग लगी।

रूसी सैन्य प्लेन के फ्यूल टैंक में ब्लास्ट के बाद प्लेन में आग लगी।

ईंधन में विस्फोट के कारण क्रैश होने की संभावना

रूसी अधिकारियों ने अभी तक क्रैश की सटीक वजह नहीं बताई है। हालांकि शुरुआती जांच के मुताबिक, इस हादसे का कारण विमान में ईंधन का विस्फोट हो सकता है।

रूस की न्यूज एजेंसी TASS के मुताबिक, दुर्घटना के समय विमान में कोई परमाणु हथियार या गोला-बारूद लोड नहीं था।

मामले की हाई लेवल जांच के आदेश दे दिए गए है। मॉस्को टाइम्स के मुताबिक, विमान रूस के प्रमुख लंबी दूरी के एयरफोर्स बेस में शामिल यूक्रेनका एयरबेस पर तैनात था। इस एयरबेस से करीब 30 किलोमीटर उत्तर में यह हादसा हुआ।

मैप के जरिए समझिए क्रैश की लोकेशन…

रूस के Tu-95 सैन्य विमान के बारे में जानिए

Tu-95 सैन्य विमान को सोवियत संघ के दौर में डिजाइन किया गया था। यह रूस का लंबी दूरी का रणनीतिक बॉम्बर है, जिसका इस्तेमाल 1980 के दशक से रूसी लंबी दूरी की एविएशन में हो रहा है।

  • इसकी खासियत है कि यह परमाणु हथियार ले जाने वाली क्रूज मिसाइलें दाग सकता है।
  • इसे लंबी दूरी तक उड़कर दुश्मन के इलाके में हमला करने के लिए डिजाइन किया गया था।
  • इसमें जेट इंजन की जगह चार टर्बोप्रॉप इंजन हैं। इसके बावजूद यह दुनिया के सबसे तेज टर्बोप्रॉप विमानों में शामिल है।
  • Tu-95 ने 1952 में पहली उड़ान भरी और 1957 में सोवियत वायुसेना में शामिल हुआ। इसके बाद इसके कई आधुनिक वर्जन विकसित किए गए।

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