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नई दिल्ली3 मिनट पहले
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्टैंड-अप कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना समेत चार लोगों पर दिव्यांगों पर कमेंट से जुड़े केस में 3 लाख का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि वे खुद को युवाओं का आइकॉन कहते हैं। हमें लगता है कि (कॉमेडियन) समय रैना ने कोर्ट को गुमराह किया है और हमारे आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया है।
CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने यह आदेश तब पारित किया जब उन्हें बताया कि रैना ने अपने शो में किसी भी विकलांग व्यक्ति को नहीं बुलाया, जिसका आदेश कोर्ट ने दिया था।
हमारे पास यह मानने का पर्याप्त कारण है कि समय रैना ने अदालत को गुमराह किया है और इस अदालत के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया है। यह दुराचार तब और भी गंभीर हो जाता है जब रिकॉर्ड में कुछ भी न होने के बावजूद हलफनामा दाखिल किया जाता है। इसलिए हम उन पर जुर्माना लगाते हैं, जिसे 2 सप्ताह के भीतर जमा करना होगा।- सुप्रीम कोर्ट

अदालत क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें रैना पर स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के इलाज के खर्च को लेकर असंवेदनशील टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। रैना पर इस तरह की विकलांगता से ग्रसित व्यक्ति का मजाक उड़ाने का भी आरोप है।
यह याचिका विकलांग व्यक्तियों के जीवन और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन करने वाली ऐसी ऑनलाइन सामग्री के प्रसारण के लिए नियम बनाने की मांग करते हुए दायर की गई थी।
नवंबर 2025 में हुई थी सुनवाई
नवंबर 2025 में, अदालत ने रैना और दूसरे स्टैंडअप कॉमेडियन्स को दिव्यांगों के इलाज के लिए स्थापित कोष के लिए धन जुटाने हेतु हर महीने कम से कम दो कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया।
उन्हें यह भी निर्देश दिया गया था कि वे विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को अपने कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए राजी करें।
आज जब इस मामले की सुनवाई हुई, तो याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश हुईं वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने दावा किया कि रैना ने अपने किसी भी शो में शामिल होने के लिए उनसे या किसी अन्य विशेष रूप से सक्षम व्यक्ति से कभी संपर्क नहीं किया।













