6 घंटे पहले
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अभिनेता शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान के मुंबई स्थित बंगले ‘मन्नत’ के रेनोवेशन का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने मन्नत में दो नई मंजिलें बनाने पर रोक की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने याचिकाकर्ता संतोष दौंडकर की नीयत पर भी सवाल उठाए।
कोर्ट ने कहा कि अगर कोई अपने निजी घर में बदलाव या निर्माण करना चाहता है तो यह उसकी मर्जी है, कानून का मोटे तौर पर पालन किया गया है।

शाहरुख खान का मुंबई स्थित बंगला ‘मन्नत’।
याचिकाकर्ता की नीयत पर उठाए सवाल सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले मुंबई के सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर की नीयत पर सवाल उठाए। बेंच ने कहा कि यह एक निजी घर है। अगर इसमें रहने वाले लोग अपने हिसाब से बदलाव करना चाहते हैं, तो यह उनकी पसंद है। कोर्ट ने कहा कि कानून का मोटे तौर पर पालन किया गया है, तो किसी पड़ोसी या किसी दूसरे व्यक्ति को इसमें दखल क्यों देना चाहिए।
याचिकाकर्ता के वकील शोएब आलम ने दलील दी कि मामला एक मशहूर स्टार से जुड़ा है, इसलिए इसे अलग तरह से नहीं देखा जाना चाहिए। लेकिन कोर्ट ने साफ किया कि वह किसी व्यक्ति की लोकप्रियता से प्रभावित नहीं है।
मन्नत में दो मंजिलें और बढ़ाने का है प्लान शाहरुख खान और गौरी खान अपने छह मंजिला बंगले के ऊपर दो और आवासीय मंजिलें बनाना चाहते हैं। गौरी खान ने बंगले के एनेक्स बिल्डिंग में दो अतिरिक्त फ्लोर जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया था। इसके लिए महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (एमसीजेएमए) ने 3 जनवरी 2025 को मंजूरी दी थी।
याचिकाकर्ता ने इसी मंजूरी को पर्यावरण नियमों और कोस्टल रेगुलेशन जोन (सीआरजेड) के नियमों का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी थी। उनका कहना था कि 5 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी जरूरी है, जिसे नजरअंदाज किया गया।

‘मन्नत’के अंदर की तस्वीर।
एनजीटी ने भी खारिज की थी याचिका सुप्रीम कोर्ट से पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की पुणे बेंच ने भी सितंबर 2025 में इस याचिका को खारिज कर दिया था। एनजीटी ने अपने फैसले में कहा था कि प्रोजेक्ट में पर्यावरण नियमों का पूरा पालन किया गया है और मंजूरी देने की प्रक्रिया में कोई कमी नहीं है।
एनजीटी ने माना था कि यह निर्माण सीआरजेड-2 जोन में आता है। नियमों के तहत इस जोन में आवासीय इमारत में अतिरिक्त निर्माण की अनुमति होती है। याचिकाकर्ता ने एनजीटी के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दिया।

मन्नत का इतिहास और शाहरुख का जुड़ाव बांद्रा स्थित ‘मन्नत’ सिर्फ एक बंगला नहीं, बल्कि मुंबई का एक बड़ा लैंडमार्क है। शाहरुख खान ने इसे साल 2001 में गुजराती बिजनेसमैन नरीमन दुबाश से खरीदा था। पहले इसका नाम ‘विला विएना’ था, जिसे बाद में शाहरुख ने बदलकर ‘मन्नत’ कर दिया। इस बंगले को हेरिटेज का दर्जा भी मिला हुआ है।
हर साल शाहरुख के जन्मदिन और ईद के मौके पर हजारों फैंस उनके बंगले के बाहर इकट्ठा होते हैं। शाहरुख मन्नत की बालकनी में आकर अपने फैंस का अभिवादन करते हैं। अब इस नए फैसले के बाद मन्नत की हाइट दो मंजिल और बढ़ जाएगी।







