Supreme Court Seeks Details On Bengal Voter List Deletions | ACTPnews

Supreme Court Seeks Details On Bengal Voter List Deletions


  • Hindi News
  • National
  • Supreme Court Seeks Details On Bengal Voter List Deletions | Election Commission

नई दिल्ली7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में हटाए गए नामों से जुड़े मामलों की चुनाव आयोग से जानकारी मांगी है। कोर्ट ने अपीलीय ट्रिब्यूनलों के फैसलों की डिटेल्स देने को कहा है।

ये अपीलीय ट्रिब्यूनल उन लोगों की अर्जियों पर सुनवाई करते हैं, जिनके नाम बंगाल SIR में वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं।

कोर्ट ने राज्य में SIR से जुड़े मामलों में कितनी अपीलें दाखिल हुईं, कितनों पर फैसला हुआ और कितने मामले अभी लंबित हैं, इसकी जानकारी मांगी है।

इससे यह साफ होगा कि वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के खिलाफ लोगों की ओर से दाखिल अपीलों पर ट्रिब्यूनल ने अब तक कितनी कार्रवाई की है।

कोर्ट ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। चौधरी ने अपीलेट ट्रिब्यूनल के सामने SIR से जुड़े मामलों का जल्द निपटारा कराने की मांग की थी।

10 मार्च को ट्रिब्यूनल बनाने के आदेश

  • सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 10 मार्च को पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के खिलाफ अपीलों की सुनवाई के लिए इंडिपेंडेंट अपीलेट ट्रिब्यूनल बनाने का आदेश दिया था।
  • इन ट्रिब्यूनलों की नेतृत्व हाईकोर्ट के पूर्व जजों को सौंपी गई थी। इनका मुख्य काम उन लोगों की अपीलों पर सुनवाई करना है, जिनके नाम SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट ने अपीलेट ट्रिब्यूनल के अलावा SIR से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ट्रायल कोर्ट के जजों को तैनात करने की अनुमति भी दी थी।
  • इस व्यवस्था का मकसद वोटर लिस्ट में नाम हटाए जाने या SIR की प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों को तय प्रक्रिया के तहत सुनना और उनका समाधान करना है।

बंगाल में वोटर लिस्ट से 58 लाख से ज्यादा नाम कटे

पश्चिम बंगाल में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 58.20 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 7.66 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 7.08 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।

काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 58.20 लाख वोटर्स में से 24.17 लाख मृत पाए गए, 1.38 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, 32.65 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।

SIR से जुड़ा अपडेट…

चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को तीन चरणों में लागू किया है।

पहला फेज: सबसे पहले SIR बिहार में लागू हुआ। फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था।

दूसरा फेज: उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप में दूसरे चरण का SIR हुआ।

तीसरा फेज: आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में SIR शुरू किया है। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ शामिल हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *