- Hindi News
- National
- Uddhav Thackeray Vs BJP; Shiv Sena Crisis Controversy | Maharashtra Politics
मुंबई4 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
6 सांसदों ने सोमवार को मुंबई में एकनाथ शिंदे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी बदलने का ऐलान किया।
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में सोमवार को फिर बगावत हो गई। लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। लोकसभा में अब शिंदे के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है।
शिंदे के साथ सभी 6 सांसदों ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया। डिप्टी सीएम ने कहा, ‘जब 2022 में हमने पार्टी और धनुष-बाण बचाने के लिए विद्रोह किया था, तब 40 विधायक थे और अब हमने छक्का लगाया है।’
उन्होंने कहा, ‘ हमारी लड़ाई बालासाहेब के विचारों को बचाने के लिए है, इसीलिए आज ये 6 सांसद बालासाहेब की असली शिवसेना में शामिल हुए।’ उद्धव के शिवसेना का मुखिया रहते पार्टी में 4 साल में यह दूसरी बड़ी बगावत है।

आदित्य ठाकरे ने कहा- वफादारी बिकाऊ है
- उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे ने X पर लिखा, ‘पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी बिकाऊ है। कम से कम यह मान लीजिए कि लालच की वजह से आपने रातोंरात बिना किसी शर्म के यह सब छोड़ दिया।’
- उद्धव ठाकरे ने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ बैठक के बाद मीडिया से कहा, ‘उन्हें (बागी सांसदों को) अपना पक्ष रखने दीजिए। सही समय आने पर हम अपना पक्ष रखेंगे।’
- राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा- शिंदे ने 6 गद्दार पैदा किए हैं। हालात संभालने के लिए अब सर्जरी करनी पड़ेगी। उद्धव 27 जून से महाराष्ट्र में जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इस दौरान वे बागी सांसदों के लोकसभा क्षेत्रों में भी जाएंगे। जारी शेड्यल के अनुसार, उद्धव 27 जून को यवतमाल, वाशिम और हिंगोली जाएंगे। 28 जून को परभणी और धाराशिव का दौरा करेंगे। 29 जून को शिर्डी पहुंचेंगे।

शिंदे गुट के लोकसभा में 7 से बढ़कर 13 सांसद हुए
2024 विधानसभा चुनाव की कुल 288 सीटों में से भाजपा, शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की NCP वाले महायुति गठबंधन को 235 सीटें मिलीं। महाविकास अघाड़ी (MVA) ने 50 सीटें जीतीं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) सिर्फ 20 सीटों पर सिमट गई।
2024 के लोकसभा चुनाव में 48 सीटों वाले महाराष्ट्र में विपक्षी INDIA गठबंधन (महाविकास अघाड़ी) ने बढ़त हासिल की और 30 सीटें जीतीं, इनमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना को 9 सीटें मिलीं। NDA (महायुति) ने 17 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

शिवसेना में 35 साल पहले छगन भुजबल ने बगावत की थी
बालासाहेब ठाकरे की मुखिया रहते शिवसेना में पहली बगावत 1991 में हुई थी। पार्टी के नेता छगन भुजबल 14 विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। 1999 में शरद पवार जब कांग्रेस से अलग हुए तो छगन भी साथ चले गए। पवार ने एनसीपी बनाई। 2023 में एनसीपी में टूट हुई तो वे अजित पवार गुट के साथ आ गए।

8 दिन में 6 सांसद बागी हुए
14 जून को उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में संसदीय दल की बैठक बुलाई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें 4 सांसद नहीं पहुंचे थे। इसके बाद से पार्टी में टूट की अटकलें लगाई जानी लगी थीं।

शिवसेना से पहले AAP-TMC के 27 सांसद बागी हुए
पिछले 3 महीने के दौरान विपक्षी गुट के 27 सांसदों ने अपनी पार्टी से बगावत करते हुए भाजपा या NDA को समर्थन दिया है। इनमें 7 AAP के राज्यसभा सांसद और 20 TMC के लोकसभा सांसद हैं।
शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलों के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) चीफ और यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है और पार्टी के कई नेता BJP में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
सपा चीफ अखिलेश यादव ने पार्टी में टूट की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि सपा मजबूत और एकजुट है। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के अपने विधायक पाला बदलने वाले हैं।

—————————————-
ये खबर भी पढ़ें…
उद्धव की पार्टी टूटी, राउत ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में गाली दी, 9 में से 6 सांसद बागी

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। दिल्ली में राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बागी सांसदों को गाली दी। राउत ने कहा- ये साले #$% के। ये बेईमान लोग हैं। बेईमानी उनके खून में हैं। पूरी खबर पढ़ें…













