नई दिल्ली19 मिनट पहले
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राज्यसभा में कुल 245 सीटें हैं- फाइल फोटो
चुनाव आयोग ने मंगलवार को राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव का ऐलान किया। इनमें उत्तर प्रदेश की 10, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की एक-एक सीट शामिल हैं। 16 अक्टूबर को वोटिंग और काउंटिंग कराई जाएगी।
अक्टूबर में होने वाले चुनाव 10 सीटों पर सांसदों के कार्यकाल खत्म होने के बाद हो रहे हैं। जबकि यूपी और बंगाल में एक-एक सीट सांसदों के इस्तीफा देने से खाली हुई है।
यूपी में सांसद दिनेश शर्मा ने 11 सितंबर को इस्तीफा दिया, उन्हें अंडमान और निकोबार का LG बनाया गया है। बंगाल में TMC सांसद कोयल मल्लिक ने इस्तीफा दिया था।
राज्यसभा में कुल 245 सीटें हैं, जिनमें 242 सीटें भरी हुई हैं और 3 खाली हैं। मौजूदा पार्टी स्थिति में BJP के पास 116 सांसद हैं।

12 में से 10 सीटों पर भाजपा की जीत तय
उत्तर प्रदेश: BJP 8 सीटें, सपा 2 सीटें जीत सकती है
उत्तर प्रदेश से जिन सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। इनके अलावा BJP नेता अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा और सीमा द्विवेदी का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है।
सपा नेता राम गोपाल यादव और BSP के इकलौते राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। यह सीट सपा के पास जाने की पूरी संभावना है।
बंगाल: 1 सीट का फायदा होगा
राज्यसभा में BJP की एक सीट बढ़ने की संभावना है। यह सीट TMC में रहीं कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उन्हें तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में सत्ता से बाहर होने से पहले सदन में भेजा था।
जुलाई 2026 में खाली हुई तीन TMC सीटों के उपचुनाव के बाद BJP के 3 नए सदस्य चुने गए, जिससे बंगाल से BJP सांसदों की संख्या 5 हो गई।
उत्तराखंड: मौजूदा सीट BJP के पास, बरकरार रहेगी
उत्तराखंड में BJP सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। राज्य में BJP सत्ता में है और विधानसभा में उसके पास बहुमत है। ऐसे में BJP के पास यह सीट बरकरार रहेगी।

राज्यसभा में भाजपा की मौजूदा स्थिति
फिलहाल, भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन के पास 245 सदस्यीय राज्यसभा में 142 सांसद हैं, जहां अभी 242 सीटें भरी हुई हैं। पूर्ण बहुमत के लिए 123 वोट और विशेष बहुमत के लिए 161 वोट जरूरी हैं। इस तरह, भाजपा के पास राज्यसभा में अकेले 116 सांसद हैं, जिनमें इस साल अप्रैल में भाजपा में शामिल हुए 7 AAP सांसद भी शामिल हैं।
ऐसे होता है राज्यसभा चुनाव
राज्यसभा सांसदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया दूसरे चुनावों से काफी अलग है। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक इन्हें चुनते हैं। चुनाव हर दो साल में होते हैं, क्योंकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है और इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में रिटायर होते हैं।
राज्यसभा सीटों की कुल संख्या 245 हैं। इनमें से 233 सीटों पर अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव होते हैं और 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं।
राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत होती है, ये पहले से ही तय होता है। वोटों की संख्या का कैलकुलेशन कुल विधायकों की संख्या और राज्यसभा सीटों की संख्या के आधार पर होता है। इसमें एक विधायक की वोट की वैल्यू 100 होती है।
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