US Iran War Attack; Hormuz Strait Rocket Launcher | ACTPnews

US Iran War Attack; Hormuz Strait Rocket Launcher


4 घंटे पहले

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होर्मुज स्ट्रेट में एक सुपर टैंकर दो समुद्री माइंस से टकरा गया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, टकराने के बाद टैंकर में भीषण आग लग गई और वह पूरी तरह रुक गया। ईरान ने जहाज का नाम और चालक दल की संख्या नहीं बताई है।

IRGC ने कहा कि टैंकर बिना अनुमति वाले समुद्री रास्ते से गुजर रहा था। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में अपने तय सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले दूसरे जहाजों को भी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

इस बीच अमेरिका ने करीब एक महीने बाद ईरान पर फिर सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना ने रविवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाया।

अमेरिका के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के जवान होर्मुज स्ट्रेट में रॉकेट और समुद्री माइंस लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे। ईरानी मीडिया ने हमले में कई सैनिकों और नागरिकों के मारे जाने की बात कही है।

ईरान का जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर जवाबी हमला

अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जॉर्डन में दो अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया।

ईरानी मीडिया के मुताबिक, मिसाइलों को अमेरिकी एयरबेस के तकनीकी और मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर तथा लड़ाकू विमानों की तैनाती वाले क्षेत्रों को निशाना बनाकर दागा गया।

वहीं, अल अरबिया के मुताबिक, जॉर्डन की एयर डिफेंस ने ईरानी मिसाइलों को रोक दिया।

ईरानी की IRGC ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का फुटेज जारी किया।

ईरानी की IRGC ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का फुटेज जारी किया।

होर्मुज के बीच में है लारक द्वीप

लारक द्वीप ईरान के प्रमुख बंदरगाह बंदर अब्बास के पास है और होर्मुज के ठीक बीच में स्थित है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए बेहद अहम है, क्योंकि युद्ध से पहले दुनिया के इस्तेमाल होने वाले करीब 20% तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आवाजाही इसी रास्ते से होती थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान फिलहाल इस द्वीप के पास से गुजरने वाले टैंकरों की जांच कर रहा है और जहाजों से स्ट्रेट पार करने के लिए 20 लाख डॉलर यानी करीब ₹19 करोड़ तक टैक्स वसूल रहा है।

अमेरिकी सेना ने हाल ही में हटाई थीं बारूदी सुरंगें

अमेरिकी सेना ने पिछले हफ्ते होर्मुज स्ट्रेट के अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने का काम पूरा किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा था कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में मौजूद सभी सुरंगों को हटा दिया गया या निष्क्रिय कर दिया गया है।

ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई जहाज या नाव होर्मुज स्ट्रेट में नई समुद्री सुरंगें बिछाने की कोशिश करेगी, तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा। अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।

होर्मुज को अमेरिका का इलाका बता चुके हैं ट्रम्प

अमेरिकी राष्ट्रपतिट्रम्प होर्मुज स्ट्रेट को ‘न्यू यूएस टेरिटरी’ यानी नया अमेरिकी इलाका बता चुके हैं। 18 अगस्त को उन्होंने पहली बार होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कही थी।

इसके बाद उन्होंने 23 अगस्त को ट्रुथ सोशल पर दोबारा ऐसी तस्वीर शेयर की, जिसमें होर्मुज को अमेरिकी इलाके के तौर पर दिखाया गया।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए क्यों अहम?

होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और अरब सागर के बीच का प्रमुख समुद्री रास्ता है। दुनिया के तेल और गैस कारोबार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। संघर्ष से पहले दुनिया में इस्तेमाल होने वाले करीब पांचवें हिस्से के तेल की आवाजाही इसी रास्ते से होती थी।

यही वजह है कि होर्मुज में तनाव बढ़ने या जहाजों की आवाजाही रुकने से कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच यहां बढ़ती सैन्य गतिविधि को इसी कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर माना जा रहा है।

फरवरी से जारी है अमेरिका-इजराइल और ईरान का युद्ध

अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और उन खाड़ी देशों पर हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। संघर्ष को अब छह महीने से ज्यादा हो चुके हैं और हाल के हफ्तों में स्थिति गतिरोध जैसी बनी हुई है।

अमेरिका और इजराइल के हमलों के अलावा लेबनान में इजराइली हमलों से भी भारी नुकसान हुआ है। इन हमलों में हजारों लोगों की मौत और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। संघर्ष में अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की जानकारी है।

जंग के बाद दो रास्तों में बंटा होर्मुज

जंग शुरू होने से पहले होर्मुज को एक ही समुद्री रास्ता माना जाता था। जहाज तय रास्ते से गुजरते थे। उनका रास्ता बंदरगाह, जहाज के समझौते और सुरक्षा को देखकर तय होता था। लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद यहां दो अलग रास्तों की बात होने लगी।

ईरानी रास्ता: यह होर्मुज के उत्तरी हिस्से में ईरान के तट के पास है। यह लारक और किश्म द्वीपों के करीब से गुजरता है और ईरान के बंदरगाहों और तेल टर्मिनलों तक जाता है।

ओमानी रास्ता: यह होर्मुज के दक्षिणी हिस्से में ओमान के करीब है और ईरान के तट से दूर है। अमेरिका इसी रास्ते से जहाजों को गुजरने पर जोर देता है। अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा में चलने वाले कई कॉमर्शियल जहाज भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।

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ईरान होर्मुज में जहाजों से टोल वसूलेगा, संसद की मंजूरी

ईरान की संसद ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल यानी टैक्स या फीस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जिन देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति होगी, उनसे समुद्री सेवाओं के बदले शुल्क लिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…



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