तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी14 मिनट पहले
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अमेरिका और ईरान युद्ध को धीरे-धीरे खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकाबंदी हटाने को लेकर सैद्धांतिक रूप में एक समझौते पर लगभग सहमत हो गए हैं। CBS न्यूज को यह जानकारी एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी ने दी है। हालांकि अभी भी कई संवेदनशील मुद्दों पर अंतिम फैसला बाकी है।
ईरान की तरफ से फिलहाल सार्वजनिक रूप से यह नहीं कहा गया है कि समझौता हो गया है। पिछले 24 घंटों में ईरानी अधिकारियों के बयानों में भी कुछ अंतर दिखाई दिया है।
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक समझौते पर अभी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं और इसे अंतिम मंजूरी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से मिलनी बाकी है। इसमें कुछ दिन लग सकते हैं।
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा। इसके बदले ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को खत्म करने पर सहमत होगा। हालांकि यह प्रक्रिया कैसे होगी, इस पर अभी बातचीत जारी है।
ट्रम्प चाहते हैं कि इस संवर्धित सामग्री (एनरिच्ड मटेरियल) को अपने कब्जे में ले लें। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने अपने लोगों को समझौते में ‘जल्दबाजी न करने’ को कहा है।

पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स…
1. अमेरिका-ईरान में समझौते पर दस्तखत नहीं: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर दस्तखत नहीं हो सके। इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रविवार को ही दोनों देश सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज खोलने को लेकर समझौता कर सकते हैं।
2. ओमान के जरिए अमेरिका को मैसेज: ईरान ने ओमान के जरिए अपना मौखिक संदेश अमेरिका तक पहुंचाया। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का एक मैसेज ओमान के विदेश मंत्री तक पहुंचाया।
3. सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना कोई फैसला नहीं: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ईरान में कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा।
4. अमेरिका-ईरान समझौते से इजराइल चिंतित: अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते को लेकर इजराइल में चिंता बढ़ गई है। एक इजराइली अधिकारी ने कहा है कि इस समझौते से ईरान को यह मैसेज जाएगा कि वह होर्मुज का इस्तेमाल दबाव बनाने के हथियार की तरह कर सकता है।
ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
14 मिनट पहले
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इजराइल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत जाएगा मलेशिया
मलेशिया की सरकार इजराइल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत में मामला ले जाने की तैयारी कर रही है। आरोप है कि गाजा जा रहे राहत जहाजों में शामिल कार्यकर्ताओं का अपहरण किया गया और उनके साथ गलत व्यवहार किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक मलेशिया की कानूनी टीम इस मामले से जुड़े सबूत और दस्तावेज इकट्ठा कर रही है।
सेलांगोर राज्य के मुख्यमंत्री अमीरुद्दीन शारी ने कहा कि राहत जहाजों में शामिल लोगों के साथ मारपीट और यातना की घटनाओं को लेकर यह कदम उठाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इनमें कुछ मलेशियाई नागरिक भी शामिल थे। हम चुप नहीं रहेंगे। हम इस मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालत तक ले जाएंगे।
31 मिनट पहले
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लेबनान के राष्ट्रपति बोले- इजराइली सेना की वापसी सबसे बड़ी मांग
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने रेजिस्टेंस एंड लिबरेशन डे के मौके पर बयान जारी किया। यह दिन साल 2000 में दक्षिण लेबनान से इजराइल के 22 साल पुराने कब्जे के खत्म होने की याद में मनाया जाता है।
जोसेफ आउन ने कहा कि इस बार यह दिन ऐसे समय पर आया है, जब इजराइल अब भी दक्षिण लेबनान के कुछ गांवों में मौजूद है और लगातार हमले कर रहा है।
उन्होंने कहा कि लेबनान की सबसे बड़ी मांग यही है कि इजराइली सेना पूरी तरह वापस जाए। उनके मुताबिक लेबनान सरकार बातचीत के जरिए इस टारगेट को हासिल करने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्रपति आउन ने कहा कि यह बातचीत किसी समझौते या आत्मसमर्पण के लिए नहीं हो रही, बल्कि लेबनान की जमीन, संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के अधिकार को मजबूत करने के लिए हो रही है।
05:24 AM25 मई 2026
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दो जहाज होर्मुज पार करके पाकिस्तान और चीन की तरफ बढ़े
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक LNG ले जाने वाले दो बड़े जहाज होर्मुज पार कर चुके हैं। इनमें से एक जहाज पाकिस्तान जा रहा है और दूसरा चीन की तरफ बढ़ रहा है।
पहला जहाज फुवैरित कतर से गैस लेकर निकला था और मंगलवार तक पाकिस्तान पहुंच सकता है। दूसरा जहाज अल रायान भी अब होर्मुज से बाहर निकल चुका है। यह जहाज 27 जून तक चीन पहुंच सकता है।
05:08 AM25 मई 2026
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ईरान में तख्तापलट मामले में दोषी उग्रवादी नेता को फांसी
ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी के मुताबिक सरकार ने अब्बास अकबरी नाम के एक उग्रवादी नेता को फांसी दे दी है। उस पर जनवरी में कथित तख्तापलट की कोशिश में शामिल होने का आरोप था।
रिपोर्ट के अनुसार ईरान के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब्बास अकबरी को फांसी पर लटकाया गया।
अदालत ने उसे मोहारेबेह यानी ईश्वर के खिलाफ दुश्मनी के आरोप में दोषी ठहराया था। उसके ऊपर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और इस्फहान प्रांत के नाइन इलाके में सुरक्षा बलों पर गोली चलाने का भी आरोप था।
04:47 AM25 मई 2026
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एक्सपर्ट बोलीं- समझौते के बाद भी बाजार में लंबे समय तक तनाव बना रहेगा
ट्रम्प ने शनिवार को कहा था कि ईरान के साथ समझौता काफी हद तक तय हो चुका है। इस प्रस्ताव में होर्मुज को फिर से खोलने की बात भी शामिल है। इससे दुनियाभर के बाजारों में राहत की उम्मीद जगी।
लेकिन सिंगापुर की ऑयल एक्सपर्ट जून गोह का कहना है कि असली स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। उनके मुताबिक जब तक होर्मुज पूरी तरह नहीं खुलता, तब तक हर दिन करीब 1 से 1.1 करोड़ बैरल कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित रहेगी।
जून गोह ने कहा कि समझौता होने के बाद बाजार को उम्मीद है कि समुद्र में फंसे करीब 10 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई फिर शुरू हो जाएगी।
हालांकि उनका मानना है कि समझौते के बाद भी बाजार तुरंत नॉर्मल नहीं होगा। ऑयल प्रोडक्शन और रिफाइनरी सिस्टम को पूरी तरह पहले जैसी स्थिति में लौटने में करीब 3 से 6 महीने लग सकते हैं।
04:25 AM25 मई 2026
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गाजा सिटी के पास मछुआरों पर इजराइली सेना की गोलीबारी, तीन घायल
गाजा में युद्ध के बीच फिलिस्तीनी मछुआरे लगातार खतरे में अपनी रोजी रोटी कमाने की कोशिश कर रहे हैं। रविवार को गाजा सिटी के समुद्री इलाके में इजराइली नौसेना ने फिलिस्तीनी मछुआरों की नावों पर गोलीबारी की। इस हमले में तीन मछुआरे घायल हो गए।
फिलिस्तीनी इन्फॉर्मेशन सेंटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया है। इसमें इजराइली सैनिक मछुआरों की नावों पर गोली चलाते नजर आते हैं।
गाजा में लंबे समय से जारी युद्ध और नाकाबंदी के कारण आम लोगों की जिंदगी बेहद मुश्किल हो चुकी है। मछुआरे भी समुद्र में जाने के दौरान लगातार हमलों और गिरफ्तारी के डर का सामना कर रहे हैं।
04:04 AM25 मई 2026
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क्या रूस और ईरान की दोस्ती कमजोर पड़ रही है?
1990 के दशक में रूस ने ईरान को मध्य पूर्व में अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए एक जरूरी साथी के रूप में देखना शुरू किया था।
इसके बाद रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कई बार अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल करके ईरान पर लगने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को रोकने या धीमा करने की कोशिश की। बदले में ईरान ने रूस से अरबों डॉलर के हथियार खरीदे। इनमें लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर, एयर डिफेंस सिस्टम और छोटे हथियार शामिल थे।
लेकिन अब कई विशेषज्ञ मानते हैं कि रूस और ईरान का रिश्ता सिर्फ जरूरत पर टिका हुआ है, असली भरोसे पर नहीं।
रूस और ईरान संबंधों के जानकार निकिता स्मागिन ने अल जजीरा से कहा कि दोनों देश केवल अपने अलगाव और पश्चिमी दबाव की वजह से करीब आए हैं। उनके मुताबिक यह रिश्ता पूरी तरह व्यवहारिक है, भावनात्मक नहीं।
निकिता स्मागिन ने कहा, वे एक दूसरे को सच में पसंद नहीं करते। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में लोगों की रूस को लेकर ऐतिहासिक यादें अच्छी नहीं हैं। यहां तक कि ईरान के रूढ़िवादी मीडिया में भी अक्सर कहा जाता है कि रूस पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता।
03:47 AM25 मई 2026
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अमेरिकी विदेशमंत्री बोले- ईरान से अभी भी बातचीत जारी
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर बातचीत अभी जारी है। इसमें होर्मुज को खुला रखने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर तय समय के भीतर गंभीर बातचीत करने का प्रस्ताव शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस योजना को खाड़ी देशों का भी समर्थन मिल रहा है और दुनिया के कई देश इसे सही कदम मान रहे हैं। रूबियो के मुताबिक अमेरिका का मानना है कि यह समझौता पूरी दुनिया के हित में हो सकता है।
भारत दौरे के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मार्को रूबियो ने कहा कि ट्रम्प किसी जल्दबाजी में नहीं हैं। वे कोई खराब समझौता नहीं करेंगे। रूबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका पहले कूटनीति को पूरा मौका देना चाहता है और उसके बाद ही दूसरे विकल्पों पर विचार किया जाएगा।
03:34 AM25 मई 2026
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एक्सपर्ट ने ईरान जंग को ट्रम्प की गलती बताया
कुवैत यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल एक्सपर्ट अब्दुल्ला अलशायजी ने कहा है कि यह ईरान जंग जरूरत की वजह से नहीं, बल्कि पसंद से शुरू की गई थी।
अल जजीरा से बातचीत में उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प को लगा था कि ईरान बहुत कमजोर हो चुका है और वहां की सरकार को आसानी से गिराया जा सकता है। लेकिन आखिर में यह सोच पूरी तरह गलत साबित हुई।
अब्दुल्ला अलशायजी ने कहा कि ईरान अब अमेरिका के अंदर बढ़ते दबाव को अपने पक्ष में इस्तेमाल कर रहा है। खास तौर पर अमेरिका में तेजी से बढ़ती ईंधन कीमतों और लोगों की नाराजगी को ईरान अपनी ताकत मान रहा है।
उन्होंने कहा कि इसी वजह से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ गया है और आम लोग इसकी कीमत चुका रहे हैं। अब्दुल्ला अलशायजी के मुताबिक पिछले कई सालों में दुनिया अब सबसे बडे ऊर्जा संकट का सामना कर रही है।
03:09 AM25 मई 2026
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अमेरिकी सांसद बोले- ट्रम्प ईरान जंग में एक भी टारगेट हासिल नहीं कर पाए
अमेरिका के डेमोक्रेट सांसद क्रिस मर्फी ने कहा है कि अगर युद्ध खत्म होता है तो यह अच्छी बात होगी, लेकिन इससे डोनाल्ड ट्रम्प की गलतियां नहीं छिप सकतीं।
क्रिस मर्फी ने कहा कि इस युद्ध में हजारों बेगुनाह लोगों की जान गई और कई देशों की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ट्रम्प अपने लगातार बदलते टारगेट में से एक भी हासिल नहीं कर पाए। ईरान अब भी होर्मुज को बंद करने की क्षमता रखता है और उसके बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रम भी जारी हैं।
क्रिस मर्फी ने यह भी कहा कि ईरान की नई सरकार अब पहले से ज्यादा मजबूत और आत्मविश्वास से भरी हुई नजर आ रही है। अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत लगाई, लेकिन ईरान पीछे नहीं हटा।
02:53 AM25 मई 2026
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ईरानी फुटबॉल टीम का बेस कैंप अमेरिका से मेक्सिको शिफ्ट, जंग के कारण फैसला
ईरान ने अपना बेस कैंप अमेरिका से मेक्सिको में ट्रांसफर कर दिया है। ईरान फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष मेहदी ताज ने शनिवार को यह जानकारी दी। हालांकि, अभी तक फीफा ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
ईरान को एरिजोना के टक्सन में ट्रेनिंग शिविर लगाना था, लेकिन मिडिल-ईस्ट में युद्ध और सुरक्षा चिंताओं के कारण इसे कहीं और ट्रांसफर करने की चर्चा थी। टक्सन के कीनो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।
ईरानी एसोसिएशन का कहना है कि टीम अब सैन डिएगो के दक्षिण में स्थित मेक्सिको के तिजुआना में ठहरेगी। वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक चलेगा। अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको इसकी मेजबानी कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

02:33 AM25 मई 2026
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ईरान 5 मुद्दों पर अमेरिका से नाराज
1. जब्त संपत्ति का मामला- ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उसकी करीब डेढ लाख करोड रुपये की विदेशी संपत्ति जब्त कर ली है। इसमें सबसे ज्यादा पैसा विदेशी बैंकों में जमा था।
2. यूरेनियम को लेकर विवाद- ईरान के पास करीब 450 किलो समृद्ध यूरेनियम बताया जा रहा है। अमेरिका और उसके साथी देश इसे खतरा मान रहे हैं। ईरान का कहना है कि इस मुद्दे पर वह अमेरिका से बात नहीं करेगा।
3. युद्ध भडकाने का आरोप- ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका उस पर युद्ध थोपना चाहता है। ईरान ने कहा कि अगर हमला हुआ तो पूरे मध्य पूर्व में असर पडेगा और कई देशों को नुकसान होगा।
4. होर्मुज पर तनाव- ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रास्तों में से एक होर्मुज को लेकर भी चेतावनी दी है। कहा जा रहा है कि अगर हालात बिगडे तो यह रास्ता बंद किया जा सकता है, जिससे तेल सप्लाई पर असर पडेगा।
5. अमेरिका को चेतावनी- ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका या इजराइल ने उसके परमाणु ठिकानों पर हमला किया तो वह जवाब देगा और पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
02:18 AM25 मई 2026
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ईरान जंग का असर- भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम इस महीने चौथी बार बढ़े
तेल कंपनियों ने आज 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है।
इस महीने चौथी बार बढ़ीं पेट्रोल और डीजल की कीमतें
ईंधन की कीमतों में इस महीने में यह चौथी बढ़ोतरी है…
- 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा।
- 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे, डीजल 91 पैसे महंगा किया गया था।
- 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी।
- 15 मई को भी कीमतों में ₹3 प्रति लीटर का इजाफा किया गया था।
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।
क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। पढ़ें पूरी खबर…

02:15 AM25 मई 2026
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अमेरिका बोला- हिजबुल्लाह लेबनान में शांति नहीं चाहता
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने हिजबुल्लाह पर लेबनान में जानबूझकर तनाव और अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हिजबुल्लाह देश को फिर से हिंसा और परेशानी की तरफ ले जा रहा है।
मार्को रूबियो ने लेबनान की सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि अमेरिका देश के पुनर्निर्माण, मदद और बेहतर भविष्य के लिए उसके साथ खडा है। लेबनान की सरकार शांति और विकास चाहती है, लेकिन हिजबुल्लाह हालात बिगाड रहा है।
वहीं हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम ने लेबनान सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे फैसले लिए हैं जिनसे प्रतिरोध को गलत ठहराया जा रहा है। सरकार ने हिजबुल्लाह से जुडे लोगों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का विरोध नहीं किया।
01:33 AM25 मई 2026
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नेतन्याहू बोले- ईरान को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अभी तक अमेरिका और ईरान के बीच उभर रहे संभावित समझौते पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
हालांकि, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी और ट्रम्प की एक AI से बनाई गई तस्वीर शेयर की। इसके साथ नेतन्याहू ने लिखा, “ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा।”
नेतन्याहू लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते रहे हैं। इजराइल लगातार दावा करता रहा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम उसके लिए बड़ा सुरक्षा खतरा है, जबकि ईरान हमेशा कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
01:33 AM25 मई 2026
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ईरानी सांसद बोले- हमारी शर्तों के बिना अमेरिका से समझौता मंजूर नहीं
ईरान के सांसद महमूद नबावियन ने कहा है कि अगर अमेरिका के साथ होने वाले किसी समझौते में ईरान की मुख्य मांगें शामिल नहीं होतीं, तो वह समझौता ईरानी जनता की जीत को हार में बदल देगा।
नबावियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि समझौते में कई अहम शर्तें शामिल होनी चाहिए। इनमें होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता, युद्ध हर्जाना, सभी प्रतिबंधों को हटाना, टोल वसूली का अधिकार, विदेशों में फंसी ईरानी रकम की रिहाई, क्षेत्र से अमेरिकी वापसी, यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को स्वीकार करना और ईरान की तरफ से मांगी गई सुरक्षा गारंटी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि अगर इन मांगों को शामिल किए बिना कोई समझौता किया जाता है, तो वह ईरान के लिए नुकसानदेह होगा।
01:32 AM25 मई 2026
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ओमान-ईरान के बीच होर्मुज खोलने को लेकर चर्चा
ओमान और ईरान के अधिकारियों के बीच रविवार को एक बैठक हुई, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही की आजादी को लेकर चर्चा की गई।
ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री रास्तों पर आवाजाही के नियमों पर बातचीत की।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और अमेरिका-ईरान वार्ता भी जारी है।













