ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स अपने कंटेंट को लेकर एक बार फिर विवादों में घिर सकता है। नेटफ्लिक्स ने स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के साथ एक नए कोलैबरेशन की घोषणा की है, जिसके तहत उनके बेहद विवादित माने जाने वाले शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन को प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। अनफिल्टर्ड और कई बार संवेदनशील मुद्दों का मजाक उड़ाने के लिए आलोचना झेलने वाले समय रैना का यह शो 20 जून से स्ट्रीम होगा। नेटफ्लिक्स द्वारा इस तरह के विवादित शो को प्रमोट करने के फैसले पर आने वाले दिनों में सवाल उठ सकते हैं। इससे पहले इस प्लेटफॉर्म पर ‘लॉकअप 2’ जैसे विवादित शो प्रीमियर हो चुके हैं विवादों में रह चुका है शो का कंटेंट स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना का विवादित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का सीजन-1 विवादों के चलते बंद किया गया था। तब इस शो में पेरेंट्स पर की गई टिप्पणी कि देशभर में आलोचना हुई थी। अब नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म द्वारा इसे प्रमोट करने से इस तरह के अनफिल्टर्ड कंटेंट को और बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है। बाजार में बने रहने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा भारतीय ओटीटी बाजार में लगातार फ्लॉप शो देने के बाद नेटफ्लिक्स अब अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा ले रहा है। अमेजन प्राइम और जियोहॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच इस तरह के वलगर कंटेंट पर दाव लगाया जा रहा है। बड़े बजट और बड़े सितारों के बावजूद भारतीय दर्शकों से सांस्कृतिक जुड़ाव बनाने में नाकाम रहा यह ग्लोबल प्लेटफॉर्म अब मास ऑडियंस को खींचने के लिए अनफिल्टर्ड और विवादित शोज पर दांव लगा रहा है। बड़े सितारों पर दांव फेल, नहीं बना पाए दर्शकों से कनेक्शन
नेटफ्लिक्स ने पिछले कुछ समय में सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, करीना कपूर और बॉबी देओल जैसे बड़े स्टार्स के साथ कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए। हाल ही में आए सैफ अली खान के ‘कर्तव्य’ और ‘ज्वेल थीफ’ जैसे शोज की काफी चर्चा हुई, लेकिन रिलीज के बाद ये दर्शकों पर कोई गहरा प्रभाव नहीं छोड़ सके। इसी तरह माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की ‘मां-बहन’ को लेकर भी सोशल मीडिया पर कुछ दिन बातें हुईं और फिर लोग इसे भूल गए। फिल्म निर्देशक विवेक शर्मा का मानना है कि नेटफ्लिक्स ने सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स बनाने पर ध्यान दिया, जबकि दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने ऐसे किरदार बनाए जो आम लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए। अमेजन और जियोहॉटस्टार से पिछड़ने के बाद बदली रणनीति
भारत के ओटीटी बाजार में अमेजन प्राइम वीडियो अपनी मजबूत फ्रेंचाइजी के कारण काफी आगे निकल चुका है। ओरमैक्स मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद कपूर की ‘फर्जी’ 3.71 करोड़ दर्शकों के साथ भारत की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली सीरीज बनी थी। इसके अलावा ‘मिर्जापुर’ और ‘पंचायत’ के किरदार भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के अनुसार, नेटफ्लिक्स ने शुरुआत से खुद को एक प्रीमियम और महंगे प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया, जबकि भारत एक प्राइस-सेंसिटिव मार्केट है। अमेजन प्राइम और दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने कम कीमत में जमीनी कहानियां दीं, जिससे नेटफ्लिक्स का दायरा सिर्फ महानगरों के अंग्रेजी भाषी दर्शकों तक सीमित रह गया। रचनात्मकता की जगह लॉबी और बड़े बैनरों पर भरोसा
डायरेक्टर विवेक शर्मा का कहना है कि नेटफ्लिक्स की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ फ्लॉप शो नहीं, बल्कि उसका कंटेंट विजन है। प्लेटफॉर्म पर रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित प्रोडक्शन हाउस के प्रभाव में फैसले लिए जाते हैं। एक ही ग्रुप को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलने से नए विचारों और ताजा कहानियों को जगह नहीं मिल पा रही है। विवेक शर्मा के मुताबिक, कई ऐसे लोग कंटेंट से जुड़े फैसले ले रहे हैं जिन्होंने खुद कोई बड़ी रचनात्मक सफलता हासिल नहीं की है। यही कारण है कि स्टार्स होने के बावजूद नेटफ्लिक्स के शो लगातार फ्लॉप हो रहे हैं और वह दर्शकों से दूर होता जा रहा है। लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि ‘लॉकअप’ का पहला सीजन एमएक्स प्लेयर पर इसलिए सफल हुआ था क्योंकि वह आम दर्शकों का प्लेटफॉर्म था। अब नेटफ्लिक्स का इस तरफ बढ़ना दिखाता है कि वह अपनी प्रीमियम इमेज छोड़कर हर हाल में व्यूअरशिप हासिल करना चाहता है। अगर यह प्रयोग भी फेल हुआ, तो प्लेटफॉर्म के लिए भारत में टिकना मुश्किल हो जाएगा।
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नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका | ACTPnews

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