हरिद्वार में 76.5 लाख श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान:सोमवती अमावस्या पर उमड़ा जनसैलाब, कुंभ-2027 की तैयारियों की हुई बड़ी परीक्षा | ACTPnews

हरिद्वार में 76.5 लाख श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान:सोमवती अमावस्या पर उमड़ा जनसैलाब, कुंभ-2027 की तैयारियों की हुई बड़ी परीक्षा

अधिकमास में पड़ रही सोमवती अमावस्या पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हरकी पैड़ी समेत गंगा के विभिन्न घाटों पर सोमवार शाम गंगा आरती तक करीब 76 लाख 50 हजार श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान किया। श्रद्धालुओं का आगमन देर शाम तक जारी रहा। उत्तराखंड समेत 12 राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान, पितृ तर्पण, पूजा-अर्चना और दान-पुण्य कर सुख-समृद्धि व मोक्ष की कामना की। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के बीच प्रशासन और पुलिस के लिए यह आयोजन आगामी कुंभ-2027 की व्यवस्थाओं को परखने की बड़ी परीक्षा भी साबित हुआ। भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक संचालन, सुरक्षा और निगरानी तंत्र को वास्तविक परिस्थितियों में जांचा गया, ताकि कुंभ मेले की तैयारियों को और मजबूत बनाया जा सके। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि सोमवती अमावस्या पर 76.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के बीच हरिद्वार में श्रद्धा, सेवा और सुरक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिला। तस्वीरें देखिए- 3 पॉइंट्स में जानिए दिनभर कैसी रही व्यवस्थाएं… 1. घाटों पर सुबह से देर रात तक रही भीड़
हरकी पैड़ी, ब्रह्मकुंड, मालवीय घाट समेत प्रमुख स्नान घाटों पर तड़के से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गंगा स्नान के साथ पितृ तर्पण और दान-पुण्य का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। 2. कंट्रोल रूम से होती रही पल-पल की निगरानी
मेलाधिकारी सोनिका ने केंद्रीय नियंत्रण कक्ष पहुंचकर सीसीटीवी नेटवर्क, क्राउड मॉनिटरिंग सिस्टम और ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लिया। हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर भीड़ के दबाव, श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों की लगातार निगरानी की गई। 3. सुरक्षा के लिए 6 सुपर जोन, 16 जोन और 46 सेक्टर बनाए
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मेला क्षेत्र को 6 सुपर जोन, 16 जोन और 46 सेक्टरों में बांटा गया। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम और विशेष ट्रैफिक प्लान के जरिए भीड़ और यातायात को नियंत्रित किया गया।
कुंभ-2027 के लिए बना रियल टाइम टेस्ट मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि हरिद्वार में होने वाले बड़े स्नान पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि आगामी कुंभ मेले की तैयारियों का वास्तविक अभ्यास भी हैं। प्रत्येक स्नान पर्व से मिले आंकड़ों का विश्लेषण कर यह समझा जा रहा है कि किन स्थानों और किन समयों पर सबसे अधिक भीड़ रहती है, आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय कितना है और व्यवस्थाओं में कहां सुधार की जरूरत है। तकनीक से होगी कुंभ की निगरानी प्रशासन आगामी कुंभ मेले में रियल टाइम क्राउड एनालिटिक्स, अत्याधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करेगा। स्नान पर्वों से मिले फीडबैक को भविष्य की योजनाओं में शामिल किया जा रहा है। क्यों खास है सोमवती अमावस्या ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। शास्त्रों में इस दिन गंगा स्नान, पितृ तर्पण और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। अधिकमास में पड़ने के कारण इस बार का संयोग और भी दुर्लभ माना गया। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से हजारों अश्वमेध यज्ञों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। ————– ये खबर भी पढ़ें : कैंची धाम में 1 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे: MP-UP से लेकर देश-विदेश से पहुंचे भक्त, बोले- यहां शांति और आनंद मिला उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कैंची धाम में 62वें स्थापना दिवस पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सोमवार सुबह 3 बजे से शुरू हुए दर्शन का सिलसिला जारी है और अब तक 1 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन कर चुके हैं। धाम में प्रवेश के लिए करीब 2 किलोमीटर लंबी कतार लगी रही। पढ़ें पूरी खबर…



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