कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित नेटवर्क को लेकर एक सनसनीखेज दावा सामने आया है। CBC News को मिले दस्तावेजों के मुताबिक, पिछले साल कनाडा की एबॉट्सफोर्ड पुलिस को भेजे गए एक कथित धमकी भरे पत्र में ‘Lawrence gang from India’ के नाम से दावा किया गया था कि कनाडा में गैंग के 5 हजार से ज्यादा सदस्य हैं और उसके पास कनाडाई पुलिस से भी ज्यादा हथियार हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध दस्तावेजों में यह भी स्पष्ट नहीं है कि पत्र वास्तव में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ही भेजा था।
कनाडा में 5 हजार से ज्यादा गैंग मेंबर
कथित पत्र कनाडा के रक्षा मंत्री, सेना और पुलिस को संबोधित बताया गया है। पत्र में कई वर्तनी संबंधी गलतियां थीं और विराम चिह्नों का भी इस्तेमाल नहीं किया गया था। पत्र में कनाडाई अधिकारियों को धमकी देते हुए कथित तौर पर कहा गया कि गैंग के पास कनाडा में 5 हजार से ज्यादा सदस्य हैं। इसमें यह भी दावा किया गया कि ये लोग पैसे लेकर गोलीबारी कर सकते हैं। कथित पत्र में आगे कनाडा पर कब्जा करने जैसी धमकी का भी जिक्र बताया गया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वास्तव में कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 5 हजार से ज्यादा सदस्य हैं? फिलहाल उपलब्ध दस्तावेजों से इस दावे की पुष्टि नहीं होती। कनाडा की वित्तीय खुफिया एजेंसी FINTRAC ने भी अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि कुछ मामलों में अपराधी किसी बड़े और चर्चित गैंग का नाम लेकर धमकी को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश कर सकते हैं। एजेंसी ने ऐसे ‘कॉपीकैट’ अपराधियों की संभावना का भी उल्लेख किया है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग आतंकी संगठन घोषित
दूसरी तरफ, एक तथ्य पूरी तरह आधिकारिक है। 29 सितंबर 2025 को कनाडा सरकार ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को Criminal Code के तहत आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया था। कनाडा सरकार के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई गैंग मुख्य रूप से भारत से संचालित होने वाला एक ट्रांसनेशनल क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन है, जिसकी कनाडा में भी मौजूदगी है। सरकार ने इसे हत्या, गोलीबारी और आगजनी के साथ-साथ जबरन वसूली और धमकी के जरिए समुदायों में डर पैदा करने से जोड़ा है। आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध होने के बाद कनाडाई एजेंसियों को इस संगठन की संपत्ति, फंडिंग, भर्ती और अन्य गतिविधियों के खिलाफ अतिरिक्त कानूनी अधिकार मिलते हैं।
FINTRAC की रिपोर्ट में क्या सामने आया?
अप्रैल 2026 में FINTRAC ने कनाडा के दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाकर की जा रही जबरन वसूली और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग पर विशेष रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक ये गतिविधियां हमेशा किसी एक पारंपरिक गैंग स्ट्रक्चर के तहत नहीं चलतीं। इनमें स्थानीय अपराधी, विदेश में मौजूद संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े लोग और बिचौलिए शामिल हो सकते हैं। FINTRAC ने बताया कि कुछ मामलों में लोग लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क का नाम लेकर धमकी देते हैं। ऐसे नेटवर्क के लिए कनाडा में मौजूद कुछ लोग ‘फुट सोल्जर’, एनफोर्सर या ‘मनी म्यूल’ के तौर पर काम कर सकते हैं। यानी तस्वीर किसी एक बड़े और केंद्रीकृत गैंग की बजाय छोटे-छोटे स्थानीय ग्रुप और विदेश में मौजूद नेटवर्क के बीच संपर्क वाली भी हो सकती है। आपको बता दें कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने कई बार कनाडा में अपराध की घटनाओं की जिम्मेदारी ली है।
कनाडा में डिपोर्टेशन अभियान तेज
कनाडा की बॉर्डर सर्विस एजेंसी यानी CBSA ने भी जबरन वसूली और संगठित अपराध से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ इमिग्रेशन कार्रवाई तेज की है। CBSA के मुताबिक, 3 सितंबर 2026 तक 188 रिमूवल ऑर्डर जारी किए गए और 111 लोगों को कनाडा से बाहर भेजा गया। इनमें-:
- Pacific Region: 91 रिमूवल ऑर्डर, 58 लोगों को हटाया गया
- Prairie Region: 47 रिमूवल ऑर्डर, 30 लोगों को हटाया गया
- Greater Toronto Area: 50 रिमूवल ऑर्डर, 23 लोगों को हटाया गया
CBSA ने बताया कि जबरन वसूली से संभावित संबंधों वाले मामलों की जांच के लिए Pacific और Prairie क्षेत्रों में अगस्त 2025 से विशेष संसाधन लगाए गए थे और नवंबर 2025 में यह पहल GTA तक बढ़ाई गई।
CBSA ने चार मामलों का भी किया जिक्र
कनाडाई एजेंसी ने अपनी कार्रवाई के उदाहरण के तौर पर कई मामलों का उल्लेख किया है, जिनमें ऐसे लोगों के खिलाफ इमिग्रेशन कार्रवाई की गई जिन्हें आपराधिक संगठनों, हिंसा, हथियारों या जबरन वसूली से जुड़े मामलों से जोड़ा गया था। इन मामलों में पलविंदर सिंह, जसमेर सिंह, अमितोज बाजवा और साहिबजोत सिंह के नाम शामिल हैं। CBSA के मुताबिक इन मामलों में आपराधिकता या आपराधिक संगठनों से जुड़े होने के आधार पर कनाडा में रहने की पात्रता पर कार्रवाई हुई और संबंधित लोगों को देश से हटाया गया।
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