‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में मिहिर की एंट्री हो चुकी है। आज के एपिसोड की शुरुआत मिहिर के यह कहने से होती है कि उसे पता है कि नीला रंग मंदिरा का पसंदीदा है। मंदिरा इससे इनकार करती है और कहती है कि, जब मिहिर उसे पहली बार मिला था तब उसे नीला रंग पसंद नहीं था। मिहिर को यह बात याद नहीं रहती, जिससे मंदिरा को एहसास होता है कि उसे तुलसी से जुड़ी बातें फिर से याद आ रही हैं। शक से बचने के लिए वह अपनी बात बदल लेती है और मानती है कि उसे नीला रंग पसंद है, लेकिन वह इसे कभी-कभी ही पहनती है। करण गुस्से में नंदिनी को सबके सामने नीचे लाता है। वह एक वीडियो चलाता है, जिससे पता चलता है कि नंदिनी ने ही पार्थ को मारा था।
पार्थ के हत्यारे का हुआ खुलासा
तुलसी नंदिनी का बचाव करने की कोशिश करती है, लेकिन करण उसे रोक देता है। उसे मां कहकर पुकारते हुए वह टूट जाता है और पूछता है कि नंदिनी ने उससे इतनी बड़ी सच्चाई कैसे छिपाई और इतने सालों तक उसे अपनी ही मां पर शक करने के लिए कैसे मजबूर किया। हर कोई नंदिनी पर पार्थ की हत्या का आरोप लगाता है। तब तुलसी पूरी सच्चाई बताती है। वह बताती है कि पार्थ ने वैष्णवी के साथ छेड़छाड़ की थी, रेओ को मारा था और नंदिनी के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। नंदिनी ने वैष्णवी को बचाने के लिए ही पार्थ को गोली मारी थी।
नंदिनी का बचाव करेगी तुलसी
तुलसी आगे बताती है कि उसने नंदिनी से किसी को कुछ न बताने की कसम दी थी। तुलसी ने अपनी मर्जी से सजा भुगती, क्योंकि नंदिनी के बच्चे बहुत छोटे थे और सच्चाई सामने आने से करण का परिवार बर्बाद हो जाता। करण बुरी तरह टूट गया है और किसी का सामना नहीं कर पा रहा है। वह नंदिनी से कहता है कि वह उसे उसके बच्चों से दूर नहीं रख सकता क्योंकि वह उनकी मां है, लेकिन अब से वह उसका चेहरा नहीं देखना चाहता।
समायरा का दुख बना तृप्ति की खुशी
समायरा के सच बताने पर सिड हैरान रह जाता है। वहीं तृप्ति खुश है, क्योंकि उसका मिशन आखिरकार पूरा हो गया है। हालांकि, वह सिड का साथ देने का नाटक करती है और उसे भरोसा दिलाती है कि समायरा के साथ उसकी शादी होगी, क्योंकि वह सुभाष को सच नहीं बताएगी। समायरा और रौनक को मंदिर के बहकावे में आकर तुलसी दादी को गलत समझने का पछतावा होता है। वैष्णवी की तकलीफ के बारे में जानकर नकुल का दिल टूट जाता है। गौतम और दामिनी को भी वैष्णवी के साथ हुई हर चीज के बावजूद उसे गलत समझने का अफसोस होता है।
नंदिनी के लिए तुलसी उठाएगी बड़ा कदम
दामिनी सवाल करती है कि क्या नंदिनी सजा की हकदार है। शोभा सबको याद दिलाती है कि नंदिनी के लिए अपने ही बेटे को मारना आसान नहीं था। वह कहती है कि अगर नंदिनी ने ऐसा न किया होता, तो पार्थ वैष्णवी को मार डालता। तुलसी सच बताने के लिए नंदिनी को डांटती है। नंदिनी समझाती है कि अगर वह चुप रहती तो तृप्ति सब कुछ बता देती, जिससे स्थिति और भी मुश्किल हो जाती। नंदिनी टूट जाती है, उसे चिंता है कि उसके बच्चे रौनक और समायरा कभी भी उसे नहीं समझ पाएंगे। हालांकि, तुलसी उसे भरोसा दिलाती है कि उसने अपना पूरा जीवन इस परिवार को समर्पित कर दिया है और वह इसे बिखरने नहीं देगी। वह खुद बच्चों से बात करने का वादा करती है।
करण-नंदिनी का होगा तलाक
करण-नंदिनी को तलाक देने का फैसला करता है, लेकिन उसे पहले अपने इस फैसले के पीछे की असली वजह बतानी होगी। मिहिर हैरान रह जाता है, जब अनुपमा बताती है कि उसके बच्चों के नाम अंगद, ऋतिक और परी हैं।
परी का नाम सुनकर मिहिर सोच में पड़ जाता है, जबकि मंदिरा परेशान हो जाती है।
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