महिला बोली- पंजाब के डेरामुखी के ड्राइवर ने रेप किया:चंडीगढ़ में शराब पीकर संबंध बनाता; डिप्रेशन-अकेलेपन की वजह से डेरे में गई थी | ACTPnews

महिला बोली- पंजाब के डेरामुखी के ड्राइवर ने रेप किया:चंडीगढ़ में शराब पीकर संबंध बनाता; डिप्रेशन-अकेलेपन की वजह से डेरे में गई थी

पंजाब के एक बेहद रसूखदार डेरे के डेरामुखी के ड्राइवर ने लाचार व विधवा औरत के साथ हमदर्दी दिखाकर रेप कर दिया। महिला का आरोप है कि बेटे व पति की मौत के बाद वह अकेली थी। डेरामुखी के ड्राइवर ने उसके अकेलेपन का फायदा उठाकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि डेरामुखी का ड्राइवर चंडीगढ़ में उसके घर आता था। उसे शादी करने का झांसा दिया। शराब पीकर उसके साथ संबंध बनाता रहा। जब उसे शादी करने के लिए कहा तो साफ मुकर गया। महिला आरोपी के खिलाफ शिकायत लेकर चंडीगढ़ के अलग-अलग थानों से लेकर एसएसपी के सामने तक पेश हो गई। लेकिन उसे इंसाफ नहीं मिला। महिला ने आरोपी को पूरी तरह बेनकाब करने के लिए डिजिटल और फिजिकल सबूत जुटाए हैं। अब वो इंसाफ की उम्मीद लेकर लुधियाना में निहंग कुलदीप सिंह खालसा के पास पहुंची। महिला का कहना है वह पंजाबी सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस नीरू बाजवा और कई अन्य बड़ी फिल्मी हस्तियों के साथ छोटे-छोटे रोल फिल्मों व टीवी सीरियल में कर चुकी है। महिला का आरोप है कि डेरे के राजनीतिक और सामाजिक रसूख के कारण उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है। डेरे में जाने से निकलने तक की कहानी, 8 पॉइंट्स में जानिए:- 1. टीवी पर समागम देखकर बहन ने डेरे में भेजा
महिला ने बताया कि यह पूरा सिलसिला साल 2011-12 के आसपास शुरू हुआ था। उसका इकलौता बेटा करीब 9 साल का था। वह स्वभाव से बेहद चंचल था और उसका मन पढ़ाई-लिखाई में बिल्कुल नहीं लगता था। इसी दौरान महिला की सगी बहन ने उसे पंजाब के लुधियाना शहर के मॉडल टाउन में चल रहे एक बड़े धार्मिक समागम का लाइव प्रसारण टेलीविजन पर दिखाया। बहन ने अंधविश्वास और आस्था का हवाला देते हुए महिला को सलाह दी कि “तेरा बेटा ऐसे ठीक नहीं होगा, इसे बठिंडा के पास स्थित इस बड़े डेरे में ले जा और बाबा जी के चरणों में छोड़ दे। वहां संतों की संगति में रहकर बच्चा ठीक हो जाएगा। 2. साल 2011-12: मासूम बेटे को डेरे में छोड़ा
महिला ने बताया कि बहन की बात मानकर और अपने बच्चे के भविष्य की खातिर व साल 2011-12 में अपने 9 साल के मासूम बेटे को लेकर बठिंडा के पास स्थित उस बड़े डेरे में पहुंच गई। वहां के तौर-तरीके देखकर महिला ने अपने चंचल स्वभाव के बेटे को बाबा और डेरे के सेवादारों की देखरेख में वहीं छोड़ दिया। 3. बाबा ने कहा- बेटा तंग करता है, तुम भी यहीं रहो
महिला का कहना है कि बेटे को डेरे में छोड़ने के कुछ दिनों बाद जब वह अपने बच्चे की खैरियत जानने और उससे मिलने दोबारा बठिंडा वाले डेरे पहुंची, तो वहां के बाबा ने उसे कहा कि तुम्हारा बेटा यहां बहुत शरारत करता है और सबको तंग करता है। अगर तुम चाहती हो कि यह ठीक रहे, तो तुम भी यहीं डेरे में रह जाओ और आश्रम की सेवा संभालो। महिला का कहना है कि वह अपने बच्चे की भलाई के लिए वहीं रहने लगी। वो सभी का व्यवहार नजदीकी से देखने लगी। 4. डेरे की मर्यादा का हवाला देकर बाहर निकलने नहीं दिया
महिला का कहना है कि कुछ ही दिनों में उसको वहां का माहौल समझ आने लगा। जब डेरा प्रमुख के पास जाकर कहा कि बाबा जी अब मेरा मन यहां नहीं लग रहा, मुझे मेरे बेटे के साथ घर वापस जाने की आज्ञा दे दें, तो बाबा का रवैया अचानक बदल गया। बाबा ने रूखे लहजे में कहा कि डेरे की मर्यादा और नियमों के अनुसार एक बार यहां आने के बाद किसी को भी बाहर जाने की अनुमति नहीं मिलती है। 5. बंदिशों से डरकर बेटे को साथ ले डेरे से निकली महिला
महिला ने बताया कि वह डेरे के अजीबोगरीब बंधनों और बंदिशों से बुरी तरह डर गई थी। उसे समझ आ गया था कि सीधे रास्ते से बाबा उसे और उसके बेटे को वहां से जाने नहीं देंगे। इसलिए एक दिन मौका पाकर बेटे के साथ डेरे से बाहर निकल गई और अपने घर चली गई। उसके बाद वह फिर से टीवी सीरियल्स व गानों में छोटे-छोटे रोल करने लगी। 6. साल 2018 में बेटे ने सुसाइड किया, पति की मौत
महिला का कहना है कि डेरे से भागने के बाद साल 2018 में बेटा 16 साल का हो चुका था, लेकिन वह बेहद जिद्दी हो गया था। 13 दिसंबर 2018 को कोई चीज न मिलने पर गुस्से में आकर उसने सुसाइड कर लिया। बेटे के भोग के तुरंत बाद पति की भी अचानक मौत हो गई। महिला गहरे डिप्रेशन में चली गई। तब बठिंडा वाले बाबा ने महिला की उसी बहन के जरिए उसे दोबारा डेरे में बुलवाया। बहन ने अंधविश्वास का डर दिखाते हुए कहा कि तूने संतों की बात नहीं मानी थी और वहां से भागकर आई थी, इसीलिए तेरे बेटे और पति की मौत हुई है। संत के वचन कभी टाले नहीं जाते। 7. अकेलेपन-डिप्रेशन में आकर दोबारा डेरे में एंट्री
अकेलेपन और डिप्रेशन से टूट चुकी महिला साल 2018 के अंत में दोबारा बठिंडा के उसी डेरे में चली गई। वह 6 महीने तक कभी डेरे रहती तो कभी डरकर अपने घर वापस आ जाती। महिला का आरोप है कि बाबा का ड्राइवर वहीं से उस पर गलत नजर रखने लगा था। हालांकि उसे इस बात का पता नहीं चला। 8. साल 2020 बीमार होकर डेरे से निकली
महिला का कहना है कि 2020 में वह बीमार हो गई और उसे जगराओं के एक अस्पताल में लाया गया। वहां पर डॉक्टरों ने कहा कि डिप्रेशन है। उसके बाद महिला ने जिद की कि वो अपने डॉक्टर से जालंधर में इलाज करवाएगी। वो इलाज के लिए जालंधर चली गई। वहां पर इलाज चला और उसने डेरा हमेशा के लिए छोड़ दिया। अब पढ़िए जालंधर से चंडीगढ़ तक ‘गंदी प्रेम कहानी’ की पूरी क्रोनोलॉजी ‘मेरे पास सारे डिजिटल और फॉरेंसिक सबूत हैं’
महिला का कहना है कि चंडीगढ़ में लगातार रेप और शारीरिक शोषण की वारदात होने के कारण उसने चंडीगढ़ पुलिस से केस दर्ज करने की गुहार लगाई थी। लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने आज तक आरोपी ड्राइवर के खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की, बल्कि हर बार मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई। 3 साल तक थानों के चक्कर काटने के बाद जब कोई रास्ता नहीं बचा, तो पीड़िता अब न्याय की आस में लुधियाना में निहंग सिंह जत्थेबंदी के प्रमुख बाबा कुलदीप सिंह खालसा के पास पहुंची है। उसने बताया कि मेरे पास आरोपी के खिलाफ सभी डिजिटल व फॉरेंसिक सबूत मौजूद हैं। महिला ने संभालकर रखी शराब की बोतल व कपड़े
महिला ने बताया कि एक दिन आरोपी ड्राइवर शराब की बोलत, अपनी जुराबें, अंडरवियर और अन्य कपड़े छोड़कर भाग गया था। महिला ने इन सभी चीजों को फेंका नहीं, बल्कि एक सुरक्षित स्टोर रूम में बकायदा पैक करके और संभालकर रखा है। महिला का कहना है कि वह इन कपड़ों की फोरेंसिक और डीएनए जांच कराने को भी तैयार है। ऐसा इसलिए ताकि पुलिस तफ्तीश में आरोपी यह न कह सके कि वह कभी महिला के घर आया ही नहीं था। इसके अलावा दोनों के बीच रोजाना घंटों होने वाली वीडियो चैट के अलग-अलग दिनों के स्क्रीनशॉट और कॉल रिकॉर्डिंग भी निहंग सिंह संगठन को सौंप दी हैं। निहंग ने दिया भरोसा, प्रशासन से कराएंगे कार्रवाई
इस पूरे मामले को सुनने और पीड़िता द्वारा सौंपे गए तमाम वीडियो, शराब पीने की रिकॉर्डिंग और छोड़े गए कपड़ों के सबूतों को देखने के बाद निहंग सिंह कुलदीप सिंह खालसा ने महिला को भरोसा दिलाया कि इस मामले में प्रशासन से कार्रवाई करवाकर रहेंगे। निहंग सिंह कुलदीप सिंह खालसा ने कहा- एक बेसहारा, अकेली और डिप्रेशन की शिकार महिला के साथ धर्म, आस्था और डेरे के नाम पर जो घिनौनी ज्यादती हुई है, उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुरु की लाडली फौज (निहंग सिंह) इस पीड़ित महिला के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। यह बेहद शर्मनाक बात है कि एक महिला पिछले 3 साल से थानों के चक्कर काट रही है। उसके पास आरोपी के अर्धनग्न वीडियो हैं, शराब पीने के पुख्ता डिजिटल प्रमाण हैं और आरोपी के छोड़े गए कपड़े तक मौजूद हैं, फिर भी चंडीगढ़ पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। हम इस पूरे मामले को लेकर खुद उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करेंगे। इन तमाम फaरेंसिक और डिजिटल सबूतों को जांच टीम को सौंपकर आरोपी ड्राइवर और उसका साथ देने वाले लोगों के खिलाफ रेप, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं के तहत तुरंत FIR दर्ज कराई जाएगी।



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