Highlights
- UAE के राष्ट्रपति सलाहकार ने फ्लाईदुबई हमले को बताया ‘खतरनाक आतंकी कृत्य’।
- घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने कॉकपिट संभालकर बचाई यात्रियों की जान।
- नेतन्याहू का दावा- हमलावर कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था, जांच जारी।
अबू धाबी: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए कॉकपिट हमले को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के सलाहकार अनवर गर्गश ने इस घटना को ‘खतरनाक आतंकी कृत्य’ बताया है। उन्होंने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की भी जमकर तारीफ की। यह पहली बार है जब यूएई के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर इस घटना को आतंकवादी घटना बताया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियां अभी हमले के मकसद और पूरी साजिश की जांच कर रही हैं।
‘स्मित मच्छर ने साहस और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की’
अनवर गर्गश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कैप्टन स्मित मच्छर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारतीय पायलट ने बेहद खतरनाक स्थिति का सामना करते हुए साहस और जिम्मेदारी की असली मिसाल पेश की। गर्गश ने कहा,
‘फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छर हर प्रशंसा के हकदार हैं। उन्होंने खतरनाक आतंकी कृत्य और संभावित बड़ी त्रासदी का सामना करते हुए साहस और जिम्मेदारी का सही अर्थ दिखाया।’
‘सबसे मुश्किल समय में भी पेशेवर रवैया दिखाया’
यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार ने कॉकपिट में संघर्ष के दौरान कैप्टन मच्छर के संयम की भी तारीफ की। उन्होंने कहा,
‘सबसे अंधकारमय परिस्थितियों में उनका पेशेवर रवैया और नैतिक जिम्मेदारी उन्हें एक सच्चा हीरो बनाती है।’
गर्गश ने घटना को लेकर जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष या साजिश की थ्योरी को बढ़ावा देने से भी बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चरमपंथ और आतंकवाद के खतरों से निपटने के लिए सतर्कता और सावधानी जरूरी है। बता दें कि यूएई की सरकार ने कल ही इस घटना की जांच के आदेश दे दिए थे।
‘साजिश की थ्योरी को बढ़ावा देने से बचना होगा’
गर्गश ने कहा,
‘जो हुआ उसे बहुत सरल बनाकर देखने या साजिश की थ्योरी को अपनाने और बढ़ावा देने के बजाय, चरमपंथ और आतंकवाद के खतरों से निपटने के लिए सतर्कता और सावधानी जरूरी है।’
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब 30 सितंबर की इस घटना की जांच कई एजेंसियां कर रही हैं। यूएई में भी मामले की जांच शुरू हो चुकी है और इजरायल की जांच टीम भी पूछताछ में शामिल है।
हमले के पीछे आतंकी मकसद की जांच तेज
इजरायल की i24 News ने एक अमीराती सूत्र के हवाले से दावा किया कि ओमानी को-पायलट के सामान से ‘फ्री फिलिस्तीन’ ग्रुप्स के पर्चे और अन्य फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिली थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पायलट कथित तौर पर कई बार फिलिस्तीनियों के समर्थन और इजरायल के विरोध की बात करता था। इन दावों की जांच की जा रही है और इन्हें अभी अंतिम जांच निष्कर्ष नहीं माना गया है।
को-पायलट के कट्टरपंथी विचारों की भी जांच
घटना की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि क्या सह-पायलट किसी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था और क्या हमले के पीछे आतंकवादी मकसद था। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि आरोपी ने ‘कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा की ट्रेनिंग’ हासिल की थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच जारी है और हमले के पीछे किसी बाहरी संगठन की भूमिका को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
नेतन्याहू बोले- ‘हमलावर ने कहा था, मुझे मार दो’
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने फॉक्स एंड फ्रेंड्स से बातचीत में कॉकपिट के अंदर के घटनाक्रम की जानकारी दी। उनके मुताबिक, हमलावर को काबू करने के लिए क्रू सदस्यों ने ईयरफोन की तारों और प्लास्टिक कफ का इस्तेमाल किया। नेतन्याहू ने कहा कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और इजरायली जांचकर्ता भी इसमें शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि हमलावर फर्श पर लेटकर बार-बार ‘मुझे मार दो, मुझे मार दो’ कह रहा था।
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही थी फ्लाइट
यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। इसी दौरान कॉकपिट में सह-पायलट ने कमांडर कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा। शुरुआती रिपोर्टों में करीब 16 हजार फीट की ऊंचाई कम होने की बात सामने आई है। इसके बाद विमान से हाईजैकिंग संबंधी इमरजेंसी सिग्नल भेजा गया।
गंभीर चोट के बावजूद स्मित ने संभाला मोर्चा
हमले में कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद फ्लाइट क्रू और कुछ यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू किया। विमान में मौजूद दो ऐसे पायलट भी थे जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे। उन्होंने विमान को संभालने में मदद की और बाद में सऊदी अरब के तबूक में इसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई। (ANI से इनपुट्स के साथ)
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