कोलकाता9 मिनट पहले
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2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी को चोट लगी थी।
बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीन अस्पतालों को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस 2021 के उनके मेडिकल रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने से जुड़ा है। ममता ने पूछा है कि ये दस्तावेज पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी तक कैसे पहुंचे।
यह नोटिस 5 अक्टूबर को नंदीग्राम में शुरू हुए नए राजनीतिक विवाद के बीच भेजा गया है। ममता ने नोटिस में पूछा है कि मेडिकल रिकॉर्ड जारी करने से पहले उनकी सहमति ली गई थी या नहीं।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या दस्तावेज जारी करने के लिए किसी अदालत ने आदेश दिया था। रिकॉर्ड का इस्तेमाल किसलिए हुआ। किन परिस्थितियों में इसे दिया गया, इसकी जानकारी मांगी गई है।
साथ ही, यह भी बताने को कहा गया है कि सार्वजनिक किए गए दस्तावेज मूल मेडिकल रिकॉर्ड थे या नहीं। इसकी एक कॉपी स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को भी भेजी गई है।

ममता बनर्जी को 2021 में पूरे विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पैर में प्लास्टर लगाए हुए देखा गया था।
बंगाल मुख्यमंत्री ने जांच करवाने की घोषणा की
यह विवाद 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान नंदीग्राम में ममता बनर्जी को लगी चोट से जुड़ा है। चोट लगने के बाद ममता ने व्हीलचेयर पर चुनाव प्रचार किया था। उस समय सुवेंदु अधिकारी BJP नेता थे। वह नंदीग्राम में ममता बनर्जी के चुनावी प्रतिद्वंद्वी भी थे।
3 अक्टूबर को अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता ने चुनाव प्रचार के दौरान अपनी चोट को लेकर झूठे दावे किए थे। उन्होंने इसे लेकर जांच कराने की घोषणा की है।

अधिकारी ने कहा, “2021 में मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि उनका अपमान किया गया और उनका पैर टूट गया। हालांकि, उस समय बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज की रिपोर्ट में कोई फ्रैक्चर नहीं बताया गया था।”
उन्होंने कहा, “CID इस मामले की जांच कर रही है। हम झूठे प्रचार की नई जांच कराएंगे। इसकी जानकारी 9 अक्टूबर के बाद दी जाएगी।”
36 साल में सार्वजनिक सभा-प्रदर्शनों में 9 बार चोटिल हो चुकीं ममता
- 16 अगस्त 1990: कोलकाता के हाजरा चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान उनके सिर पर हमला हुआ; खोपड़ी में फ्रैक्चर और सिर में गंभीर चोट लगी, 18 टांके लगाए गए।
- 21 जुलाई 1993: राइटर्स बिल्डिंग मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में उन्हें चोट लगी और अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
- 2006–07: सिंगूर-नंदीग्राम आंदोलन के दौरान कई मौकों पर उनके काफिले पर हमले हुए और रोकने की कोशिश हुई। इस दौरान चोट/हमले हुए थे।
- 2010: लालगढ़ से लौटते समय उनके काफिले की एक कार को ट्रक ने टक्कर मारी; ममता ने इसे जानबूझकर किया गया हमला बताया था।
- 10 मार्च 2021, नंदीग्राम: चुनाव प्रचार के दौरान बाएं पैर में चोट लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया; उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें धक्का दिया गया।
- 27 जून 2023: खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान उनके बाएं घुटने और बाएं कूल्हे में लिगामेंट चोट लगी; बाद में घुटने की माइक्रोसर्जरी भी हुई।
- 24 जनवरी 2024: बर्धमान से लौटते समय उनकी कार को अचानक ब्रेक लगाना पड़ा; उन्हें हल्की चोट लगी।

SSKM अस्पताल में ममता का इलाज हुआ था, उनके माथे पर ड्रेसिंग की गई थी।
- 14 मार्च 2024: कोलकाता स्थित घर में गिरने से उनके माथे और नाक पर चोट लगी; माथे पर 3 और नाक पर 1 टांका लगाया गया।
- 27 अप्रैल 2024: हेलिकॉप्टर में चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया और वे गिर गईं; यह भी चोट लगने की घटनाओं में दर्ज है।
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