Rasik Dulari Sharan CCTV Footage | ACTPnews

रसिक दुलारी कमरे से निकलते और गैलरी में लड़खड़ाते हुए चलते दिखाई दे रहे हैं।


वृंदावन में संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण का सुसाइड से पहले का चौथा वीडियो सामने आया है। इसमें वे कमरे से निकलकर सीढ़ियों की तरफ जाते दिख रहे हैं। उन्होंने सफेद रंग का हाफ कुर्ता और पीले रंग की धोती पहन रखी है।

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25 साल के रसिक दुलारी लड़खड़ाते और धोती को ठीक करते हुए गैलरी की तरफ धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। देखने से ऐसा लग रहा है कि जैसे उनके पैर या शरीर में कहीं चोट लगी है। वे 19 कदम चलते हैं, फिर सीढ़ियों पर चढ़ने के लिए गैलरी से दूसरी तरफ मुड़ जाते हैं।

रसिक दुलारी शरण ने 25 सितंबर की सुबह केली कुंज ट्रस्ट की बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। 26 सितंबर को यमुना किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया। पिछले 9 दिनों में उनके चारों वीडियो सामने आए हैं।

CCTV फुटेज कहां से और कौन जारी कर रहा है, भास्कर के इस सवाल पर पुलिस ने बताया कि जांच की जा रही है। इस मामले में केली कुंज आश्रम से जुड़े 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।

रसिक दुलारी कमरे से निकलते और गैलरी में लड़खड़ाते हुए चलते दिखाई दे रहे हैं।

अब जानिए चार VIDEO के बारे में…

पहला वीडियो: रसिक दुलारी शरण की आत्महत्या का पहला वीडियो 27 सितंबर को सामने आया। इसमें दिख रहा कि रसिक दुलारी शरण 40 फीट ऊंचाई से अचानक सड़क पर पैरों के बल गिरते हैं। सिर जमीन से टकराता है और फट जाता है। वह तड़पने लगते हैं।

सड़क पर खून फैलने लगता है। इसी दौरान वहां से दो साइकिल सवार गुजर रहे होते हैं। इनमें से एक पीले कपड़े पहने शिष्य था। दोनों यह दृश्य देखकर सहम जाते हैं। इसके अलावा पानी की सप्लाई करने वाली गाड़ी भी उसी समय वहां पहुंचती है।

ये वीडियो 27 सितंबर को सामने आया था वीडियो में रसिक दुलारी छत से गिरते दिखाई दिए थे।

ये वीडियो 27 सितंबर को सामने आया था वीडियो में रसिक दुलारी छत से गिरते दिखाई दिए थे।

दूसरा वीडियो: 3 अक्टूबर को सामने आए दूसरे वीडियो में दिख रहा कि रसिक दुलारी शरण छत की बाउंड्री वॉल पर बैठे हुए हैं। 6 सेकेंड बाद फर्श पर लेट जाते हैं। अचानक उठते हैं और बाउंड्री से छलांग लगा देते हैं। शोर सुनकर दूसरा शिष्य दौड़ता हुआ पहुंचता है। नीचे झांककर देखता है।

ये वीडियो 3 अक्टूबर को आया था। इसमें दिख रहा है कि वह अचानक फर्श से उठते हैं और बाउंड्री वॉल से छलांग लगा देते हैं।

ये वीडियो 3 अक्टूबर को आया था। इसमें दिख रहा है कि वह अचानक फर्श से उठते हैं और बाउंड्री वॉल से छलांग लगा देते हैं।

तीसरा वीडियो: 4 अक्टूबर को सामने आए 33 सेकंड के तीसरे वीडियो में रसिक दुलारी शरण सीढ़ियों से चढ़ते हुए छत पर जाते हुए दिख रहे हैं। उनकी धोती पर खून के निशान दिखाई दे रहे हैं। सीढ़ियों पर चढ़ते वक्त ऐसा लग रहा कि उनको चलने में थोड़ी दिक्कत हो रही।

4 अक्टूबर को आए वीडियो में रसिक दुलारी शरण छत की ओर जाते हुए दिख रहे। ऐसा लग रहा कि उनको चलने में दिक्कत हो रही।

4 अक्टूबर को आए वीडियो में रसिक दुलारी शरण छत की ओर जाते हुए दिख रहे। ऐसा लग रहा कि उनको चलने में दिक्कत हो रही।

चौथा वीडियो: 5 अक्टूबर को 12 सेकेंड का वीडियो सामने आया। इसमें रसिक दुलारी कमरे से बाहर निकलते दिख रहे हैं। उन्होंने सफेद रंग का हाफ कुर्ता और पीले रंग की धोती पहनी हुई है। माथे पर सफेद रंग का चंदन लगा रखा है। उन्होंने पैरों में चप्पल या खड़ाऊ भी नहीं पहनी हुई है। वह लड़खड़ाते हुए और कपड़े ठीक करते हुए धीरे-धीरे चल रहे हैं। फिर सीढ़ियों पर चढ़ने के लिए गैलरी से दूसरी तरफ मुड़ जाते हैं।

ये वीडियो 5 अक्टूबर का है। रसिक दुलारी बिना चप्पल और खड़ाऊ के सीढ़ियों की तरफ जाते दिखाई दे रहे हैं।

ये वीडियो 5 अक्टूबर का है। रसिक दुलारी बिना चप्पल और खड़ाऊ के सीढ़ियों की तरफ जाते दिखाई दे रहे हैं।

कृपा कुंज बिल्डिंग में 3 महीने से रह रहे थे

रसिक दुलारी वृंदावन के वाराह घाट इलाके की 4 मंजिला गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग में 3 महीने से रहते थे। बिल्डिंग की छत से कूदकर उन्होंने जान दे दी थी। पुलिस के मुताबिक, रसिक दुलारी शरण को गंभीर हालत में सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया था कि रसिक दुलारी के प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। कमरे में एक ग्राइंडर मिला है, जिस पर खून लगा था। आशंका है कि शिष्य ने ग्राइंडर से प्राइवेट पार्ट को नुकसान पहुंचाया था।

25 सितंबर को रसिक दुलारी ने छत से कूदकर जान दे दी थी।

25 सितंबर को रसिक दुलारी ने छत से कूदकर जान दे दी थी।

पोस्टमॉर्टम में प्राइवेट पार्ट पर कट के निशान

26 सितंबर को रसिक दुलारी शरण दास का पोस्टमॉर्टम दो डॉक्टरों के पैनल ने किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर पर सिर, पैर और कमर में चोट के निशान मिले। इसके अलावा प्राइवेट पार्ट पर भी कट के निशान पाए गए।

दो साल पहले ली थी प्रेमानंद महाराज से दीक्षा

रसिक दुलारी शरण मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। वह करीब दो साल पहले वृंदावन आए थे और प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके बाद उन्होंने अपना नाम दीपक लोधी से बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया।

वह बिजली का काम जानते थे। इसलिए आश्रम में उन्हें इसी सेवा से जोड़ा गया था। दीपक दो भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर पर थे। उनसे बड़ी एक बहन हैं, जबकि छोटे भाई का नाम मनीष है।

26 सितंबर को पोस्टमॉर्टम होने के बाद परिजनों ने यमुना किनारे रसिक दुलारी का अंतिम संस्कार किया था।

26 सितंबर को पोस्टमॉर्टम होने के बाद परिजनों ने यमुना किनारे रसिक दुलारी का अंतिम संस्कार किया था।

मां ने कहा- मिलने नहीं दिया जाता था

बेटे की मौत की सूचना पर पहुंचीं रसिक दुलारी की मां लौंग बाई ने कहा कि दो साल पहले उनकी बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। उन्हें सूचना मिली कि बेटा गिर गया है, जिसके बाद वे आनन-फानन में वृंदावन पहुंचीं। उन्होंने कहा कि वह पहले भी बेटे से मिलने आई थीं, लेकिन उन्हें मुलाकात नहीं करने दी गई। उन्होंने कहा कि भगवान दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

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संत प्रेमानंद महाराज के साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के मामले में परिवार ने कई सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि दीपक आत्महत्या नहीं कर सकता था। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पूरी खबर पढ़ें



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